अपने समय में युवाओं के लिए प्यार की नई परिभाषा लिखने वाले देव आनंद का भी दिल एक समय में टूट चुका था।बावजूद इसके उनकी लाइफ में इन 5 लड़कियों ने दस्तक दी।बता दें, हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता रहे देव आनंद का आज 95वां जन्मदिन है। उनका असली नाम धर्मदेव आनंद था लेकिन सिनेमा से जुड़ने के बाद वह देव आनंद के नाम से मशूहर हुए। अपनी रील लाइफ में भले ही उन्होंने रोमांटिक किरदार निभाकर लोगों के दिलों पर दस्तक दी हो लेकिन उनकी रियल लाइफ में एक हसीना ने उनका दिल तोड़ दिया था। आप सोच रहे होंगे ऐसी कौन सी लड़की थी जिसने देव आनंद तक को धोखा दे दिया। तो आइए आपके ऐसे ही कुछ सवालों का जवाब देगी ये खबर।
ब्लैक ड्रेस को लेकर ही नहीं अफेयर्स को लेकर भी चर्चा में रहे देवानंद, इन 5 एक्ट्रेस से भी जुड़ा नाम
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देवानंद और सुरैया
अपनी आत्मकथा 'रोमांसिंग विद लाइफ' में देव आनंद ने अपनी लव स्टोरी का जिक्र भी किया है। देवानंद ने लिखा कि 'काम के दौरान सुरैया से मेरी दोस्ती गहरी होती जा रही थी। धीरे-धीरे ये दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई।' 'एक दिन भी ऐसा नहीं बीतता था जब हम एक दूसरे से बात ना करें। अगर आमने-सामने बात नहीं हो पा रही हो तब हम फोन पर घंटों बात करते रहते थे। जल्द ही मुझे समझ आ गया कि मुझे सुरैया से प्यार हो गया है। सुरैया मुस्लिम थीं जबकि मैं हिंदू।'देव आनंद आगे लिखते हैं कि 'सुरैया को देखे बगैर मुझे चैन नहीं मिलता था। उनके घरवालों ने हमारे मिलने जुलने पर रोक लगा दी थी।'एक दिन एक पानी की टंकी के पास हम मिले। उस वक्त सुरैया ने मुझसे गले लगकर कहा- आई लव यू। बस फिर क्या था।
देव आनंद बताते हैं कि 'सुरैया के लिए मैंने सगाई की अंगूठी खरीदी। मैं अंगूठी लेकर सुरैया के पास पहुंचा लेकिन उन्हें पता नहीं क्या हुआ उन्होंने मेरी दी हुई अंगूठी समुद्र में फेंक दी। मैंने कभी नहीं पूछा कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया। मैं वहां से चला आया। जैसा पहले भी होता आया है मजहब की दीवार के चलते ये प्यार अंजाम तक नहीं पहुंच पाया।'इसके बाद देव आनंद और सुरैया ने साथ में कोई फिल्म नहीं की और ना ही फिर कभी मिले। सुरैया ने कभी शादी भी नहीं की। कहा जाता है सुरैया देव आनंद से प्यार की बात भूल नहीं पाई थीं और कुंवारी रहकर उन्होंने पूरी जिंदगी बिता दी।
देवानंद और जीनत अमान
देवानंद ने ही बॉलीवुड को टीना मुनीम और जीनत अमान जैसी बेहतरीन एक्ट्रेस दीं। फिल्मों के अलावा देवानंद अपनी पर्सनल लाइफ की वजह से भी हमेशा सुर्खियों में रहे। कई ऐसी हीरोइनें रहीं जिनपर देवानंद का दिल आया लेकिन उनकी प्रेम कहानी कभी पूरी नहीं हो पाई। ऐसी ही एक और लव स्टोरी थी देवानंद और जीनत अमान की। देवानंद ने फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' में जीनत अमान को कास्ट किया था। इस फिल्म में जीनत ने देवानंद की बहन का किरदार निभाया था। शूटिंग के दौरान ही देवानंद को महसूस हुआ कि वो जीनत से प्यार कर बैठे हैं। जीनत की हर बात देव साहब को पसंद आती थी। मीडिया में दोनों के लिंकअप की खबर पढ़ देव साहब खुश हुआ करते थे।
