सर्दी आते ही शरीर सिकुड़ने लगता है। ठंडी हवा मांसपेशियों को जकड़ देती है, रक्त संचार धीमा पड़ता है और जोड़ों में जमी पुरानी समस्याएं फिर परेशान करने लगती हैं। ठंडी हवाओं का सबसे पहले असर पड़ता है पीठ और पैरों पर। लोग इसे उम्र, थकान या ठंड का असर कहकर टाल देते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि सर्दियों का दर्द लापरवाही से जन्म लेता है। कम धूप, कम चलना, देर तक बैठे रहना और शरीर को गर्म न रखना इसकी जड़ हैं।
Yoga Tips: दर्द की दवा या योगासन, कौन बचाएगा सर्दी में आपकी रीढ़?
Joint Pain Relief in Hindi: अगर सर्दियों में पीठ और पैरों का दर्द आपको रोज परेशान करता है, तो अब टालने का वक्त नहीं। कारण समझिए और योग को इलाज नहीं, आदत बनाइए।
सर्दियों में पीठ और पैरों के दर्द के मुख्य कारण
रक्त संचार धीमा पड़ना
ठंड में नसें सिकुड़ती हैं, जिससे पीठ और पैरों तक खून ठीक से नहीं पहुंच पाता। नतीजा होता है जकड़न और दर्द।
मांसपेशियों की अकड़न
ठंड में शरीर गर्म रखने के लिए मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। यही अकड़न धीरे-धीरे दर्द में बदलती है।
विटामिन D की कमी
धूप से दूरी का सीधा असर हड्डियों पर पड़ता है। विटामिन D की कमी पीठ दर्द और पैरों में कमजोरी बढ़ाती है।
कम शारीरिक गतिविधि
सर्दियों में लोग टहलना और व्यायाम छोड़ देते हैं। यह आदत दर्द को न्योता देती है।
पुरानी समस्याओं का उभरना
स्लिप डिस्क, साइटिक और घुटनों का दर्द, सर्दी इन सबको और तेज कर देती है।
दर्द से राहत देने वाले असरदार योगासन
ताड़ासन
यह आसन रीढ़ को सीधा करता है और पैरों में रक्त संचार बढ़ाता है। इस आसन के अभ्यास से पीठ दर्द और जकड़न में राहत मिलती है।
भुजंगासन
भुजंगासन कमर और रीढ़ को मजबूत करता है। यह आसन लोअर बैक पेन में विशेष असरदार है।
पवनमुक्तासन
यह आसन जोड़ों और नसों में जमी अकड़न खोलता है। इस आसन के अभ्यास से पैरों और कमर के दर्द में राहत मिलती है।
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन रीढ़ और जांघों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है। इस आसन का नियमित अभ्यास साइटिका और पैरों के दर्द में मददगार है।
वज्रासन
यह आसन घुटनों और टखनों को मजबूती देता है। इसके अभ्यास से लंबे समय तक बैठने से होने वाले दर्द में राहत मिलती है। योग हमेशा खाली पेट और गर्म वातावरण में करें।
दर्द से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें?
- सुबह धूप में बैठें।
- हल्की गर्माहट बनाए रखें।
- रोज 20–25 मिनट योग करें।
- दर्द को नजरअंदाज न करें।
- बिना सलाह दर्द निवारक न लें।
- सर्दियों में पूरी तरह निष्क्रिय न रहें।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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