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World Heart Day 2022: हृदय रोगों के लक्षण, कारण से लेकर बचाव के उपाय तक, विशेषज्ञ से जानिए सबकुछ विस्तार से

हेल्थ डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 29 Sep 2022 03:49 PM IST
विश्व हृदय दिवस 2022
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हृदय रोग, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर समस्याओं में से एक है। दुनियाभर में हृदय रोगों को मृत्यु के प्रमुख कारण के रूप में भी जाना जाता है। आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर हर साल अनुमानित 17.9 मिलियन (1.79 करोड़) लोगों की तमाम प्रकार के हृदय रोगों के कारण मौत हो जाती है। संयुक्त राज्य अमेरिका में हर 4 में से 1 मौत हृदय रोग के कारण होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आनुवांशिकता और आहार-लाइफस्टाइल से संबंधित समस्याओं के कारण हृदय रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है। कुछ दशक पहले तक हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जाता था, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में 40 से भी कम आयु वाले लोगों में हृदय रोगों की गंभीर दिक्कतें देखने को मिल रही हैं।

दुनियाभर में बढ़ती इस जानलेवा समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने और इससे बचाव के उपायों के बारे में समझाने के लिए हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। 

डॉक्टर्स कहते हैं, हृदय प्रणाली को प्रभावित करने वाली किसी भी स्थिति को हृदय रोग कहा जाता है। हृदय रोग कई प्रकार के होते हैं और वे हृदय और रक्त वाहिकाओं को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करते हैं। आइए हृदय रोगों के लक्षणों और कारणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हृदय रोगों का खतरा
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हृदय रोग क्यों होता है?

हृदय रोगों के कई कारण हो सकते हैं, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हृदय रोगों का सबसे आम प्रकार है। यह तब विकसित होता है जब हृदय को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में प्लाक भर जाता हैं। इससे वे सख्त और संकीर्ण हो जाती हैं। इस स्थिति में हृदय तक रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है और हृदय को इसे पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, यह स्थिति गंभीर हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकती है।

हृदय के हिस्से को नुकसान होने, रक्त वाहिकाओं में होने वाली समस्या, हृदय को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति में कमी या हृदय गति में अनियमितता के कारण हृदय रोगों का खतरा हो सकता है।
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हृदय रोगों के लक्षणों के बारे में जानिए
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हृदय रोगों की पहचान कैसे करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोग के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग प्रकार के हो सकते हैं। अगर इस तरह की समस्याओं पर शुरुआत में ही ध्यान दे दिया जाए तो हृदय रोगों के गंभीर जोखिमों को कम किया जा सकता है। सभी उम्र के लोगों के लिए इस तरह के समस्याओं पर ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। ऐसे लक्षण अगर कुछ दिनों से लगातार बने रहते हैं तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें।
  • एनजाइना या सीने में दर्द। 
  • सांस लेने में दिक्कत।
  • अक्सर थकान और आलस्य महसूस होते रहना।
  • बेहोशी या अक्सर चक्कर आना।
  • जी मिचलाना-उल्टी
  • जबड़े, गर्दन और पीठ में दर्द की समस्या रहना।
हृदय की समस्याएं
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किन लोगों में हृदय रोगों का जोखिम अधिक होता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ लोगों में अन्य की तुलना में हृदय रोगों के विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है। डॉक्टर्स कहते हैं, जिन लोगों के माता-पिता को हृदय रोगों की समस्या रह चुकी है, ऐसे लोगों में समय के साथ हृदय रोगों के विकसित होने का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा लाइफस्टाइल की कुछ गड़बड़ आदतें भी हृदय की बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर-हाई कोलेस्ट्रॉल
  • धूम्रपान या शराब की आदत
  • अधिक वजन और मोटापा
  • मधुमेह।
  • आहार संबंधी गड़बड़ी। 
  • स्लीप एप्निया
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हृदय की समस्याओं का जोखिम
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हृदय रोगों का इलाज और बचाव

हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं, हृदय रोगों के प्रकार के आधार पर उपचार के अलग-अलग विकल्पों को प्रयोग में लाया जाता है। दवाओं के माध्यम से हृदय रोगों को बढ़ाने वाले जोखिम जैसे उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल आदि को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। हृदय रोगों के गंभीर मामलों में आपातकालीन सर्जरी की भी आवश्यकता होती है।
  • डॉक्टर्स कहते हैं, हृदय रोगों से बचाव के लिए दिनचर्या में कुछ सामान्य से बदलाव को अपनाना लाभकारी हो सकता है।
  • संतुलित आहार का सेवन करें: फाइबर-प्रोटीन से भरपूर आहार, साबुत अनाज, ताजे फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें। 
  • नियमित रूप से व्यायाम करें: यह हृदय और संचार प्रणाली को मजबूत करने, कोलेस्ट्रॉल को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।
  • वजन को कंट्रोल रखें: बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 20 से 25 के बीच रखकर हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  • धूम्रपान और शराब से बनाएं दूरी: धूम्रपान और शराब का सेवन हृदय और हृदय रोग संबंधी कारकों को बढ़ाने वाला होता है। 
  • उच्च रक्तचाप, मोटापा और मधुमेह जैसी स्थितियां भी हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, इसे कंट्रोल में रखें। 



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स्रोत और संदर्भ
Heart disease describes a range of conditions

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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