Better Breath Ke liye Yoga: आजकल बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ते प्रदूषण और धूल-मिट्टी के कारण सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोग अस्थमा, एलर्जी, सांस फूलना और सीने में जकड़न जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग न सिर्फ शरीर को रिलैक्स करता है, बल्कि फेफड़ों को मजबूत बनाने और ब्रीदिंग सिस्टम को बेहतर करने में भी मदद कर सकता है।
Yoga For Better Breathing: फेफड़ों की सफाई से लेकर स्ट्रेस कम करने तक, कमाल करते हैं ये योग
Asthma relief yoga tips: सांस की समस्या और अस्थमा में भुजंगासन, अनुलोम-विलोम, सेतु बंधासन, मत्स्यासन और बालासन जैसे योगासन फायदेमंद माने जाते हैं। ये फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, ऑक्सीजन फ्लो सुधारने और सांस लेने में राहत देने में मदद कर सकते हैं।
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अस्थमा मरीजों के लिए कौन-से योगासन अच्छे माने जाते हैं?
भुजंगासन
- छाती को खोलने में मदद करता है।
- फेफड़ों में हवा के फ्लो को बेहतर बनाता है।
- सांस लेने में आसानी महसूस हो सकती है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
- नाक की दोनों नलियों को संतुलित करता है
- सांस लेने की प्रक्रिया शांत और नियंत्रित होती है
- तनाव कम करने में मददगार
मत्स्यासन
- चेस्ट ओपनिंग के लिए अच्छा योगासन
- गले और फेफड़ों पर सकारात्मक असर
- सांस लेने की क्षमता बेहतर करने में सहायक
सेतु बंधासन
- छाती और फेफड़ों को स्ट्रेच करता है।
- ऑक्सीजन फ्लो बेहतर हो सकता है।
- थकान और सांस फूलने में राहत
बालासन
- शरीर और दिमाग को रिलैक्स करता है।
- गहरी सांस लेने में मदद मिलती है।
- अस्थमा में होने वाली बेचैनी कम हो सकती है।
हां, प्राणायाम को सांस से जुड़ी परेशानियों में बेहद असरदार माना जाता है। सांस की समस्या से राहत पाने के लिए कुछ प्राणायाम फायदेमंद माने जाते हैं। जैसे,
- कपालभाति
- भ्रामरी
- अनुलोम-विलोम
- दीर्घ श्वास अभ्यास
ये तकनीकें फेफड़ों को एक्टिव करने और सांस की गति को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।
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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।