क्या आपको भी अब लोगों की आवाज पहले जैसी साफ सुनाई नहीं देती? फोन पर लाउडस्पीकर करके बात करना पड़ता है और दूर की चीजें कम सुनाई देती हैं? अगर हां, तो तुरंत डॉक्टर से इसकी जांच करा लें।
Hearing Loss: कान से सुनाई देना हो गया है कम, क्या हैं इसके कारण? ये गलतियां बढ़ा रही हैं खतरा
यदि आपको बार-बार लोगों से बात दोहराने के लिए कहना पड़ता है, टीवी की आवाज दूसरों से ज्यादा तेज रखनी पड़ती है, फोन पर बातचीत स्पष्ट नहीं होती तो यह सुनने की क्षमता कम होने का संकेत हो सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कान में होने वाली दिक्कतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम सुनाई देने की समस्या में अक्सर लोगों को लगता है कि सामने वाला धीरे बोल रहा है, जबकि वास्तव में समस्या उसके कानों में होती है।
- समय के साथ बातचीत समझने में कठिनाई, फोन पर सुनने में परेशानी, भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवाज स्पष्ट न सुनाई देना और टिनिटस इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
- कई मामलों में समय पर इलाज, संक्रमण का उपचार, जीवनशैली में बदलाव और जरूरत पड़ने पर हियरिंग एड जैसी तकनीकों की मदद से सुनने की क्षमता में सुधार किया जा सकता है।
क्यों बढ़ रही है ये दिक्कत?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र बढ़ने के साथ कानों की क्षमता कम होना बहुत आम है। हालांकि जीवनशैली की कुछ गड़बड़ियां कम उम्र में ही इसका खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
- लंबे समय तक तेज आवाज का संपर्क, कान में संक्रमण, कान के पर्दे में छेद होने के कारण जोखिम बढ़ सकता है।
- कम उम्र में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और आनुवंशिक कारण भी कानों की क्षमता कम कर सकते हैं।
अगर आपको भी कम सुनाई दे रहा है तो ईएनटी विशेषज्ञ से कान की जांच करा लें।
कानों को कैसे रखें हेल्दी?
अध्ययनों से पता चलता है कि कानों को स्वस्थ रखने के लिए कम उम्र से ही डाइट को ठीक रखना जरूरी है।
- संतुलित आहार, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल-मेवे, मछली और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ कानों की नसों और रक्त संचार के लिए लाभदायक माने जाते हैं।
- विटामिन-बी12, फोलेट, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक पर्याप्त मात्रा में लेना कानों के लिए जरूरी है।
- बहुत तेज आवाज में ईयरफोन का इस्तेमाल, लंबे समय तक शोर में रहना, कान में माचिस की तीली या सफाई के लिए कुछ भी डालने से बचें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
कानों को हेल्दी रखने के लिए ईयरफोन की आवाज 60% से कम रखें और लगातार 60 मिनट से अधिक उपयोग न करें। कानों की सफाई स्वयं न करें, संक्रमण होने पर तुरंत इलाज कराएं। अगर आपको डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर है तो इसे कंट्रोल रखें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।