अंग्रेजी भाषा के बढ़ते चलन के बीच हिंदी भाषा की लोकप्रियता और उपयोगिता कम होने लगी है। भारत में कई तरह की भाषा और लिपि बोली या लिखी जाती है लेकिन हिंदी सबसे ज्यादा लोगों की मातृभाषा है। समय समय पर हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की मांग उठी, हालांकि अब तक हिंदी राष्ट्रभाषा भले ही न बन पाई हो लेकिन राजभाषा के तौर पर हिंदी देश में एकजुटता को बढ़ावा दे रही है। देश ही नहीं, विदेशों में भी हिंदी भारत की पहचान है और विदेशों में बसे भारतीयों को एकजुट बनाती है। हिंदी के इसी महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने और हिंदी की उपयोगिता को बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस हिंदी दिवस पर देश के महान विभूतियों के हिंदी पर विचारों को पढ़ें, हिंदी भाषी होने पर महसूस करेंगे गर्व।
हिंदी दिवस 2022: इन 5 महान विभूतियों के विचार जानकर हिंदी पर करेंगे गर्व
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हृदय की कोई भाषा नहीं है, हृदय-हृदय से बातचीत करता है और हिंदी हृदय की भाषा है।
महात्मा गांधी
हिंदी बोलचाल की महाभाषा है।
जॉर्ज ग्रियर्सन
हिंदी हमारे देश और भाषा की प्रभावशाली विरासत है।
माखनलाल चतुर्वेदी
राष्ट्रीय एकता की कड़ी हिंदी जोड़ सकती है।
बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'