सफर करना हम सबको अच्छा लगता है। बच्चे, बूढ़े, जवान हर उम्र के लोगों को घूमना काफी अच्छा लगता है। यात्रा तो हम बहुत से साधनों से करते हैं जैसे बस, हवाई जहाज, मोटरगाड़ी, रेल गाड़ी। लेकिन जब रेल गाड़ी में सफर करना होता है तो बात ही कुछ और होती है। ट्रेन का सफर किसे पसन्द नहीं होता? जब भी हम रेल का सफर करते हैं तो हर बार एक नया अनुभव होता है। क्या आप जानते हैं भारत में रोजाना रेल का सफर 2 करोड़ से ज्यादा लोग करते हैं, जो कि ऑस्ट्रेलिया की पूरी जनसंख्या के बराबर है। इससे समझा जा सकता है कि रेल मे सफर भारत में कितना महत्व रखता है। वहीं दूसरी तरफ कुछ यात्री ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे उन्हें जेल भी हो जाती है। कभी कभी जेल के साथ भारी जुर्माना भी भरना पड़ता है। अगर आप भी मुश्किलों से बचना चाहते हैं तो हम आपको 5 ऐसे नियम बताने जा रहे हैं, जिसको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है -
काम की बात: रेल यात्रा के दौरान भूल कर भी ना करें ये गलतियां, वरना हो जाएगी जेल
बेटिकट यात्रा करने पर
अक्सर जब कोई व्यक्ति ट्रेन में यात्रा करता है तो जल्दी जल्दी में टिकट लेना भूल जाता है। कई ऐसे भी यात्री होते हैं जो जानबूझकर टिकट नहीं लेते हैं। कुछ ऐसे यात्री होते हैं जो अलग डेट की टिकट लेकर यात्रा करते हैं। ऐसे यात्रियोंं को रेल सफर के दौरान पकड़े जाने पर छह माह की जेल या एक हजार रुपये का जुर्माना लग सकता है।
गलत क्लास में यात्रा करने पर सजा
क्या आपने कभी ऐसा किया है कि जनरल का टिकट लेकर स्लीपर क्लास में चले गए हों। अगर आप ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाइए। ऐसा करना आपको जेल भेज सकता है क्योंकि रेलवे में ये दंडनीय अपराध है। ऐसा करते हुए आप पकड़े जाते हैं तो आपको दोनों क्लास के किराए के बीच के अंतर के बराबर जुर्माना भरना होगा। जुर्माना न भरने पर 1 माह की जेल हो सकती है।
विस्फोटक या ज्वलनशील सामान लेकर यात्रा न करें
अगर कोई यात्री रेल यात्रा के समय अपने साथ गैस सिलेंडर या केरोसिन जैसे सामान को लेकर यात्रा करता है। जिससे दूसरों की जान माल का खतरा होता है तो उस यात्री को सजा हो सकती है। ऐसे यात्री को तीन साल की जेल या एक हजार रुपये का जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है। अगर इस दौरान ट्रेन में गैस सिलेंडर फट जाता है या केरोसिन तेल से आग लग जाती है तो जितना भी नुकसान होता है। सारे नुकसान की भरपाई उस यात्री को करनी होगी।
जिस क्लास का टिकट हो सामान की मात्रा उतनी ही रखें
अक्सर देखा जाता है कि रेल में यात्रा करते समय यात्रा तो 1 व्यक्ति करता है। लेकिन उसके पास जो सामान होता है, उसकी मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसके लिए रेलवे ने नियम बनाया है कि जिस क्लास का टिकट है उतनी ही मात्रा में सामान होना चाहिए, आइए आपको बताते है कि किस क्लास में कितनी मात्रा का सामान होना चाहिए।-
क्लास सामान की मात्रा
फर्स्ट, 70 kg
सेकंड, 50 kg
थर्ड, 40 kg
स्लीपर, 40 kg
सेकेंड श्रेणी, 35 kg
यात्री तय की गई मात्रा के सामान ले जा सकते हैं। अगर इससे अधिक सामान आप ले जाते हैं तो आपको एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ सकता है। अगर आपने चार्ज नहीं दिया और पकड़े गए तो सामान के वजन का 6 गुना ज्यादा जुर्माने के रूप में देना पड़ेगा।