आर्थराइटिस (गठिया) अब सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या नहीं रही है, कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर कहते हैं आर्थराइटिस से बचना है तो अपना वजन कंट्रोल कर लें। वजन बढ़ना इस समस्या का प्रमुख कारण है। क्या कोई ऐसा उपाय है जिससे वेट लॉस और गठिया दोनों में लाभ मिल सकता है?
Arthritis Risk: गठिया से बचने का मूल मंत्र है वजन घटाना, इस एक उपाय से पा सकते हैं दोनों फायदे
- डॉक्टर कहते हैं आर्थराइटिस से बचना है तो अपना वजन कंट्रोल कर लें। वजन बढ़ना इस समस्या का प्रमुख कारण है।
- क्या कोई ऐसा उपाय है जिससे वेट लॉस और गठिया दोनों में लाभ मिल सकता है?
फ्लैक्स सीड्स के फायदे
अलसी के बीज प्रोटीन, फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, इन सभी पोषक तत्वों की हमें नियमित रूप से जरूरत होती है। अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने, वजन को कंट्रोल बनाए रखने और कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप जैसी दिक्कतों को कम करने में इन बीज के सेवन से लाभ पाया जा सकता है।
अलसी में थायमिन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो एक विटामिन बी का एक प्रकार है। ये मेटाबॉलिज्म के साथ-साथ कोशिकाओं के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गठिया रोग में बहुत फायदेमंद
अलसी के तेल में अल्फा लिनोलेनिक एसिड भरपूर मात्रा में पाई जाती है, जिसे सूजन को कम करने के लिए जाना जाता है। अल्फा-लिनोलेनिक एसिड को शरीर ओमेगा-3 फैटी एसिड में बदल देता है। यह यौगिक एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। जिन लोगों को गठिया की समस्या है उनको अलसी से बहुत लाभ मिल सकता है।
वेट लॉस में मददगार
कई अध्ययनों से पता चलता है कि अलसी के बीज और इसके तेल का सेवन वजन को कंट्रोल रखने में सहायक है। एक अध्ययन में पाया गया कि फ्लैक्स में घुलनशील फाइबर की मात्रा होती है जो लंबे समय तक पेट को भरा रखने और ज्यादा खाने से बचाने में सहायक है। घुलनशील फाइबर पाचन को धीमा कर देता है और परिपूर्णता की भावना को बढ़ाता है। यदि आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो अलसी के बीज का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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