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Pilibhit News: पढ़ाई के साथ हुनर पर जोर, क्विज-प्रोजेक्ट और ओडीओपी गतिविधियां अनिवार्य
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माध्यमिक शिक्षा के नए कैलेंडर में बदलाव करते हुए जारी किए गए निर्देश
पीलीभीत। माध्यमिक विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मकता और स्थानीय हुनर से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इससे विद्यार्थियों का जहां विकास होगा। वहीं, आगे बढ़ने में भी मदद मिलेगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर में शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसके तहत अब विद्यालयों में क्विज प्रतियोगिताएं, रचनात्मक प्रोजेक्ट और एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़ी गतिविधियां अनिवार्य कर दी गई हैं। कक्षा नौ और 11 के छात्रों के लिए सत्र की शुरुआत से ही प्रोजेक्ट कार्य को जरूरी बनाया गया है।
विद्यार्थी भाषा, गणित, विज्ञान और कला जैसे विषयों पर प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। इससे उनकी सोचने-समझने और विश्लेषण करने की क्षमता विकसित होगी। ओडीओपी योजना के अंतर्गत छात्रों को जिले के पारंपरिक उत्पादों और उद्योगों से परिचित कराने के लिए शिल्प मेलों और प्रदर्शनियों का भ्रमण कराया जाएगा। इससे वे स्थानीय रोजगार के अवसरों और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन नई पहल से विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति घटेगी और वे व्यवहारिक ज्ञान के साथ अधिक सक्षम बनकर उभरेंगे।
डीआईओएस राजीव कुमार ने बताया कि नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी। इसको लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। संवाद
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पीलीभीत। माध्यमिक विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मकता और स्थानीय हुनर से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इससे विद्यार्थियों का जहां विकास होगा। वहीं, आगे बढ़ने में भी मदद मिलेगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर में शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसके तहत अब विद्यालयों में क्विज प्रतियोगिताएं, रचनात्मक प्रोजेक्ट और एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़ी गतिविधियां अनिवार्य कर दी गई हैं। कक्षा नौ और 11 के छात्रों के लिए सत्र की शुरुआत से ही प्रोजेक्ट कार्य को जरूरी बनाया गया है।
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विद्यार्थी भाषा, गणित, विज्ञान और कला जैसे विषयों पर प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। इससे उनकी सोचने-समझने और विश्लेषण करने की क्षमता विकसित होगी। ओडीओपी योजना के अंतर्गत छात्रों को जिले के पारंपरिक उत्पादों और उद्योगों से परिचित कराने के लिए शिल्प मेलों और प्रदर्शनियों का भ्रमण कराया जाएगा। इससे वे स्थानीय रोजगार के अवसरों और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन नई पहल से विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति घटेगी और वे व्यवहारिक ज्ञान के साथ अधिक सक्षम बनकर उभरेंगे।
डीआईओएस राजीव कुमार ने बताया कि नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी। इसको लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। संवाद