Raksha Bandhan 2024 : 19 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित दिन है। इस मौके पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं जो रक्षा सूत्र होता है। यह भाई की रक्षा करने और उनकी लंबी आयु की कामना का प्रतीक होता है। वहीं भाई भी जीवन भर अपनी बहन की रक्षा का वचन देते हैं।
Raksha Bandhan 2024: राखी पर गिफ्ट तो सभी दे देंगे, लेकिन आप करें अपनी बहन से ये 5 वादे
यहां कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में बताया जा रहा है, जो बहन को उपहार के तौर पर रक्षाबंधन के मौके पर दे सकते हैं।
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अकेले निकलने दें
आज भी भारतीय परिवारों में बहन छोटी हो या बड़ी, अपने घर के पुरुषों पर निर्भर होती है। उसे स्कूल-कॉलेज से लेकर घर के बाहर कहीं जाने के लिए पिता और भाई की जरूरत महसूस होती है। बहन भी बाहर निकलने से पहले इस उम्मीद में रहती हैं कि भाई उन्हें ड्रॉप कर दे। अधिकतर लड़कियां इस बात की आदि हो जाती हैं और घर से अकेले निकलते वक्त उसमें आत्मविश्वास की कमी होने लगती है।
बहन को आत्मनिर्भर बनाएं। उन्हें अकेले घर से निकलने दें और अपने काम स्वयं करने दें ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और अकेले निकलने में उन्हें डर न लगे।
बहन को बनाएं मजबूत
लड़कियों को मानसिक तौर पर तो बाहर वालों के साथ ही घर वाले भी कमजोर बनाते हैं, जिसमें उनसे ये कहा जाता है कि 'अकेले घर से नहीं निकलना चाहिए, रात में देर तक बाहर नहीं रहना चाहिए, लड़कियां कमजोर होती हैं, आदि। इस तरह की बातों से उनका मनोबल कम हो जाता है। भाई को उन्हें शारीरिक तौर पर मजबूत बनाना चाहिए ताकि दुनिया की ऐसी बातें उन्हें डरा न सकें। इसलिए बहन की फिटनेस पर ध्यान दें। उन्हें आत्मरक्षा के गुण सिखाएं, इसके लिए बहन को मार्शल आर्ट्स, मुक्केबाजी या जूडो क्लास में भेजें।
फैसले लेने दें
घर की बेटी के लिए फैसले माता पिता या भाई ही लेता है। उसे किस काॅलेज में पढ़ना है, क्या पढ़ना है, नौकरी करनी है या नहीं, या फिर किससे शादी करनी है, समेत जीनव से जुड़े हर छोटे-बड़े फैसलों के लिए एक लड़की अपने परिवार पर निर्भर करती है। इसका परिणाम ये होता कि लड़की फैसले लेने की क्षमता ही खो देती है। शादी से पहले माता पिता और शादी के बाद पति व ससुराल के फैसलों के मुताबिक अपना जीवन जीने लगती है। लेकिन आप अपनी बहन का जीवन दूसरों के फैसलों पर न छोड़ें। बल्कि उसे खुद के फैसले लेने के लिए समर्थन दें।
बहन की राय जानें। वह क्या करना चाहती हैं, ये जानकर उन्हें उनके फैसले लेने दें।
भावनात्मक समर्थन
कई बार ऐसे मौके आते हैं जब बहन अपने परिवार का सपोर्ट चाहती है। आप अपनी बहन से वादा करें और उन्हें एहसास दिलाएं कि जब भी उन्हें आपकी जरूरत होगी, आप हमेशा उनका सहयोग करेंगे। कोई बहन का साथ दे या न दे, आप हमेशा उनका जितना संभव हो साथ देंगे। वह कभी भी मुश्किल वक्त में आपके पास आ सकती हैं।