लिवर में सूजन की समस्या दुनियाभर के लोगों में तेजी से बढ़ती देखी जा रही है। अगर इसपर समय रहते ध्यान न दिया जाए या फिर इलाज न कराया जाए तो ये कई तरह की दिक्कतें बढ़ा सकती हैं। हेपेटाइटिस इंफेक्शन को लिवर में सूजन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।
Hepatitis Day: एक-दो नहीं पांच तरह का होता है हेपेटाइटिस इंफेक्शन, शरीर दे रहा है ये संकेत तो तुरंत कराएं जांच
हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन है, जिसका सबसे सामान्य कारण वायरल संक्रमण होता है। अत्यधिक शराब का सेवन, कुछ दवाएं, ऑटोइम्यून बीमारियां और विषैले रसायन भी इसका कारण बन सकते हैं।
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हेपेटाइटिस संक्रमण का खतरा
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दुनियाभर में करोड़ों लोग किसी न किसी प्रकार के हेपेटाइटिस से प्रभावित हैं। कई मामलों में यह संक्रमण कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो जाता है, जबकि कुछ लोगों में इससे लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर और यहां तक कि लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी खतरा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है। सभी के फैलने का तरीका, गंभीरता, इलाज और बचाव भी अलग-अलग है। अच्छी बात ये है कि समय पर जांच, टीकाकरण और सावधानियों से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हेपेटाइटिस ए के बारे में जानिए
हेपेटाइटिस-ए वायरस दूषित भोजन और पानी के जरिए फैलता है। इसका खतरा आमतौर पर उन जगहों पर ज्यादा पाया जाता है जहां स्वच्छता की कमी होती है।
- संक्रमण के बाद बुखार, कमजोरी, उल्टी, भूख न लगना, पेट दर्द और पीलिया जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- वैसे तो इस संक्रमण से अधिकांश लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, हालांकि कुछ लोगों में इसके गंभीर खतरे भी हो सकते हैं।
- इस संक्रमण से बचाव की वैक्सीन उपलब्ध है। इसके साथ स्वच्छता बनाए रखना भी जोखिमों को कम कर सकता है।
हेपेटाइटिस-बी का खतरा
हेपेटाइटिस-बी मुख्य रूप से संक्रमित खून, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई और संक्रमित मां से नवजात शिशु में फैल सकता है।
- यह संक्रमण कई बार लंबे समय तक शरीर में बना रहता है और क्रॉनिक हेपेटाइटिस का रूप ले सकता है।
- लंबे समय संक्रमण रहने पर लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
- इससे बचाव के लिए भी प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध हैं।
हेपेटाइटिस-सी की समस्या
हेपेटाइटिस-बी की ही तरह से सी भी मुख्य रूप से संक्रमित खून के संपर्क से फैलता है।
- असुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूजन को इसका बड़ा कारण माना जाता है लेकिन अब स्क्रीनिंग से जोखिम कम हुआ है।
- संक्रमित सुई, ड्रग्स इंजेक्शन और कुछ मामलों में असुरक्षित मेडिकल उपकरण भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
- अधिकतर मरीजों में शुरुआती लक्षण नहीं दिखते, यही वजह है कि कई लोग वर्षों तक संक्रमित रहते हैं।
- हेपेटाइटिस-सी से बचाव के लिए कोई भी प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।