ट्रेनों से यात्रा करने का अलग अनुभव होता है। ज्यादातर भारतीय रेल यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक मानते हैं। रेलवे चार महीने पहले टिकट रिजर्वेशन की सुविधा देता है। यानी कि आप देशभर में ट्रेन से कहीं भी जाने की प्लानिंग आप चार महीने पहले कर सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि अचानक से आपको यात्रा रद्द करनी पड़ती है। ऐसे में टिकट कैंसिल कराना पड़ता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि टिकट कैंसिल करने पर किस परिस्थिति में कितने पैसे वापस मिलते हैं:
रेल टिकट कैंसिल कराने पर किस परिस्थिति में कितने पैसे वापस मिलते हैं, क्या है IRCTC की रिफंड पॉलिसी?
आजकल ज्यादातर लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ई-टिकट बुक करते हैं। ई-टिकट को रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर पर कैंसिल नहीं किया जाता है, बल्कि इसे ट्रेन के चार्ट के तैयार होने तक केवल ऑनलाइन सुविधा से आईआरसीटीसी की वेबसाइट irctc.co.in या मोबाइल ऐप पर ही कैंसिल किया जा सकता है। टिकट कैंसिल कराने पर आईआरसीटीसी की मौजूदा रेलवे रिफंड नियमों के अनुसार पीआरएसए सिस्टम द्वारा पैसे वापस दिए जाएंगे। आइए जानते हैं क्या है रेलवे की रिफंड पॉलिसी:
आईआरसीटीसी के अनुसार, रिफंड के लिए इन नियमों के तहत तय सीमा के अंदर ऑनलाइन टिकट कैंसिल किया जाना चाहिए। रिफंड की पॉलिसी ई-टिकट के स्टेटस पर निर्भर करेगी। आपका टिकट वेटिंग है या आरएसी रह गया है, तो इस स्थिति में आपको टिकट कैंसिल कराने पर लाभ मिल सकता है। ट्रेन खुलने के आधे घंटे पहले तक भी अगर यात्रा रद्द करनी पड़े तो केवल क्लेरिकल चार्ज काटकर पूरे पैसे वापस कर दिए जाएंगे
- ट्रेन खुलने के 12 घंटे पहले: 25 फीसदी किराया या क्लेरिकल चार्ज में जो अधिक हो, उतने पैसे काट लिए जाते हैं।
- ट्रेन खुलने के चार घंटे पहले: 50 फीसदी किराया या क्लेरिकल चार्ज में जो अधिक हो, उतने पैसे काट लिए जाते हैं।
- चार्ट तैयार हो जाने के बाद: पूरा पैसा काट लिया जाता है और यात्री को कोई लाभ नहीं मिलता है।
ट्रेन खुलने के 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर काटे जाएंगे इतने रुपये
- फर्स्ट एसी या एग्जिक्युटिव क्लास के लिए: 240 रुपये
- एसी टू टियर के लिए: 200 रुपये
- एसी थ्री टियर के लिए: 180 रुपये
- एसी चेयर कार के लिए: 180 रुपये
- स्लीपर क्लास के लिए: 120 रुपये
- सेकंड क्लास के लिए: 60 रुपये
