International Friendship Day 2022: दुनिया सिमट कर आपके लैपटॉप, मोबाइल और आईपैड पर आ गई है। अब आप घंटों वर्चुअल दुनिया के निवासी बनकर समय काट सकते हैं। लोगों के जीवन में अब वर्चुअल दुनिया की दोस्ती, लाइक्स और मनोरंजन ने इस तरह कब्जा कर लिया है कि वे चाहकर भी इससे बाहर नहीं आ पाते। यह जानते हुए भी कि यह दुनिया असली नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असली दुनिया में अपने जैसे इंसानों से दोस्ती करना आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत के लिहाज से भी बहुत अच्छा होता है? जी हां, यह बात वैज्ञानिक रूप से भी सिद्ध हो चुकी है कि असली जिंदगी में आपका दोस्तों के साथ बात करना, समस्याएं शेयर करना और गप्पें मारना आपके स्वास्थ्य के लिए भी बढ़िया होता है।
Friendship Day 2022: दोस्ती है इम्युनिटी बूस्टर, जानिए दोस्ती की 4 हेल्दी वजहों के बारे में
इम्युनिटी बढ़ाने वाला दोस्त
शायद आपको लगे कि पौष्टिक भोजन, एक्सरसाइज और सप्लीमेंट से इतर यह सिर्फ एक भावनात्मक बात है, लेकिन असल में मित्रों का इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करना कई चीजों से जुड़ा होता है। इसका भावनात्मक पक्ष तो है ही, यह आपको शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाने में भी योगदान देता है। चाहे फिर दूरी की वजह से आप कभी-कभार ही क्यों न मिल पाते हों, दोस्तों के साथ होने का एहसास भी बहुत हिम्मत बढ़ाता है। दोस्त आपके दिमाग से उलझनों को निकालकर सकारात्मक सोच बनाने को प्रेरित करता है, आपको बीमारी या तकलीफ होने पर लगातार लड़ने के लिए मोटिवेट करता है और कई बार आपका साथी बन आपके साथ एक्सरसाइज भी करता है। इसलिए दोस्त एक इम्युनिटी बूस्टर होता है, जिसका साथ होना आपकी सेहत के लिए भी अच्छा होता है। विज्ञान भी इस बात को मानता है कि अच्छी मित्रता या सपोर्ट ग्रुप्स सेहत के लिए बूस्टर का काम करते हैं।
इमोशनल सपोर्ट
ऐसा कभी आपको भी लगा होगा कि जो समस्या आप किसी कारणवश अपने परिवार से भी शेयर नहीं कर पाए वो अपने सबसे अच्छे दोस्त से कह डाली। दोस्त ने न केवल आपकी बात सुनी और समझी बल्कि आपको उसका हल भी बता दिया। मुश्किल घड़ी में दोस्तों का साथ रहना मजबूती देता है। वे आपके स्ट्रेस को दूर करने, आपको तनाव से बाहर लाने में मदद करते हैं। इसका असर आपकी शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत पर अच्छा होता है। यही कारण है कि दोस्तों की कम्पनी में आप ख़ुशी महसूस करते हैं।
खुशी के हार्मोन्स
दोस्तों के साथ आप ज्यादातर समय मस्ती, हंसी-मजाक या एडवेंचर एक्टिविटी करते हुए बिताते हैं। इन एक्टिविटीज में सरप्राइज होता है, ठहाका होता है और ढेर सारा मनोरंजन भी और ये बनती हैं कारण खुशी के विभिन्न हार्मोन्स के रिलीज़ का। डोपामीन, सेरेटोनिन, जैसे ख़ुशी का एहसास जगाने वाले हार्मोन्स, दोस्तों के साथ रहने पर रिलीज होते हैं, चाहे फिर आप पिकनिक पर हों, बंजी जंपिंग कर रहे हों, नाच रहे हों या गा रहे हों। ये हार्मोन्स ख़ुशी और आनंद की अनुभूति देने के साथ ही तनाव, स्ट्रेस और एंग्जायटी जैसी स्थितियों को दूर रखने या उनसे बाहर निकलने में भी मदद करते हैं।
दोस्तों के साथ एक्सरसाइज का लाभ
हाल ही में विद्यार्थियों पर किये एक शोध अध्ययन में यह सामने आया कि ग्रुप में एक्सरसाइज करने से सेहत के तीनों स्तरों, मेंटल, फिजिकल और इमोशनल पर बहुत अच्छा असर पड़ता है। यह असर अकेले एक्सरसाइज करने की तुलना में कहीं ज्यादा होता है। खासकर अगर आप अपने दोस्तों के साथ ग्रुप में एक्सरसाइज कर रहे हैं तो। रिसर्च में यह भी पाया गया कि ग्रुप में एक्सरसाइज करने वालों में फील गुड हार्मोन्स यानी एंडोर्फिन के रिलीज होने का स्तर भी बढ़ा और दर्द को सहन करने की शक्ति भी। यानी दोस्तों के साथ एक्सरसाइज करने पर आपको दुगुना लाभ मिल सकता है।