भारत की आजादी की लड़ाई का प्रमुख चेहरा महात्मा गांधी का था। महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था लेकिन लोग उन्हें बापू के नाम से जानते हैं। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर गांधी जी ने देश को आजादी दिलाई। वह निष्काम कर्मयोगी और सच्चे अर्थों में युग पुरुष थे। यही कारण है कि उन्हें 'महात्मा गांधी' कहा जाने लगा। नरम दल हो या अंग्रेजों को खदेड़ने में विश्वास रखने वाले गरम दल के नेता हों, विचारों की भिन्नता के कारण भी सभी गांधी जी का सम्मान करते थे। स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने पहली बार गांधी जी को राष्ट्रपिता कह कर संबोधित किया था। उसके बाद गांधी जी देश के राष्ट्रपिता बन गए। देश को आजादी मिल गई लेकिन 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी। यह दिन पूरे भारत के लिए क्षति का दिन था। महात्मा गांधी की याद में आज के दिन को भारत 'शहीद दिवस' के तौर पर मनाता है। वैसे तो गांधी जी का पूरा जीवन ही प्रेरणा है लेकिन बापू के कुछ अनमोल वचन हैं जो हर किसी को अपने जीवन में उतारने चाहिए। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर जानिए गांधीजी के 10 अनमोल वचन।
Mahatma Gandhi: गांधीजी की पुण्यतिथि पर पढ़िए उनके द्वारा कहे गए 10 अनमोल वचन
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आजादी का कोई अर्थ नहीं है, अगर उसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों।
- महात्मा गांधी
डर शरीर का रोग नहीं है, यह आत्मा को मारता है।
-महात्मा गांधी
अपने आपको जीवन में ढूंढना है तो लोगों की मदद में खो जाओ।
- महात्मा गांधी
गौरव लक्ष्य पाने के लिए प्रयास करने में हैं, न कि लक्ष्य तक पहुंचने में।
- महात्मा गांधी