Balasana Ke Fayde: योग मन और तन दोनों को स्वस्थ रखता है। कई योगासन हैं जो कमर दर्द, तनाव और पेट की जिद्दी चर्बी को कम करने में सहायक हैं। इसमें से एक प्रभावी योग बालासन है। बालासन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी योगासन है। यह शरीर और मन दोनों को गहराई से आराम देता है। इसे अंग्रेजी में Child Pose कहा जाता है।
Balasana Benefits: रोज सिर्फ 2 मिनट बालासन करें और पाएं 10 चमत्कारी फायदे
Child Pose Benefits And Steps in hindi: यदि आप योग की शुरुआत कर रहे हैं, तो बालासन को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें। आइए जानते हैं बालासन के फायदे, इसे करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां।
बालासन के 10 प्रमुख फायदे
तनाव और चिंता कम करता है
बालासन करने से मन शांत होता है और मानसिक तनाव कम होता है। यह आसन नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है।
कमर दर्द में राहत
लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से होने वाले लोअर बैक पेन में यह बहुत लाभदायक है।
पाचन तंत्र को सुधारता है
पेट पर हल्का दबाव पड़ने से पाचन क्रिया बेहतर होती है।
रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है
यह आसन स्पाइन को स्ट्रेच करता है और उसकी लचक बढ़ाता है।
थकान दूर करता है
दिनभर की थकान मिटाने के लिए यह एक बेहतरीन रिलैक्सिंग पोज है।
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है
शरीर में रक्त प्रवाह संतुलित रहता है।
कंधे और गर्दन के तनाव में राहत
यह आसन दफ्तर में काम करने वालों के लिए बेहद उपयोगी है।
नींद में सुधार
अनिद्रा से परेशान लोगों को यह आसन नियमित रूप से करना चाहिए।
हाई ब्लड प्रेशर में सहायक
नियमित अभ्यास से रक्तचाप संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
माइग्रेन में राहत
सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या में भी लाभकारी।
बालासन करने का सही तरीका
स्टेप 1- योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
स्टेप 2- अपने पंजों को पीछे सीधा रखें और एड़ियों पर बैठें।
स्टेप 3- अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और माथा जमीन से लगाएं।
स्टेप 4- दोनों हाथों को आगे की ओर सीधा फैलाएं या शरीर के साथ पीछे रखें।
स्टेप 5- सामान्य गति से सांस लेते रहें।
स्टेप 6- 30 सेकंड से 2 मिनट तक इस स्थिति में रहें।
स्टेप 7- धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।
शुरुआत में 3-5 बार दोहराएं।
बालासन करते समय सावधानियां
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घुटनों में गंभीर दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
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गर्भवती महिलाएं बिना विशेषज्ञ की सलाह के न करें।
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हाई ब्लड प्रेशर या चक्कर की समस्या हो तो धीरे-धीरे उठें।
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गर्दन में चोट हो तो सावधानी बरतें।
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ज्यादा दबाव डालकर माथा जमीन पर न टिकाएं।
बालासन कब करें?
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सुबह खाली पेट
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रात को सोने से पहले
- जब भी मानसिक तनाव महसूस हो
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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