अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार के सेवन को सबसे आवश्यक माना जाता है। जब बात महिलाओं के सेहत की होती है, तो इसपर और भी गंभीरता से ध्यान देना जरूरी हो जाता है। महिलाओं में आयरन की कमी यानी एनीमिया की समस्या होना काफी आम है, भारतीय महिलाओं में इसका खतरा और भी ज्यादा देखा जाता रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि देश में 57% से अधिक महिलाओं को एनीमिया की दिक्कत है। शरीर में आयरन की कमी को एनीमिया कहा जाता है।
Iron Deficiency: महिलाओं की ये आम गलतियां खामोशी से बढ़ रही हैं एनीमिया का खतरा, हो जाइए सावधान
महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) एक आम लेकिन गंभीर समस्या है, कई बार इसकी वजह बड़ी बीमारी नहीं बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलतियां होती हैं। अगर समय रहते इन आदतों को न सुधारा जाए, तो कमजोरी, थकान जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
महिलाओं में आयरन की कमी के मुख्य कारण
डॉक्टर कहते हैं, महिलाओं में आयरन की कमी का सबसे बड़ा कारण मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव माना जाता है। हर महीने खून की कमी होने से शरीर का आयरन स्टोर धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।
- इसके अलावा खानपान में पोषक तत्वों की कमी से भी एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
- हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, गुड़, चुकंदर और आयरन युक्त खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में न लेने से शरीर को जरूरी आयरन नहीं मिल पाता।
- लंबे समय तक आयरन की कमी रहने से अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, बाल झड़ना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
आइए जानते हैं कि आपकी कौन सी आदतें इस खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं?
गड़बड़ तो नहीं है आपका खानपान
आजकल महिलाएं वजन घटाने या बिजी लाइफस्टाइल के कारण भोजन कम करती हैं। यह आदत सीधे तौर पर आयरन की कमी का कारण बन सकती है।
- हरी पत्तेदार सब्जियों, दालों, साबुत अनाज, सूखे मेवे और कुछ फलों से आयरन मिलता है।
- लंबे समय तक लो कैलोरी और कम वाली डाइट लेने से महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से गिरता है।
- गड़बड़ खानपान के कारण एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
ज्यादा चाय और कॉफी पीने की आदत नुकसानदायक
दिनभर में बार-बार चाय और कॉफी पीने की आदत भी आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।
- चाय और कॉफी में मौजूद टैनिन और कैफीन आयरन के अवशोषण को कम कर देते हैं।
- अध्ययनों के अनुसार, भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से आयरन का अवशोषण 40-60 प्रतिशत तक घट सकता है।
- जो महिलाएं पहले से आयरन की कमी से जूझ रही हैं हैं, उनके लिए यह आदत और ज्यादा नुकसानदेह साबित होती है।
मासिक धर्म की अनदेखी और समय पर जांच न कराना
कई महिलाएं हैवी पीरियड्स को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। लगातार ज्यादा रक्तस्राव होना आयरन की कमी का बड़ा कारण है।
- हर महीने जरूरत से ज्यादा खून निकलने पर शरीर में आयरन की मात्रा कम होने लगती है।
- यदि समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच न कराई जाए, तो एनीमिया धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, जिन महिलाओं को लंबे समय तक हैवी या अनियमित पीरियड्स रहते हैं, उनमें एनीमिया का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
थकान और कमजोरी को नजरअंदाज करना ठीक नहीं
महिलाएं अक्सर अपनी सेहत को कम प्राथमिकता देती हैं। लगातार थकान, सांस फूलना, चक्कर आना या बाल झड़ना जैसे लक्षणों को वे घरेलू काम या तनाव का असर मानकर टाल देती हैं। ये एनीमिया के शुरुआती और अहम संकेत होते हैं। शुरुआती स्टेज में पहचान हो जाए तो एनीमिया को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। लक्षणों को नजरअंदाज करने की आदत से आयरन की कमी बढ़ती जाती है और समस्या गंभीर हो जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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