शादियों का सीजन एकबार फिर आ चुका है। शादी में दुल्हा और दुल्हन के दोस्तों का उत्साह देखते ही बनता है लेकिन विशेषकर दुल्हन जब ससुराल चले जाती है तो वह अपनी गृहस्थी में इतना उलझ जाती है कि अपने दोस्तों के लिए समय नहीं निकाल पाती है और बहुत कम समय में वह अपने दोस्तों से दूर हो जाती है। दोस्तों की जीवन में बहुत एहमियत होती है क्योंकि यह जरूरी नहीं कि आपकी पत्नी आपसे हर बात साझा कर सके, उन्हें उनके दोस्तों की भी आवश्यकता है इसलिए पति होने के नाते आप जरूर पत्नी की खुशी के लिए यह कार्य आसान कर सकते हैं। अगली स्लाइड्स में जानिए किस तरह आपके छोटे- मोटे प्रयासों से पत्नी और उनके दोस्तों की दोस्ती बनी रह सकती है।
शादी के बाद पत्नी दोस्तों के लिए निकाल सके समय, इस बात का पति रखें ख्याल
पर्सनल स्पेस दें
आपकी पत्नी अपना घर छोड़कर आई हैं, उनके लिए सबकुछ नया है इसलिए बहुत जरूरी है कि उन्हें पर्सनल स्पेस दें। ये वो समय होना चाहिए जिसमें पत्नी जो चाहे, वो कर सकें। वो अपने दोस्तों को खुशी-खुशी बता सकें कि उनका ससुराल कैसा है, उनके पति कैसे हैं, वे अपने घर को कितना याद करती हैं ताकि उनका मन हल्का रहे।
फोन के बीच न करें रोकाटोकी
यदि पत्नी के पास उनके दोस्तों का फोन आता है तो रोकाटोकी या पूछताछ न करें। इस तरह का व्यवहार उन्हें आहत कर सकता है। उन्हें अपना पूरा समय लेकर बात करने दें। पत्नी घर में नई हैं, वे और उनके दोस्त बखूबी जानते हैं कि खाली समय में ही वे दोस्तों को समय दे सकती हैं और यदि काम के बीच किसी दोस्त का फोन आता है तो हो सकता है उन्हें कोई जरूरी काम हो।
दोस्तों के साथा बाहर जाने दें
शादी के एक-दो महीने बाद यदि पत्नी के अपने दोस्तों के साथ कुछ प्लांस है तो उनमें हस्तक्षेप न करें। जिस तरह आपके अपने दोस्तों के साथ मिलने की, घूमने की योजनाएं हो सकती हैं, ठीक उसी तरह उनकी भी हो सकती हैं। यदि घर के किसी सदस्य को कोई समस्या है तो आप अपने घर के लोगों को बहुत अच्छे से जानते हैं, इसलिए उन्हें बेहतर ढंग से समझा सकते हैं।
जब पत्नी के दोस्त उनसे मिलने घर आते हैं तो उन्हें नजरअंदाज न करें और लंबे समय के लिए उन लोगों के बीच भी न बैठे रहें। उन्हें एकांत दें ताकि वे अपनी बातें कर सकें। जिस तरह आपकी पत्नी आपके दोस्तों का सम्मान करती हैं, ठीक उसी प्रकार आप भी यह भाव रखें। दोस्तों से घुलने- मिलने का प्रयास करें।