What is Sleep Apnea: बहुत से लोग खर्राटे लेते हैं, लेकिन अगर किसी के खर्राटों की आवाज बहुत तेज हो और सोते समय बार-बार सांस रुकने के बाद वह हांफते हुए जागे, तो यह एक सामान्य बात नहीं है। यह स्लीप एप्निया नामक एक गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है। स्लीप एप्निया एक ऐसी नींद संबंधी बीमारी है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुकती और शुरू होती है।
Health Tips: क्या होता है 'स्लीप एप्निया', यह दिल के लिए कितना खतरनाक हो सकता है?
सोते समय खर्राटे लेना एक आम आदत, जो कई लोगों में देखने को मिलता है। जो लोग खर्राटे लेते हैं उनमें स्लीप एप्निया का खतरा बढ़ जाता है। स्लीप एप्निया का सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है, और इस बीमारी के बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्लीप एप्निया क्या है?
स्लीप एप्निया का सबसे आम प्रकार ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया है। इस स्थिति में, सोते समय गले के पीछे की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं, जिससे वायुमार्ग संकरा हो जाता है या पूरी तरह से बंद हो जाता है। जब सांस लेना बंद हो जाता है, तो मस्तिष्क को ऑक्सीजन की कमी का संकेत मिलता है, जिससे वह व्यक्ति को सांस फिर से शुरू करने के लिए संक्षिप्त रूप से जगाता है।
ये रुकावटें रात भर में बार-बार हो सकती हैं, लेकिन व्यक्ति को इसका एहसास नहीं होता। इसी कारण स्लीप एप्निया से पीड़ित लोग अक्सर रात में अच्छी नींद लेने के बाद भी दिन में थका हुआ महसूस करते हैं।
दिल पर कैसे पड़ता है सीधा असर?
स्लीप एप्निया का दिल पर सीधा और खतरनाक असर होता है। जब सोते समय सांस रुकती है, तो शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है। ऑक्सीजन की इस कमी से शरीर में एक तनावपूर्ण प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है। यह प्रतिक्रिया तनाव हार्मोन जारी करती है, जिससे रक्तचाप और दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
यह प्रक्रिया रात भर बार-बार होती है, जिससे दिल और रक्त वाहिकाओं पर लगातार दबाव पड़ता है। यह दोहराया जाने वाला तनाव ही दिल के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता है।
ये भी पढ़ें- Health Tips: कैंसर और दिल की बीमारियों से बचा सकती है ब्रोकली, पर इसके साइड-इफेक्ट्स भी कम खतरनाक नहीं
स्लीप एप्निया और हृदय रोग का संबंध
लंबे समय तक स्लीप एप्निया रहने पर दिल पर पड़ने वाला यह लगातार दबाव कई गंभीर हृदय रोगों का कारण बन सकता है। सबसे पहले, यह हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है, जो अपने आप में दिल के दौरे और स्ट्रोक का एक बड़ा जोखिम बना रहता है। इसके अलावा यह दिल की धड़कन को अनियमित कर सकता है, जिसे एरिथमिया कहते हैं। स्लीप एप्निया के कारण दिल पर पड़ने वाला तनाव दिल की मांसपेशियों को भी कमजोर कर सकता है, जिससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
ये भी पढ़ें- Health Tips: क्या होता है इमोशनल इंटेलिजेंस? जानें कैसे यह मानसिक तनाव को कम करने में करता है मदद
समय पर पहचान और उपचार है जरूरी
स्लीप एप्निया सिर्फ एक खर्राटों की समस्या नहीं है, बल्कि यह दिल के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य जोर से खर्राटे लेता है, सोते समय हांफता है या दिन में लगातार थका हुआ महसूस करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है। स्लीप एप्निया का निदान करना आसान है और इसका प्रभावी इलाज संभव है। सही उपचार से न केवल आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार में होता है, बल्कि आपके दिल को भी इस खतरनाक तनाव से मुक्ति मिलती है और आप एक स्वस्थ और लंबा जीवन जी सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

कमेंट
कमेंट X