Seasonal food: हम सभी जानते हैं कि मौसमी फल और सब्जियां न केवल स्वाद में अच्छी होती हैं, बल्कि ये हमारे स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी मानी जाती हैं। 'सीजनल फूड' यानी मौसम के अनुसार उगने वाले खाद्य पदार्थ, प्रकृति का हमें दिया गया एक अनमोल उपहार हैं। ये फूड प्रोडक्ट्स पोषण, स्वाद और स्वास्थ्य का एक ऐसा अनूठा संतुलन प्रदान करते हैं, जिसकी बराबरी कोई और नहीं कर सकता।
Health Tips: क्यों जरूरी है 'सीजनल फूड' खाना? जानें मौसमी फल-सब्जियां क्यों होती हैं फायदेमंद
सीजनल फूड हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स भी सीजनल फल और सब्जियां खाने का सुझाव देते हैं। इसके कई कारण हैं, जिनमें से चार प्रमुख कारण के बारे में आपको भी जानना चाहिए। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोषण से भरपूर
जब फल और सब्जियां अपने मौसम में उगती हैं, तो उनमें पोषक तत्व सबसे ज्यादा होते हैं। ये ताजा होते हैं और प्राकृतिक रूप से पके होते हैं, जिससे इनमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है। उदाहरण के लिए, सर्दियों में पालक और गाजर बीटा-कैरोटीन और विटामिन A से भरपूर होते हैं, जो आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद हैं। गर्मियों में खीरा और तरबूज शरीर को हाइड्रेट रखते हैं। मौसमी खाद्य पदार्थों में केमिकल या प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग कम होता है, जिससे ये स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं।
ये भी पढ़ें- Monsoon Diet Tips: मानसून में डाइट में जरूर शामिल करें ये 4 चीजें, संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए होगा फायदेमंद
पर्यावरण और मौसम के अनुकूल
मौसमी फल-सब्जियां प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर उगती हैं, जो शरीर को मौसम की चुनौतियों से निपटने में मदद करती हैं। मानसून में जामुन और अनार जैसे फल इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जो बारिश में होने वाले इंफेक्शन से बचाव करते हैं। सर्दियों में संतरा और आंवला विटामिन C प्रदान करते हैं, जो सर्दी-खांसी से लड़ने में सहायक हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर के तापमान को संतुलित रखते हैं और मौसमी बीमारियों से बचाव करते हैं।
ये भी पढ़ें- Cholesterol: कभी भी न हो हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या, इसके लिए 20 की उम्र से ही गांठ बांध लीजिए ये जरूरी बातें
स्वाद और ताजगी
सीजनल फूड का स्वादिष्ट होता है, क्योंकि ये अपने प्राकृतिक समय पर पकते हैं। गैर-मौसमी फल-सब्जियों को पकाने के लिए कृत्रिम तरीकों और प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग होता है, जो स्वाद और पोषण दोनों को कम करता है। उदाहरण के लिए, मानसून में ताजा जामुन या गर्मियों में आम का स्वाद कृत्रिम रूप से पकाए गए फलों से कहीं बेहतर होता है। ताजा और स्थानीय रूप से उगाए गए खाद्य पदार्थ खाने से न केवल स्वाद बढ़ता है, बल्कि पाचन भी बेहतर होता है।
मौसमी फल-सब्जियां स्थानीय रूप से प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती हैं, जिससे इनकी कीमत कम होती है। इन्हें लंबी दूरी तक लाने-ले जाने या भंडारण की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे कार्बन फुटप्रिंट कम होता है। वहीं गैर-मौसमी खाद्य पदार्थों को आयात करने या कोल्ड स्टोरेज में रखने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।