Parenting Tips: आजकल कम उम्र में ही बच्चे प्यार और इश्क जैसी भावनाओं को समझने लगते हैं। स्कूल के दिनों में ही बच्चे रिलेशनशिप में आ जाते हैं। अपने किसी दोस्त पर आकर्षित होने पर बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड वाली भावनाओं को महसूस करते हैं। हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के बच्चे प्यार, क्रश, आकर्षण और रिलेशनशिप में आ जाते हैं। वहीं जब अभिभावक को अपने बच्चे के अफेयर के बारे में पता चलता है तो उसके लिए यह बड़ी बात होती है, खासकर अगर बच्चा कम उम्र का हो। कम उम्र के बच्चों के रिलेशनशिप में आने की जानकारी माता पिता को चिंतित कर देती हैं। अधिकतर मामले में माता पिता अपने कम उम्र के बच्चे के अफेयर को गुस्सा हो जाते हैं। उन्हें डांटते हैं और कई तरह की बंदिशे लगा देते हैं। यही अभिभावकों की सबसे बड़ी गलती होती है। माता पिता के इस व्यवहार, गुस्से, बंदिशों से बच्चे डर जाते हैं और गलत कदम उठाते हैं।बच्चे अपने रिश्ते और भावनाओं को लेकर झूठ बोलने लगते हैं। चलिए जानते हैं कि अगर माता पिता को पता चले कि उनका कम उम्र का बच्चा किसी से प्यार करता है, या रिलेशनशिप में हैं तो अभिभावक को क्या करना चाहिए।
Parenting Tips: कम उम्र का बच्चा किसी से करने लगे प्यार, तो अभिभावक न करें ये गलतियां
बच्चे पर गुस्सा न करें
आपका बच्चा किसी से प्यार करता है, अगर ये बात अभिभावक को पता चलती है, तो अधिकतर मामलों में सबसे पहले गुस्सा आ जाता है। वह बच्चे को डांटना शुरू कर देते हैं। लेकिन ये आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है। उम्र के साथ बच्चे के शरीर और मस्तिष्क दोनों में बदलाव आने लगता है। ऐसे में बच्चा किसी से आकर्षित महसूस कर सकता है। लेकिन अगर आप बच्चे पर गुस्सा करेंगे तो वह डर जाएगा और आपको अपने रिलेशनशिप के बारे में कुछ नहीं बताएगा।
बच्चे की भावनाओं को समझें
अपने बच्चे की भावनाओं को समझें। शांत मन से उनकी बात सुनें। बच्चा अपने रिलेशनशिप और प्यार के बारे में क्या सोचता है, यह जानने का प्रयास करें। बच्चे की बात सही से सुनकर ही आप समझ सकते हैं कि वह अपने अफेयर और प्यार को लेकर क्या विचार रखता है और कितना गंभीर है। इस आधार पर ही उससे डील करें।
बच्चे का दोस्त बनें
जब बच्चा घर से बाहर निकलता है कि तो वह दोस्त बनाता है। कई बार दोस्तों का बर्ताव और पसंद न पसंद बच्चे को प्रभावित करती हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चे का दोस्त बनना चाहिए ताकि वह बाहर से सीखी बातों को घर आकर अपने माता पिता से साझा करें और अभिभावक उसे उम्र से पहले ऐसी भावनाओं की ओर जाने से रोकें।
बच्चे के प्यार का मतलब समझाएं
अगर आपको अपने कम उम्र के बच्चे के प्यार और रिलेशनशिप के बारे में पता चले तो उसे समझाएं। डांटने के बजाए बच्चे को यह समझाएं कि प्यार, रिलेशनशिप और इश्क क्या होता है। उनकी भावनाएं कितनी सही हैं। हालांकि बच्चे को जज न करें।