Yoga for Digestion: कौन सा योग करने से पाचन सही रहता है?
Yoga for Digestion: अगर आपका पेट खराब रहता है तो गर्मी के मौसम में कुछ योगासनों का अभ्यास अवश्य करें। इन योगासनों की वजह से आपको पाचन संबंधी दिक्कतें नहीं होंगी।
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- पवनमुक्तासन पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए सबसे प्रभावी योगासनों में से एक माना जाता है।
- इस आसन में पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को धीरे-धीरे पेट की ओर लाया जाता है और हाथों से पकड़कर शरीर को रिलैक्स किया जाता है।
- इससे पेट में जमा गैस बाहर निकलने में मदद मिलती है और अपच की समस्या कम होती है।
- यह आसन आंतों की गतिविधि को सक्रिय करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है।
- नियमित अभ्यास से कब्ज और पेट फूलने की समस्या में भी राहत मिलती है।
- वज्रासन एक ऐसा योगासन है जिसे भोजन के तुरंत बाद भी किया जा सकता है।
- इस आसन में घुटनों के बल बैठकर एड़ियों पर शरीर को टिकाया जाता है।
- यह पाचन क्रिया को तेज करता है और पेट की मांसपेशियों में रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
- इससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है।
- यह आसन एसिडिटी और गैस की समस्या में भी काफी लाभकारी माना जाता है।
- रोजाना कुछ मिनट इसका अभ्यास करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है।
- भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहा जाता है, जिसमें शरीर को पेट के बल लेटाकर ऊपर की ओर उठाया जाता है।
- यह आसन पेट के अंगों पर हल्का दबाव डालता है जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है।
- यह कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या में राहत देता है।
- यह रीढ़ की हड्डी को भी मजबूत बनाता है और शरीर को लचीला बनाता है।
- नियमित अभ्यास से पेट की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं।
- त्रिकोणासन एक स्ट्रेचिंग योगासन है जिसमें शरीर को त्रिकोण आकार में लाया जाता है।
- यह आसन पेट और आंतों पर हल्का दबाव डालता है, जिससे पाचन क्रिया मजबूत होती है।
- यह शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म को सुधारता है।
- नियमित अभ्यास से शरीर ऊर्जावान रहता है और पाचन संबंधी समस्याएं कम होती हैं।
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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।