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Tinnitus: कान में अचानक सीटी बजने लगे तो क्या करें? इस दौरान ये गलतियां बढ़ा देती हैं बहरे होने का जोखिम

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Sat, 24 Jan 2026 07:48 PM IST
सार

Tinnitus Symptoms And Causes: कान में अचानक सीटी बजना वैसे तो एक आम समस्या है, लेकिन अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया गया तो स्थिति गंभीर भी हो सकती है। अब बात ध्यान देने वाली है वो ये कि ऐसी स्थिति कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कुछ गलतियां ऐसी होती हैं जो हमेशा के लिए बहरा बना सकती हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Tinnitus Guide Immediate Steps if Your Ears Start Ringing and Mistakes to Avoid Hearing Loss
कम सुनाई देने की समस्या - फोटो : Freepik.com

Kan me Siti Bajne Par Kya Karen: कानों में अचानक सीटी जैसी आवाज आना, घंटी बजना या 'हिसिंग' की आवाज सुनाई देना एक ऐसी स्थिति है जिसे हेल्थ एक्सपर्ट्स टिनिटस कहते हैं। अक्सर लोग इसे थकान या सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह आपके कान के भीतर मौजूद नाजुक नसों और 'कोक्लीया' की कोशिकाओं में क्षति का एक गंभीर संकेत हो सकता है। 



जब कान के बाहरी हिस्से से कोई आवाज नहीं आ रही होती, फिर भी दिमाग के अंदर आपको शोर सुनाई देता है, तो यह आपकी सुनने की क्षमता के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। टिनिटस अपने में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह किसी अंतर्निहित समस्या जैसे कि सुनने की शक्ति का कम होना, कान में संक्रमण, या ब्लड सर्कुलेशन में गड़बड़ी का एक लक्षण है।

अगर इस दौरान सही सावधानी न बरती जाए और कुछ सामान्य गलतियां की जाएं, तो यह स्थिति स्थायी बहरेपन में बदल सकती है। इसलिए कान में होने वाली किसी भी असामान्य आवाज को गंभीरता से लेना और समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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कम सुनाई देने की समस्या - फोटो : Freepik.com

कान में आवाज आने पर कौन-सी गलतियां सबसे ज्यादा खतरनाक हैं?
टिनिटस महसूस होने पर अक्सर लोग घबराहट में कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो स्थिति को बिगाड़ देती हैं-

  • कान में कुछ डालना: तेल, लकड़ी या इयरबड्स का उपयोग कान के परदे और अंदरूनी नसों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।
  • तेज आवाज के संपर्क में रहना: इयरफोन का उपयोग या शोर-शराबे वाली जगह पर जाना क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को और अधिक नष्ट कर देता है।
  • इलाज में देरी: यह सोचना कि "अपने आप ठीक हो जाएगा," संक्रमण को फैलने का मौका देता है।

 

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कान - फोटो : Adobe Stock Images

टिनिटस होने के पीछे मुख्य चिकित्सीय कारण क्या हो सकते हैं?
टिनिटस के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें कान में वैक्स का जमना सबसे सामान्य है। इसके अलावा लंबे समय तक तेज संगीत सुनना, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव और उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता कम होना इसके मुख्य कारण हैं। कभी-कभी एस्पिरिन जैसी कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव भी कान में सीटी बजने का कारण बनता है। यह संकेत देता है कि आपके मस्तिष्क और कान के बीच का संपर्क बाधित हो रहा है।


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युवाओं में बढ़ती बहरेपन की समस्या - फोटो : Adobe stock photos

सीटी बजने की समस्या से राहत पाने के लिए तुरंत क्या कदम उठाएं?
अगर कान में आवाज आ रही है, तो शांत स्थान पर बैठें और चिंता कम करने की कोशिश करें, क्योंकि मानसिक तनाव आपकी समस्या को बढ़ा देती है। अगर रिलैक्स होने के बाद भी कान की सीटी लगातार बजते जा रही है तो जल्द से जल्द किसी 'ईएनटी' विशेषज्ञ से मिलें और अपनी सुनने की क्षमता की जांच कराएं। नमक और कैफीन का सेवन कम करें, क्योंकि ये कान में खून के दबाव को प्रभावित कर सकते हैं।

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इयर केयर - फोटो : Adobe Stock
सतर्क रहना जरूरी
टिनिटस एक चेतावनी है जिसे नजरअंदाज करना आपके सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यह खबर इसलिए जरूरी है क्योंकि कानों की सुरक्षा अक्सर हमारी प्राथमिकता में नहीं होती। अपनी जीवनशैली में सुधार करें, शोर से बचें और कान की किसी भी समस्या को हल्के में न लें, जैसे ही परेशानी शुरु हो तुरंत इससे जुड़ी सभी सावधानी बरतें, और आराम न होने पर ईएनटी स्पेशलिस्ट से परामर्श लें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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