कई अध्ययन इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर आपकी इम्युनिटी ठीक है तो कई बीमारियों का खतरा टल सकता है। विशेषतौर पर वायरस, बैक्टीरिया और दूसरे संक्रमणों के कारण होने वाली दिक्कतों से आप काफी हद तक बचे रह सकते हैं। हालांकि चिंताजनक रूप से जिस तरह से हमारी लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, इसने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। यही वजह है कि अब लोगों में बार-बार सर्दी-जुकाम, थकान, संक्रमण और कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
Immunity Booster: विटामिन-सी या फिर विटामिन-डी? इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कौन सबसे ज्यादा जरूरी
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए कौन सा विटामिन सबसे जरूरी है? विटामिन-सी या फिर विटामिन-डी? अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो आइए जवाब जान लेते हैं।
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इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना जरूरी
इम्यून सिस्टम शरीर का सुरक्षा कवच होता है। ये शरीर में प्रवेश करने वाले वायरस, बैक्टीरिया और दूसरे हानिकारक तत्वों को पहचानकर खत्म करने का काम करते हैं। यदि शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते तो इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ सकता है।
- मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है, विटामिन-सी शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है।
- वहीं विटामिन-डी इम्यून सेल्स को एक्टिव करने और सूजन को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है।
जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है, उनमें संक्रमण और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा हो सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार केवल सप्लीमेंट लेने से इम्युनिटी मजबूत नहीं होती, इसके लिए संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद, व्यायाम और सही पोषक तत्वों का संतुलन जरूरी होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इम्युनिटी मजबूत करने के लिए विटामिन-सी और डी दोनों ही जरूरी हैं। दोनों के अलग-अलग काम हैं, इसलिए किसी एक की भी कमी आपकी सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है।
विटामिन-सी इम्युनिटी के लिए जरूरी
विटामिन-सी को सेहत के लिए जरूरी माना जाता है, इसे इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है।
- यह पानी में घुलने वाला विटामिन है, जो शरीर में स्टोर नहीं होता इसलिए रोजाना इसकी जरूरत पड़ती है।
- विटामिन-सी शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे शरीर संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।
- विटामिन-सी एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट भी है, जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करता है।
अध्ययनों में पाया गया है कि पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी लेने से सर्दी-जुकाम की अवधि कुछ हद तक कम हो सकती है।
विटामिन-डी से मजबूत होती है बीमारियों से लड़ने की क्षमता
धूप के संपर्क में आने से विटामिन-डी का निर्माण होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन-डी केवल हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि इम्युनिटी के लिए भी बेहद जरूरी है।
- विटामिन-डी शरीर की टी-सेल्स और दूसरे इम्यून सेल्स को एक्टिव करने में मदद करता है।
- ये सेल्स वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- विटामिन-डी इंफ्लेमेशन को नियंत्रित करने में भी मदद करता है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया संतुलित रहती है।
जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है, उनमें श्वसन संक्रमण, फ्लू और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। घर के अंदर ज्यादा रहने वाले लोगों और धूप कम लेने वालों में इसकी कमी ज्यादा देखी जाती है।
कैसे करें इन पोषक तत्वों की पूर्ति?
शरीर में विटामिन- सी और डी की पूर्ति के लिए खानपान और लाइफस्टाइल को ठीक रखना जरूरी है।
- खट्टे फलों को विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माना जाता है। संतरा, आंवला, नींबू, अमरूद, शिमला मिर्च और स्ट्रॉबेरी विटामिन-सी के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।
- विटामिन-डी के लिए अंडे की जर्दी, फैटी फिश, मशरूम और फोर्टिफाइड डेयरी प्रोडक्ट्स खाने की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।