बच्चों को कुछ सिखाने के लिए जरूरी है कि उनकी याददाश्त अच्छी हो। अगर उनकी याददाश्त कमजोर होगी तो फिर वो नयी चीजें नहीं सिख पाएंगे या फिर देर से सीखेंगे। याददाश्त कमजोर होने से पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा। इसलिए जरूरी है कि बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के लिए कुछ उपाय किए जाएं। तो आइए जानते हैं वो कौन से तरीके हैं जिनसे बच्चों की याददाश्त को बढ़ाया जा सकता है।
कमजोर है आपके बच्चे की याददाश्त तो ऐसे बढ़ाएं, आपके लिए हैं ये 5 टिप्स
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उनसे बात करें
बच्चों से बहुत सारी बात करें और पूछें कि उसके स्कूल में क्या क्या हुआ या फिर उसके दोस्तों का क्या नाम है। अगर आप कभी बाहर घूमने जाएं तो घर आकर उस जगह के बारे पूछें। ऐसे में आपका बच्चा पिछली बातों को याद करेगा और उन बातों के बारे में कुछ न कुछ कहानियां बनाएगा और उसके दिमाग को सक्रिय रखने में मदद मिलेगी।
मन में चित्र गढ़ने को कहें
किसी भी पाठ को याद करने में अगर आपके बच्चे को दिक्कत हो रही है तो उसे बताए कि जब भी कोई पाठ को पढ़ें तो उसके बारे में मन में चित्र को सोचें। ऐसा करने से आपके बच्चे को वो पाठ याद रहेगा और जल्दी नहीं भूलेगा।
बच्चे को कहें कि आपको पढ़ाये
अपने बच्चे को कहें कि वो आपको छोटी- छोटी बातें सिखाएं जैसे जोड़ घटाना या फिर किसी अन्य विषय का कोई पाठ जो वो चाहे पढ़ाये। ऐसा करते समय ध्यान रखें कि वो ऊंची आवाज में बोले। इन आदतों से निश्चय ही आपके बच्चे की याददाश्त बढ़ेगी और आपका बच्चा पढ़ाई में अव्वल रहेगा।
रंगों के माध्यम से पढ़ायें
बच्चों को जो भी कुछ पढ़ाएं उसे अलग अलग रंगों से अंडरलाइन कर दें। इस तरह से आपका बच्चा रंगों के माध्यम से पाठ को याद रखेगा। इन रंगों में भी ऐसे रंगों का इस्तेमाल करें जिनसे उन्हें कुछ सीखने को मिले जैसे किसी खास पक्षी का रंग बताने के साथ ही उससे जुड़ा पाठ भी उसे याद हो जाएगा।