क्या आपने कभी सोचा है कि सिलाई मशीन, सुई-धागा और कैंची का इस्तेमाल किए बिना भी कोई डिजाइनर ड्रेस भी तैयार हो सकती है? यह सिर्फ हवा-हवाई बातें नहीं बल्कि हकीकत है। फैशन डिजाइनर अनुज शर्मा द्वारा तैयार ‘बटन मसाला’ तकनीक को उन्हीं से सीखने के बाद राजधानी की युवा डिजाइनर रिया श्रीवास्तव ने एक से बढ़कर एक ड्रेस तैयार की है। आप भी जानिए कैसे...।
सान्वी ने मिडी ड्रेस पहनी है। रिया बताती हैं कि दो आयताकार (रेक्टेग्युलर) पीस कपड़े के लिए। इसमें नीचे की तरफ बटनों को पास-पास रखकर रबरबैंड से बांध दिया। बाद में इसे खोला गया तो यह बॉर्डर जैसे लगने लगे। फ्रंट पर डिजाइन देने के लिए दूर-दूर बटन रखे गए और रबरबैंड से बांधा गया। नेकलाइन के लिए कपड़ों के दोनों टुकरों को डमी पर सेट किया गया। उसी दौरान गले का शेप दे दिया था। बस तैयार हो गई आपकी ड्रेस।
वन शोल्डर व बैकलेस
अनप फातिमा की ये ड्रेस एक आयताकार पीस से तैयार हुई है। इसे शोल्डर पर बटन व रबरबैंड से टिकाया गया है।
जबकि स्वास्तिका की ये मैक्सी टाइप ड्रेस बीच वियर को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसकी सुंदरता को बढ़ने के लिए नेट की फ्लोर टचर स्लीव्स लगाई गई है। यह ड्रेस एलीगेंसी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
बटन मसाला एक सस्टेनेबल टेक्निक है। इसमें मशीन का कोई इस्तेमाल नहीं होता और न ही सुई-धागा की जरूरत पड़ती है। इस तकनीक से ड्रेस तैयार करने के लिए बस आयताकार जरूरत भर का कपड़ा चाहिए होता है। बटन, रबरबैंड और सिक्वेंस की जरूरत पड़ती है।