मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीरता से ध्यान देना और इसे ठीक रखना मौजूदा समय की प्रमुख आवश्यकताओं में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाल के वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कई तरह की दिक्कतें तेजी से बढ़ती हुई देखी जा गई हैं। बड़ी संख्या में युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। यह निश्चित ही गंभीर विषय है। हालांकि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षणों के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है। हर बार लो फील करना डिप्रेशन ही नहीं होता है।
Stress & Weakness: कुछ दिनों से हो रहा है लो फील? ये डिप्रेशन है या फिर कुछ और, यहां जानिए
डिप्रेशन या अवसाद, गंभीर मनोदशा विकार है जिसमें लगातार उदासी और काम में मन न लगने, सुस्ती लगने और नकारात्मक विचारों के आते रहने की समस्या हो सकती है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है, जिसका समय पर निदान और इलाज बहुत आवश्यक होता है।
हर बार उदासी का मतलब डिप्रेशन नहीं
किसी प्रियजन की मृत्यु, नौकरी छूट जाने या किसी रिश्ते के टूटने पर आपको नकारात्मकता और जीवन से संबंधित कई तरह की कठिनाइयों का अनुभव हो सकता है। लेकिन उदास होना डिप्रेशन होने जैसा नहीं है।
- चिंता-तनाव की स्थिति लंबे समय तक बने रहना, मस्तिष्क में रसायनिक बदलाव और कुछ अन्य परिस्थितियां डिप्रेशन के खतरे को बढ़ाने वाली होती हैं।
आइए जानते हैं कि डिप्रेशन में किस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं जिसके आधार पर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है?
डिप्रेशन की क्या पहचान है?
डिप्रेशन आपके मनोदशा को प्रभावित करने वाली स्थिति होती है, जिसके लक्षण आपके व्यवहार और मानसिक स्थिति को गंभीर तौर पर प्रभावित कर सकते हैं।
- अक्सर उदास महसूस करना, समय के साथ इसके लक्षणों का बिगड़ते जाना।
- पहले आनंद वाली गतिविधियों में अब रुचि न होना।
- भूख न लगना, वजन कम होना।
- सोने में परेशानी या बहुत ज्यादा नींद आना।
- ऊर्जा की कमी या बहुत अधिक थकान होना।
- खुद को बेकार या दोषी महसूस करना।
- सोचने, ध्यान केंद्रित करने या निर्णय लेने में कठिनाई।
- मृत्यु या आत्महत्या के विचार आना।
समय पर डॉक्टरी सलाह और इलाज जरूरी
यदि आपको लंबे समय तक इस तरह की दिक्कतें महसूस हो रही हैं तो अपने चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें। किसी मित्र या प्रियजन से अपनी समस्याओं के बारे में बताएं जिससे स्थिति का समय रहत अंदाजा लगाया जा सके।
अवसाद एक गंभीर विकार है जो आप और आपके परिवार पर गंभीर नकारात्मक असर डाल सकता है। अगर इसका इलाज न किया जाए तो डिप्रेशन बदतर हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप भावनात्मक, व्यवहारिक और शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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