तंबाकू वाली चीजें, चाहे वो खैनी हो या सिरगेट-बीड़ी हमारी सेहत के लिए कितनी नुकसानदायक हैं, ये अब किसी से छिपा नहीं है। बच्चे-बच्चे को पता है कि तंबाकू कैंसर का कारण बनता है। हालांकि चिंता की बात ये है कि जागरूकता के बावजूद दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू-सिगरेट की लत का शिकार हैं।
World No Tobacco Day: ये आदत हर मिनट छीन रही करीब 15 जिंदगियां, 4D फॉर्मूला बन सकता है आपके लिए ढाल
तंबाकू-सिगरेट हर साल दुनिया भर में 80 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बनती है जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं धूम्रपान छोड़ना अच्छी सेहत के लिए सबसे जरूरी उपाय है।पर इस आदत को छोड़े कैसे? आइए इसके आसान तरीके जान लेते हैं।
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पूरे शरीर पर पड़ता है धूम्रपान का असर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार तंबाकू के कारण होने वाली मौतें रोकी जा सकती हैं, इसलिए लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है।
- तंबाकू को आमतौर पर सिर्फ फेफड़ों की समस्या बढ़ाने वाला माना जाता रहा है।
- पर इससे हृदय, मस्तिष्क, रक्त वाहिकाओं, मुंह, गले, पेट और शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है।
- लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और कई अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- निकोटीन की लत व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से इस तरह जकड़ लेती है कि वह नुकसान जानते हुए भी इसे छोड़ नहीं पाता।
कभी भी धूम्रपान छोड़ना अच्छा निर्णय
कई रिपोर्ट्स कहती हैं कि तंबाकू छोड़ने का फैसला किसी भी उम्र में लिया जाए, शरीर को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाता है।
धूम्रपान छोड़ने के कुछ ही घंटों बाद शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं। रक्तचाप और हृदय गति सामान्य होने लगती है, कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर कम होता है और धीरे-धीरे फेफड़ों की कार्यक्षमता भी बेहतर होने लगती है। कुछ वर्षों के भीतर हार्ट अटैक और कैंसर का जोखिम भी काफी हद तक घट सकता है।
डॉक्टर कहते हैं, तंबाकू छोड़ने से केवल लाइफ एक्सपेक्टेंसी ही नहीं बढ़ती, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। यही वजह है कि अगर आप भी किसी भी तरह से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं तो इसे आज ही छोड़ दें।
समस्याओं का घर है तंबाकू-धूम्रपान की आदत
स्मोकिंग या किसी भी तरह के नशे की लत हमारे दिमाग में इस तरह के बदलाव करती है कि हमारी खुशी इसी पर निर्भर होने लग जाती है। हम किसी दूसरी बात से खुश होना ही बंद कर देते है।
- नशे की लत हमारी प्राकृतिक खुशी को या तो कम कर देती है या फिर खत्म। इसलिए जब हम धूम्रपान करते हैं तभी शरीर में डोपामाइन (हैपी हार्मोन) रिलीज होता है।
- इस लत से निकलने के लिए क्रेविंग यानी तलब के समय दिमाग को दूसरी तरफ मोड़ने से लाभ मिल सकता है। एक्सरसाइज, खासकर कार्डियो वर्कआउट को स्मोकिंग की लत से जल्दी छुटकारा दिलाने में मददगार पाया गया है।
- स्मोकिंग का असर पुरुष और महिला दोनों पर पड़ता है। इससे प्रजनन स्वास्थ्य पर भी असर हो सकता है। महिलाओ में अंडों के उत्पादन और पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी प्रभावित होने लग जाती है।
- सिगरेट या बीड़ी पीने से एजिंग तेज हो सकती है। यही वजह है कि धूम्रपान करने वाले लोग जल्दी बूढ़े होने लग जाते हैं।
धूम्रपान-तंबाकू छोड़ने के लिए 4D फॉर्मूला
1. Delay (देरी करें): जब सिगरेट पीने की तीव्र इच्छा हो तो कम से कम 10 मिनट इंतजार करें। अधिकांश क्रेविंग कुछ मिनटों में कम हो जाती है।
2. Deep Breathing (गहरी सांस लें): धीरे-धीरे गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है और धूम्रपान की इच्छा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
3. Drink Water (पानी पिएं): पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और निकोटीन छोड़ने के दौरान होने वाली बेचैनी कम हो सकती है।
4. Do Something Else (ध्यान भटकाएं): टहलना, किसी दोस्त से बात करना, संगीत सुनना या कोई अन्य गतिविधि करना तलब से ध्यान हटाने में मदद करता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।