हार्ट अटैक के बढ़ते मामले काफी चिंताजनक बने हुए हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन को भी हाल ही में दिल का दौरा पड़ा, फिलहाल वह ठीक हैं। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर अपने स्वास्थ्य की जानकारी शेयर करते हुए बताया-
Sushmita Sen Heart Attack: दिल का दौरा पड़ने के बाद हुई एंजियोप्लास्टी, जानिए क्या होती है ये प्रक्रिया?
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एंजियोप्लास्टी के बारे में जानिए
एंजियोप्लास्टी, कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण अवरुद्ध धमनियों को खोलने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया, बिना ओपन हार्ट सर्जरी के भी हृदय की मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह को सुचारू करने में मदद करती है। दिल का दौरा पड़ने जैसी आपातकालीन स्थिति में एंजियोप्लास्टी की जाती है। एंजियोप्लास्टी को पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन (पीसीआई) भी कहा जाता है।
एंजियोप्लास्टी के लिए, एक लंबी-पतली ट्यूब (कैथेटर) को एक रक्त वाहिका में डाला जाता है और मशीनों के माध्यम से अवरुद्ध कोरोनरी आर्टरीज की ओर भेजा जाता है। कैथेटर के सिरे पर एक छोटा सा गुब्बारा होता है। कैथेटर लगाने के बाद, गुब्बारा हृदय धमनी के संकुचित क्षेत्र में फुलाया जाता है। यह आगे बढ़ते हुए रक्त के थक्के को धमनी के किनारों पर दबाता है, जिससे रक्त प्रवाह के लिए अधिक जगह बनती जाती है।
कोरोनरी स्टेंट की क्यों पड़ती है जरूरत?
दिल का दौरा पड़ने के बाद अधिकतर मामलों में एंजियोप्लास्टी के बाद कोरोनरी स्टेंट का उपयोग किया जाता है। यह धातु के जाल का तार होता है, जो धमनियों को फिर से खुलने और बंद होने में मदद करता है। ये ब्लॉकेज को खोलने और रक्त के संचार को सुचारू तरीके से जारी रखने में मदद करती है।
स्टेंट्स पर दवा की कोटिंग भी होती है, जो स्टेंट के भीतर कोशिकाओं को बनने से रोकती है। अधिकतर मामलों में स्टेंट की मदद से हार्ट अटैक के बाद रोगी स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
एंजियोप्लास्टी-स्टेंट के बाद क्या करें?
एंजियोप्लास्टी-स्टेंटिंग के बाद हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कुछ बातों पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है।
- अपने कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कम करें।
- स्वस्थ आहार लें जिसमें संतृप्त वसा की मात्रा कम हो।
- वजन को कंट्रोल में रखें।
- नियमित स्तर पर हल्के व्यायाम करें।
- धूम्रपान छोड़ें इससे जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।