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Fitness Guide: जिम करने वालों के लिए क्यों जरूरी है योग? जानें इसके बड़े फायदे
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sun, 17 May 2026 01:13 PM IST
सार
Yoga For Fitness: जो लोग जिम करते हैं, उनके जहन में अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या जिम करने वाले लोगों को योगा करना चाहिए? यहां हम आपको इस सवाल का सही जवाब देंगे।
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क्या जिम करने वाले लोगों को योग करना चाहिए?
- फोटो : AI
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Yoga For Fitness: आज के समय में फिटनेस के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और बड़ी संख्या में लोग जिम जाकर वर्कआउट कर रहे हैं। मसल्स बनाना, बॉडी टोन करना और फिजिकल स्ट्रेंथ बढ़ाना अब एक आम लक्ष्य बन चुका है। लेकिन केवल जिम करना ही पूरी फिटनेस की गारंटी नहीं देता।
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क्या जिम करने वाले लोगों को योग करना चाहिए?
- फोटो : Adobe
शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है
जिम में किए जाने वाले वेट ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट से मसल्स मजबूत तो होती हैं, लेकिन कई बार शरीर टाइट भी हो जाता है। ऐसे में योग एक नेचुरल स्ट्रेचिंग का काम करता है। नियमित योगासन जैसे ताड़ासन, भुजंगासन और पश्चिमोत्तानासन शरीर की मांसपेशियों को खोलते हैं और उन्हें लचीला बनाते हैं। इससे मूवमेंट आसान होता है और बॉडी में जकड़न महसूस नहीं होती। फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ने से जिम में परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है।
जिम में किए जाने वाले वेट ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट से मसल्स मजबूत तो होती हैं, लेकिन कई बार शरीर टाइट भी हो जाता है। ऐसे में योग एक नेचुरल स्ट्रेचिंग का काम करता है। नियमित योगासन जैसे ताड़ासन, भुजंगासन और पश्चिमोत्तानासन शरीर की मांसपेशियों को खोलते हैं और उन्हें लचीला बनाते हैं। इससे मूवमेंट आसान होता है और बॉडी में जकड़न महसूस नहीं होती। फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ने से जिम में परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है।
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क्या जिम करने वाले लोगों को योग करना चाहिए?
- फोटो : Freepik.com
चोट लगने का खतरा कम होता है
जिम में भारी वजन उठाने या गलत पोस्चर से इंजरी का खतरा बढ़ जाता है। योग मांसपेशियों, लिगामेंट्स और जोड़ों को मजबूत बनाकर शरीर को बैलेंस देता है। जब शरीर ज्यादा लचीला और स्थिर होता है, तो एक्सरसाइज करते समय चोट लगने की संभावना काफी कम हो जाती है। इसलिए योग एक तरह से शरीर की प्री-वर्कआउट और पोस्ट-वर्कआउट सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
जिम में भारी वजन उठाने या गलत पोस्चर से इंजरी का खतरा बढ़ जाता है। योग मांसपेशियों, लिगामेंट्स और जोड़ों को मजबूत बनाकर शरीर को बैलेंस देता है। जब शरीर ज्यादा लचीला और स्थिर होता है, तो एक्सरसाइज करते समय चोट लगने की संभावना काफी कम हो जाती है। इसलिए योग एक तरह से शरीर की प्री-वर्कआउट और पोस्ट-वर्कआउट सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
क्या जिम करने वाले लोगों को योग करना चाहिए?
- फोटो : Adobe stock photos
मानसिक तनाव कम होता है
जिम शरीर को फिट करता है, लेकिन योग मन को शांत करने में मदद करता है। ध्यान (मेडिटेशन) और प्राणायाम से दिमाग में चल रही भागदौड़ कम होती है। इससे स्ट्रेस लेवल घटता है और फोकस बढ़ता है। जो लोग रोज जिम करते हैं, उनके लिए योग मानसिक बैलेंस बनाए रखने का एक बेहतरीन तरीका है। यह नींद की गुणवत्ता भी सुधारता है और मूड को बेहतर बनाता है।
जिम शरीर को फिट करता है, लेकिन योग मन को शांत करने में मदद करता है। ध्यान (मेडिटेशन) और प्राणायाम से दिमाग में चल रही भागदौड़ कम होती है। इससे स्ट्रेस लेवल घटता है और फोकस बढ़ता है। जो लोग रोज जिम करते हैं, उनके लिए योग मानसिक बैलेंस बनाए रखने का एक बेहतरीन तरीका है। यह नींद की गुणवत्ता भी सुधारता है और मूड को बेहतर बनाता है।
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क्या जिम करने वाले लोगों को योग करना चाहिए?
- फोटो : Adobe Stock
सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है
योग में किए जाने वाले प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम और कपालभाति फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं। इससे शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है, जो जिम वर्कआउट के दौरान स्टैमिना बढ़ाने में मदद करती है। बेहतर ब्रीदिंग से थकान भी कम महसूस होती है और रिकवरी तेजी से होती है। यह दिल और फेफड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है।
योग में किए जाने वाले प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम और कपालभाति फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं। इससे शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है, जो जिम वर्कआउट के दौरान स्टैमिना बढ़ाने में मदद करती है। बेहतर ब्रीदिंग से थकान भी कम महसूस होती है और रिकवरी तेजी से होती है। यह दिल और फेफड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है।