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UP: केजीएमयू में काम न आया मंत्री का पत्र, बेटे को नहीं मिला इलाज, घर लौटने के लिए मां को बेचनी पड़ी पायल

संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 12 Apr 2026 07:22 PM IST
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सार

पीलीभीत से दिल झकझोरने वाला मामला सामने आया है। शहर निवासी महिला अपने बीमार बेटे का इलाज कराने केजीएमयू लखनऊ गई, लेकिन वहां बेटे को न इलाज मिला और न ही भर्ती नहीं किया गया। गन्ना राज्यमंत्री का सिफारिशी पत्र भी उसके काम नहीं आया। 

Son Denied Treatment at KGMU Mother Forced to Sell Anklets to Return Home in Pilibhit
पीड़ित महिला - फोटो : संवाद
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विस्तार

किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित बेटे का इलाज करने केजीएमयू (मेडिकल कॉलेज लखनऊ) पहुंची पीलीभीत की महिला निराश होकर लौटी। गन्ना राज्यमंत्री का पत्र भी काम न आया। केजीएमयू में मरीज को न भर्ती किया गया और न ही इलाज मिला। महिला का कहना है कि घर वापस आने के लिए उसे पायल बेचनी पड़ीं। महिला के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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वायरल वीडियो में शहर की वल्लभनगर कॉलोनी निवासी महिला रामकली बताती हैं कि उनके बेटे श्यामसुंदर को टीबी और लिवर में समस्या है। गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज ले गई थी। गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार का सिफारिशी पत्र भी ले गई थी। महिला का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में बेटे का इलाज नहीं किया गया। उसे भर्ती भी नहीं किया। मेडिकल कॉलेज में राज्यमंत्री का सिफारिशी पत्र भी काम नहीं आया। महिला का आरोप है कि पहले दिन तो बेटे को कुछ दवाएं दी गईं। बाद में उसे भर्ती भी नहीं किया गया। 

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वापस आने के लिए बेची पायल, बेटे के इलाज की मांग
रामकली ने बताया कि जब बेटे का इलाज नहीं हुआ तो उसने घर वापस आने का प्रयास किया। रुपये न होने से उसे अपनी पायल बेचनी पड़ीं। महिला की मांग है कि उनके बेटे का समुचित इलाज कराया जाए, जिससे उसे बेहतर स्वास्थ्य मिले। बेटा श्यामसुंदर उठ बैठ भी नहीं पाता है। बेड सोल हो गया है। 

गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार ने बताया कि महिला के बेटे के इलाज के लिए पत्र और अन्य प्रयास किए गए। आजकल हम पश्चिम बंगाल में है। अगर इलाज में किसी तरह की समस्या आई थी तो उनके जन सहयोग कार्यालय पर संपर्क किया जा सकता है। 

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