गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं, लेकिन आज के दौर में बचपन अक्सर स्मार्टफोन या टीवी स्क्रीन पर उंगलियां चलाते हुए सिमट जाता है। बाल विकास विशेषज्ञ बताते हैं कि छुट्टियां वह समय होती हैं जब बच्चे सबसे ज्यादा सीखते हैं, नई चीजें खोजते हैं और जीवनभर की यादें बनाते हैं।
Summer Vacation: बच्चों का स्क्रीन टाइम होगा कम, छुट्टियां बनेंगी यादगार; अपनाएं ये 5 मजेदार तरीके
समर वेकेशन में महंगे कैंप्स के बजाय घर पर ही खेल-खेल में बढ़ाएं बच्चों की कल्पनाशक्ति, आत्मनिर्भरता और लाइफ स्किल्स। छुट्टियां वह समय होती हैं जब बच्चे सबसे ज्यादा सीखते हैं, नई चीजें खोजते हैं और जीवनभर की यादें बनाते हैं। इसमें इसे मोबाइल से दूर रखें और लोगों से मिलने दें।
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समर वेकेशन को मजेदार बनाने के 5 बेस्ट तरीके
1. कलर एंड क्राफ्ट से बढ़ाएं रचनात्मकता
दोपहर की तपती धूप में भी घर के अंदर मस्ती की कोई कमी नहीं होगी, जब आप बच्चों को रंग, ब्रश, चार्ट पेपर और घर में पड़ी कुछ बेकार चीजों से कुछ नया बनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
- क्या कर सकते हैं : इससे बच्चे अपना 'ड्रीम हाउस' बना सकते हैं, पसंदीदा किताबों के लिए रंग-बिरंगे बुकमार्क तैयार कर सकते हैं या पुराने डिब्बों को सजाकर खूबसूरत पेन स्टैंड बना सकते हैं।
2. लिटिल शेफ: किचन में सीखें आत्मनिर्भरता
रसोईघर भी बच्चों के लिए सीखने का एक शानदार और व्यावहारिक स्थान हो सकता है। बिना आग के (Fireless Cooking) तैयार होने वाली चीजें इसमें शामिल करें।
- क्या कर सकते हैं: फ्रूट सलाद काटना, सैंडविच असेंबल करना या नींबू पानी तैयार करना जैसे छोटे-छोटे काम बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हैं। जब बच्चा अपने हाथों से कुछ बनाकर परिवार को खिलाता है, तो उसका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होता है।
घर के अंदर एक जासूस की तरह सोचने का रोमांच बच्चों को बेहद पसंद आता है।
- आप घर या बगीचे के अलग-अलग कोनों में छोटे-छोटे सुराग (Clues) छिपाकर उन्हें खजाना खोजने की चुनौती दीजिए। हर सुराग के साथ बढ़ता उत्साह बच्चों को घंटों व्यस्त रखेगा और इससे उनकी प्रॉब्लम-सॉल्विंग (समस्या हल करने की) क्षमता मजबूत होगी।
4. आउटडोर गेम्स: बच्चों को रखें फिट
शाम के समय जब धूप कम हो जाए, तो बच्चों को बाहर खेलने के लिए जरूर प्रोत्साहित करें।
- साइकिल चलाना, बैडमिंटन, दौड़ लगाना, छुपन-छुपाई या दोस्तों के साथ पार्क में घूमना। यह न केवल शारीरिक रूप से उन्हें फिट रखता है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत करता है। सही मायने में बचपन की असली पहचान खुला आसमान और खिलखिलाती हंसी ही तो है।
5. फैमिली फन ऑवर: बनाएं खुशियों के पल
छुट्टियों में परिवार के साथ बिताया गया समय बच्चों के लिए सबसे कीमती तोहफा होता है।
- रात को या वीकेंड पर लूडो, कैरम जैसे बोर्ड गेम्स खेलना, पुरानी तस्वीरें या एल्बम देखना, दादा-दादी से कहानियां सुनना या घर की छत पर छोटी-सी पिकनिक करना। ये ऐसे पल हैं जो वर्षों बाद भी उनकी यादों में मुस्कुराते रहेंगे।
बच्चों के लिए 'बोर' होना भी है जरूरी
बाल विकास सलाहकार रोहिणी सेठी कहते हैं, गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को किसी महंगे समर कैंप की जरूरत नहीं होती। गली क्रिकेट, रसोई के छोटे-मोटे कामों में सहयोग और परिवार के साथ खुलकर समय बिताना ही उनके मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास के लिए सबसे बेहतरीन है।
एक खास बात और बच्चों का थोड़ा खाली बैठना या हल्की बोरियत महसूस करना भी उनके लिए जरूरी है। जब बच्चे बोर होते हैं, तभी उनका दिमाग खुद को व्यस्त रखने के नए रास्ते खोजता है, जिससे उनमें रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और जीवन कौशल का जन्म होता है।