गर्मी का मौसम भले ही आपको पसंद हो या नहीं, पर इन दिनों में कई ऐसे फल और सब्जियां बाजार में उपलब्ध होते हैं जिसे आप इग्नोर नहीं कर सकते। गर्मियों में बाजार रसीले और मीठे आमों से भर जाते हैं। लेकिन क्या हो अगर यही स्वादिष्ट आम आपके शरीर के लिए जहर साबित हो जाए?
Health Risk: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे जानलेवा आम? डॉक्टर ने बताए इसके खतरे और पहचानने का तरीका
कार्बाइड से पके आम बाहर से चमकदार, एकसमान पीले और जल्दी पकने वाले दिखाई देते हैं, लेकिन इनके पीछे छिपा खतरा आंखों से नजर नहीं आता। कहीं आप भी तो ऐसे आम नहीं खा रहे हैं?
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कार्बाइड से पके आम क्यों खतरनाक
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कार्बाइड से पके आम बाहर से चमकदार, एक समान पीले और जल्दी पकने वाले दिखाई देते हैं, लेकिन इनके पीछे छिपा खतरा अक्सर नजर नहीं आता।
- विशेषज्ञों के अनुसार, कैल्शियम कार्बाइड नमी के संपर्क में आने पर एसीटिलीन गैस रिलीज करता है, जो फल को जल्दी पकाने का काम करती है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि कैल्शियम कार्बाइड और एसिटिलीन गैस दोनों से कई स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
- कैल्शियम कार्बाइड से पके फल खाने से विषाक्तता होने का खतरा रहता है। ये मनुष्यों के लिए जहरीले हो सकते हैं। शरीर में इसकी अधिकता त्वचा की गंभीर समस्याओं के साथ पॉइजनिंग और किडनी फेलियर तक का जोखिम बढ़ाने वाली हो सकती है।
कार्बाइड से पके आम खाने से क्या दिक्कत होती है?
न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन डॉ. प्रियंका सहरावत कहती हैं, भारत में खाद्य सुरक्षा नियामक (एफएसएसएआई) ने फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद अधिक मुनाफा कमाने और बाजार में जल्दी फल पहुंचाने के लिए कुछ व्यापारी अब भी इसका इस्तेमाल करते हैं।
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ऐसे आम खाने के बाद कुछ लोगों को मुंह में जलन, गले में खराश, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संवेदनशील लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में इसका असर अधिक हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा प्राकृतिक रूप से पके फल खाने की सलाह देते हैं।
कैसे पहचानें आम कार्बाइड से पके तो नहीं हैं?
डॉ. प्रियंका सहरावत ने इंस्टाग्राम पोस्ट में ऐसे आम खाने से बचने की सलाह दी है। डॉ. सहरावत कहती हैं, बाजार में कार्बाइड से पकाए गए आमों की पहचान सभी लोगों को जरूर करनी चाहिए।
- पकने पर आमों का रंग सुंदर सुनहरा हो जाता है। लेकिन कार्बाइड से पकाए गए आम असामान्य रूप से चमकीले पीले रंग के हो जाते हैं। ऐसे आमों का पीला रंग लगभग अप्राकृतिक होता है।
- आमों की अपनी खास मीठी खुशबू होती है। हालांकि कार्बाइड से पकाए गए आमों में ऐसी कोई खास खुशबू नहीं होती।
- कार्बाइड से पकाए गए आमों का स्वाद फीका और अप्राकृतिक होता है।
- छूकर भी कार्बाइड से पकाए गए आमों और प्राकृतिक रूप से पके आमों के बीच अंतर किया जा सकता है। कार्बाइड वाले आम बाहर से सख्त और अंदर से नरम होते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।