इसका जिक्र खुद देव साहब ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'रोमांसिंग विद लाइफ' में किया था।एक दिन देवानंद ने जीनत को प्रपोज करने का फैसला किया। देव साहब ने सोचा कि वो जीनत को होटल ताज में प्रपोज करेंगे। इसी होटल में देव और जीनत कभी डिनर पर जाया करते थे। जीनत को प्रपोज करने के लिए देव साहब ने एक छोटी सी पार्टी रखी।इस पार्टी में देव साहब ने अपने करीबी दोस्तों और जीनत को बुलाया। लेकिन देव साहब ने देखा कि राज कपूर नशे की हालत में जीनत के पास गए और उन्हें अपनी बाहों में भर लिया। जीनत ने भी राज कपूर को गले लगा लिया।देव साहब ने इसे अफवाह समझ अनदेखा कर दिया था। अपनी किताब में इस किस्से का जिक्र करते हुए देव साहब ने कहा था कि ये सब देखने के बाद वो पार्टी से बाहर निकल गए। फिर कभी उन्होंने जीनत के बारे में सोचा भी नहीं। इस तरह देवानंद की एक लव स्टोरी का द एंड हो गया था।
महज पांच फिल्मों में देव आनंद के साथ काम करके उन्हें अपना जीवनसाथी बनाने वाली एक्ट्रेस मोना एक पंजाबी क्रिश्चन फैमली से थीं। साल 1980 में जन्मीं कल्पना कार्तिक का वास्तविक नाम मोना सिंह था। मोना ने शिमला से अपनी पढ़ाई की। मोना पर चेतन आनंद जी की नजर पड़ी तो उन्होंने मोना के परिवार से बात करके उन्हें मुंबई आने के लिए राजी कर लिया। जिसके बाद मोना को बाजी के लीड रोल के लिए साइन कर लिया गया।
इसके बाद कल्पना ने आंधिया, टैक्सी ड्राइवर, हाउस नंबर 44 और नौ दो ग्यारह में देव आनंद के साथ काम किया। अपने इसी फिल्मी सफर के दौरान देव आनंद और कल्पना ने एक दूसरे से शादी करने का मन बना लिया था। देव आनंद और कल्पना ने टैक्सी ड्राइवर की शूटिंग के दौरान लंच ब्रेक में निकलकर शादी कर ली। कल्पना का फिल्मी करियर भले ही छोटा जरूर रहा हो लेकिन जिंदगी के सफर को कामयाब बनाने में वह काफी सफल रहीं।
अपनी ऑटोबायोग्राफी 'रोमांसिंग विद लाइफ' में देव साहब ने अपने अफेयर्स के बारे में खुलकर बताया, उन्होंने लिखा, उनके पीछे लड़कियां स्कूल के समय से ही पड़ी थीं।''मैंने लड़कियों का पीछा कभी खुद नहीं किया। लड़कियां खुद मेरी दीवानी थीं।'देव आनंद लाहौर के गर्वमेंट कॉलेज में इंग्लिश ऑनर्स की पढ़ाई करते थे। ''मेरे साथ एक लड़की ऊषा चोपड़ा पढ़ती थी। उसकी मां हिंदुस्तानी और पापा अंग्रेज थे। वो साड़ी और हाई हिल की सैंडल पहन मेरे सामने वाले बैंच पर बैठती थी। मैं उसे प्यार करने लगा था। लेकिन झिझक के कारण उसे बस हाय ही बोल सका था।''' हालांकि देव साहब ने यह भी माना कि कुछ लड़कियों ने उनका दिल भी तोड़ा।