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World Heart Day: हृदय रोगों से कम उम्र में मौत का जोखिम होगा कम, वैज्ञानिकों ने बताया इसका सबसे कारगर तरीका

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 29 Sep 2022 12:05 AM IST
कम उम्र में मृत्यु का जोखिम हो सकता है कम
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हृदय रोग हो या डायबिटीज, ऐसी कई गंभीर और क्रोनिक बीमारियों ने कम उम्र में ही मौत के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों से पता चलता है कि इसमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण होने वाली मौत का जोखिम सबसे अधिक देखा गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर इन बीमारियों का जोखिम उम्र बढ़ने के साथ देखा जाता रहा था हालांकि पिछले कुछ वर्षों में यह कम उम्र के लोगों को न सिर्फ अपना शिकार बना रही है, साथ ही मौत का कारण भी बनती जा रही है। इस बढ़ते खतरे से बचाव का उपाय ढूंढ रहे वैज्ञानिकों की टीम ने हालिया अध्ययन में बड़ा दावा किया है। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा जारी एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर लाइफस्टाइल में सुधार कर लिया जाए तो इस तरह के जोखिमों को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि सप्ताह में 150 मिनट का मध्यम स्तरीय व्यायाम न सिर्फ आपमें हृदय रोग-डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है, साथ ही यह कम उम्र में ही मौत के जोखिम से आपको बचाने में भी कारगर उपाय है।

हालिया अध्ययन में जीवनशैली में इस एक बदलाव के कई फायदे देखे गए हैं। आइए इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं। 
शारीरिक गतिविधियों से कम होता है रोगों का खतरा
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शारीरिक गतिविधि से कम होता है मृत्यु का जोखिम

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के निर्देशन में किए गए इस शोध में वैज्ञानिकों ने दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करने पर विशेष जोर दिया है। 30 वर्षों तक 1.16 लाख से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए इस शोध में पाया गया कि बढ़ती क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में शारीरिक गतिविधियां विशेष लाभकारी हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि ध्यान दिया जाना चाहिए कि हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं, यह 30% से अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। शरीर को सक्रिय रखने की आदत हृदय रोग के कारण होने वाले मौत के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है।
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नियमित व्यायाम की आदत बनाने से मिलता है लाभ
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क्या कहता है अध्ययन?

अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि मध्यम अवधि में भी शारीरिक गतिविधि कम उम्र में सभी कारणों से होने वाली मौतों के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकती है। वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि इस समय में तेजी से बढ़ रही ज्यादातर बीमारियों के लिए शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है। इस आधार पर शोध में पाया गया है कि अगर युवाओं को नियमित व्यायाम के प्रति प्रेरित किया जाए तो इससे उन्हें बड़े खतरे से बचाने में मदद मिल सकती है। 
हृदय रोग के कारण मौत के खतरा कैसे कम करें?
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पहले के भी अध्ययनों में शारीरिक सक्रियता पर दिया जाता रहा है जोर

इससे पहले भी कई अध्ययनों में वैज्ञानिक हृदय रोग के कारण मौत के खतरे से बचाव के लिए व्यायाम की आवश्यकताओं पर जोर देते रहे हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के सर्कुलेशन जर्नल में प्रकाशित साल 2003 के एक अध्ययन ने भी गतिहीन जीवनशैली को हृदय रोगों के लिए बड़े खतरे के रूप में वर्गीकृत किया था।

शोधकर्ताओं ने बताया कि गतिहीन जीवनशैली हृदय रोग के लिए 5 प्रमुख जोखिम कारकों (उच्च रक्तचाप, ब्लड लिपिड की असामान्यता, धूम्रपान और मोटापा) में से एक है। वैज्ञानिकों की टीम ने इस अध्ययन में बताया कि व्यायाम का मतलब आवश्यक नहीं है कि जिम ही जाएं इसके लिए गोल्फ खेलना,बागवानी, साइकिलिंग, तैराकी जैसे अभ्यास भी फायदेमंद हो सकते हैं।
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हृदय की सेहत का रखें ख्याल
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अध्ययन का निष्कर्ष

अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं की टीम ने बताया- हमारे परिणाम बताते हैं कि दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि को शामिल करने से कम उम्र में अनेक कारणों से मृत्यु के जोखिम को 21% तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा विशेषकर हृदय रोगों के जोखिम से बचाव के लिए तंबाकू, नमक के अधिक सेवन से परहेज करने की आवश्यकता है। जिस प्रकार से युवाओं में हृदय रोगों का जोखिम बढ़ता जा रहा है, इस खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को बचाव के उपाय करते रहने चाहिए, भले ही आप स्वस्थ हों। 



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स्रोत और संदर्भ
"Long-Term Leisure-Time Physical Activity Intensity and All-Cause and Cause-Specific Mortality: A Prospective Cohort of US Adults

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