Yoga For Cancer Treatment: कैंसर सिर्फ शरीर का नहीं, मन का भी रोग है। कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी शरीर को कमजोर कर देती हैं, नींद टूट जाती है, भूख कम हो जाती है और मन डर से भर जाता है। ऐसे में योग सहायक उपचार के रूप में काम करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हल्का और नियंत्रित योग कैंसर मरीजों के लिए सुरक्षित होता है, बशर्ते डॉक्टर की अनुमति ली जाए और सही आसनों का चयन किया जाए।
World Cancer Day 2026: क्या कैंसर मरीजों को योग करना चाहिए? जानिए आसनों का इस रोग पर असर
Yoga For Cancer Patients: योग कैंसर मरीजों का इलाज नहीं करता, बल्कि इस रोग से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। ये डर कम करता है और मन को शांत रखता है।
कैंसर मरीजों के लिए सुरक्षित योगासन
ध्यान रखें: हर मरीज की स्थिति अलग होती है। योग हमेशा प्रशिक्षित योग-थेरेपिस्ट की देखरेख में करें।
प्राणायाम
- अनुलोम-विलोम और भ्रामरी
- गहरी श्वास-प्रश्वास
- तनाव कम करता है और ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर बनाता है।
- ताड़ासन शरीर को सीधा रखता है।
- संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
बालासन
- बालासन का अभ्यास मानसिक शांति देता है।
- पीठ के तनाव को कम करता है।
वज्रासन
- वज्रासन पाचन में मदद करता है, जो कीमोथेरेपी के दौरान बहुत जरूरी है।
शवासन
- शवासन इलाज के तनाव को कम करने में सबसे प्रभावी आसन है।
किन योगासनों से बचना चाहिए?
- कठिन आसन जैसे शीर्षासन, चक्रासन
- पेट पर ज़ोर डालने वाले आसन
- बहुत तेज़ कपालभाति
- दर्द या कमजोरी की स्थिति में कोई भी जोरदार अभ्यास
योग का नियम सीधा है जहां आराम, वहां योग; जहां ज़ोर, वहां रोक।
