Thyroid Disease: थायरॉइड की समस्या हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है, ये शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है। ये एक ऐसी बीमारी है, जिसे अक्सर हम बड़ों की समस्या मान लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये बीमारी बच्चों को भी हो सकती है?
सेहत की बात: क्या बच्चों को भी होती है थायरॉइड की बीमारी? आपके बच्चे में भी तो नहीं हैं ऐसे कोई लक्षण
- बच्चों में थायराइड क्यों होता है और इसके क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
- जब बात बच्चों में भी थायरॉइड की समस्या को हो तो इसके अधिकतर मामले जन्मजात देखे जाते हैं, ये बाद में भी विकसित हो सकती है।
थायरॉइड और इसके जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, थायरॉइड एक तितली के आकार की ग्रंथि है जो गले के आगे की ओर स्थित होती है। यह ग्रंथि कई महत्वपूर्ण हार्मोन्स बनाती है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने के लिए जरूरी हैं। जब ये हार्मोन कम या ज्यादा बनने लगते हैं, तो थायरॉइड की समस्या उत्पन्न होती है।
जब बात बच्चों में भी थायरॉइड की समस्या को हो तो इसके अधिकतर मामले जन्मजात देखे जाते हैं, ये बाद में भी विकसित हो सकती है।
बच्चों में थायरॉइड की पहचान कैसे करें?
थायरॉइड के लक्षण बच्चों में उम्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। सभी माता-पिता को इसपर ध्यान देते रहना जरूरी है। बच्चों में हाइपोथायरायडिज्म (हार्मोन्स का उत्पादन कम होने) के कारण आमतौर पर कब्ज, त्वचा में सूखापन, थकान, अधिक ठंड लगने, बालों के झड़ने, अनियमित मासिक धर्म (लड़कियों में), याददाश्त या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्या अधिक देखी जाती रही है।
यदि इस तरह की दिक्कतें आपके बच्चों को भी हो रही हैं तो समय रहते डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच करा लें।
बच्चों को इस रोग से कैसे बचाएं
कुछ बातों का ध्यान रखकर आप बच्चों को थायरॉइड की समस्या से बचा सकते हैं। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर नवजात स्क्रीनिंग टेस्ट कराएं। जन्म के तुरंत बाद TSH और T4 की जांच कराना ये पता करने में मदद करता है कि कहीं बच्चे को जन्मजात ये समस्या तो नहीं है।
- आयोडीन युक्त नमक का सेवन कराएं, आयोडीन थायरॉइड के ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए जरूरी है।
- बच्चे के विकास और व्यवहार पर नजर रखें , कोई असामान्यता दिखे तो डॉक्टर से जांच कराएं।
- परिवार में पहले से किसी की थायरॉइड की समस्या रही हो विशेष सावधानी बरतें।
- बच्चों को संतुलित और पोषक आहार (विटामिन ए-डी, आयरन) से भरपूर आहार दें।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, थायरॉइड की समस्या बच्चों में भी गंभीर रूप ले सकती है, लेकिन समय रहते पहचान और इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। नवजात की जांच से लेकर सही आहार और जीवनशैली तक, हर कदम पर सतर्कता जरूरी है। यदि आपका बच्चा सुस्त रहता है, ठीक से विकास नहीं कर रहा या पढ़ाई में पिछड़ रहा है, तो इसे 'आलस' या 'धीमा स्वभाव' समझने की बजाय एक बार डॉक्टर से मिलकर थायरॉइड टेस्ट जरूर करवाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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