बढ़ता वजन मौजूदा समय की सबसे गंभीर चिंताओं में से एक है। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, सभी इसका शिकार देखे जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, पिछले चार दशकों में दुनिया भर में मोटापे की दर लगभग तीन गुना बढ़ चुकी है। इस समस्या के लिए शहरीकरण, गड़बड़ जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता सेवन, शारीरिक गतिविधियों में कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। मोटापा केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों का कारण भी है।
GLP-1 Agonists: कितनी असरदार हैं वजन घटाने का दावा करने वाली दवाएं? ये रिपोर्ट खोल देगी सारे राज
- हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने कई ऐसी कारगर दवाएं बनाने का दावा किया है जो मोटापे और बढ़ते वजन की समस्या को कम करने में मददगार हो सकती हैं? पर क्या वास्तव में ये दवाएं असरदार हैं?
GLP-1 एगोनिस्ट दवा के बारे में जान लीजिए
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने वजन घटाने वाली दवा GLP-1 एगोनिस्ट के बारे में बताया था। ये दवा डायबिटीज के लिए प्रयोग में लाई जा रही थी, हालांकि बाद में शोधकर्ताओं ने दावा किया कि वेट लॉस में भी ये दवा काफी कारगर हो सकती है।पर ये दवा वजन घटाने में कितनी असरदार है इसको लेकर अध्ययन में बड़ा खुलासा हुआ है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि ये दवा वजन घटाने में तो मदद करती है हालांकि जिन लोगों ने कुछ समय के बाद ये इंजेक्शन लेना बंद कर दिया उनका दो साल से भी कम समय में वजन पहले जैसा हो गया।
- वजन घटाने वाली ये दवा असल में डायबिटीज के इलाज के लिए बनाई गई थी।
- ये ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड (GLP) 1 हार्मोन की नकल करके काम करती है, जिससे लोगों को पेट भरा हुआ महसूस होता है।
- शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने इस दवा का इस्तेमाल किया उनमें समय के साथ वजन भी कम होने लगा।
अध्ययन में क्या पता चला?
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए इस अध्ययन में वजन घटाने वाली दवाओं से संबंधित 37 अध्ययनों की समीक्षा की गई,, जिसमें 9,341 प्रतिभागी शामिल थे।
- वजन घटाने के इलाज की औसत अवधि 39 हफ्ते (9-10 माह) थी।
- इन लोगों का करीब 32 हफ्ते तक फॉलोअप भी किया गया।
- शोधकर्ताओं ने पाया कि दवा लेना बंद करने वाले लोगों का वजन औसतन 400 ग्राम प्रति महीने की दर से बढ़ा।
- जिन प्रतिभागियों ने दवा बंद कर दी वह औसतन 1.7 साल में अपने मूल वजन पर वापस आ गए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डॉ. सैम वेस्ट कहते हैं, वजन कम करने वाली दवाएं बंद करने के बाद जो तेजी से वजन बढ़ता है, वह दवा की वजह से नहीं होता। ये दवाएं मोटापे के इलाज को बदल रही हैं और इनसे वजन में काफी कमी आ सकती है। हालांकि, हमारी रिसर्च से पता चलता है कि दवाएं बंद करने के बाद लोग फिर से तेजी से वजन बढ़ा लेते हैं।
यह दवाओं की कोई कमी नहीं है बल्कि मोटापे की प्रकृति को दिखाता है, जो एक क्रॉनिक और बार-बार होने वाली समस्या है। वजन को कंट्रोल में रखने के लिए दवाओं पर निर्भरता से ज्यादा लाइफस्टाइल और जिन कारणों से वजन बढ़ रहा है उसपर काम करने की जरूरत है।
GLP-1 दवा के देखे गए हैं साइड-इफेक्ट
GLP-1 दवा हालिया महीनों में काफी चर्चा में रही थी। हालांकि अध्ययनों में इसके कई गंभीर साइड-इफेक्ट्स को लेकर भी शोधकर्ताओं ने अलर्ट किया था।
वजन घटाने और मधुमेह के लिए इस्तेमाल होने वाले इस इंजेक्शन का इस्तेमाल करने वाले सैकड़ों लोगों ने अग्न्याशय से जुड़ी गंभीर समस्याओं की शिकायत की है। लोगों को अग्न्याशय की अचानक सूजन की दिक्कत देखी गई। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
--------------
स्रोत
Weight regain after cessation of medication for weight management: systematic review and meta-analysis
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।