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MP: 'भोजशाला पत्थरों का ढांचा नहीं, सदियों पुरानी जीवंत संस्कृति', सीएम ने की वाग्देवी लोक बनाए जाने की घोषणा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: Dinesh Sharma
Updated Mon, 25 May 2026 08:07 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार स्थित भोजशाला में पूजा-अर्चना कर “वाग्देवी लोक” और “राजा भोज शोध संस्थान” बनाने की घोषणा की। उन्होंने भोजशाला को सनातन संस्कृति और ज्ञान का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में 88.4 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ और भोजशाला आंदोलन के शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया।
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धार की भोजशाला में पूजन करते सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन भोजशाला में दर्शन व पूजन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक दिवसीय दौरे पर धार पहुंचे। हेलीपैड से सीधे वाहनों का काफिला भोजशाला पहुंचा। यहां पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भोजशाला परिसर में उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद प्रथम बार डॉ यादव ने पहुंचकर ज्ञान की देवी मां वाग्देवी (सरस्वती) के पवित्र स्थान पर श्रद्धाभाव के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया। मां वाग्देवी के चित्र का पूजन कर आराधना करते हुए आरती में शामिल हुए।
धार में संबोधित करते सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
प्राचीन गौरव को वापस लौटाने का प्रयास
दरअसल जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेशव्याशपी जनसहभागिता कार्यक्रम धार शहर के मोतीबाक चौक में आयोजित किया गया था। तय कार्यक्रम से सीएम यादव कुछ देरी से पहुंचे, हैलिपेड पर डॉ. यादव का स्वागत प्रशासनिक अमले सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। हैलिपेड पर याचिकाकर्ता व हिंदू फॉर जस्टिस के आशीष गोयल सहित अभिभाषकों ने भी मुलाकात की। कार्यक्रम में शामिल होने के पहले मुख्यमंत्री यादव भोजशाला पहुंचे थे। यहां पर भोज उत्सीव समिति की और से सीएम यादव सहित सभी वरिष्ठत नेताओं का स्वागत किया गया।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजशाला राजा भोज के काल से ही शिक्षा, कला, साहित्य और सनातन चेतना का एक महान विश्वविद्यालय रही है। भोजशाला सिर्फ पत्थरों का ढांचा या कोई साधारण स्मारक नहीं है, बल्कि यह हमारी सदियों पुरानी जीवंत संस्कृति, विद्वता और करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। मां वाग्देवी की कृपा से यह भूमि सदैव ज्ञान के प्रकाश से आलोकित रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का भी अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश की सभी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों के मूल स्वरूप के संरक्षण और उनके प्राचीन गौरव को वापस लौटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाली पीढ़ियां हमारे गौरवशाली इतिहास पर गर्व कर सकें, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें- एमपी में बदली बकरीद की सरकारी छुट्टी: अब 28 मई को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर और बैंक, शासन ने जारी किए नए आदेश
दरअसल जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेशव्याशपी जनसहभागिता कार्यक्रम धार शहर के मोतीबाक चौक में आयोजित किया गया था। तय कार्यक्रम से सीएम यादव कुछ देरी से पहुंचे, हैलिपेड पर डॉ. यादव का स्वागत प्रशासनिक अमले सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। हैलिपेड पर याचिकाकर्ता व हिंदू फॉर जस्टिस के आशीष गोयल सहित अभिभाषकों ने भी मुलाकात की। कार्यक्रम में शामिल होने के पहले मुख्यमंत्री यादव भोजशाला पहुंचे थे। यहां पर भोज उत्सीव समिति की और से सीएम यादव सहित सभी वरिष्ठत नेताओं का स्वागत किया गया।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजशाला राजा भोज के काल से ही शिक्षा, कला, साहित्य और सनातन चेतना का एक महान विश्वविद्यालय रही है। भोजशाला सिर्फ पत्थरों का ढांचा या कोई साधारण स्मारक नहीं है, बल्कि यह हमारी सदियों पुरानी जीवंत संस्कृति, विद्वता और करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। मां वाग्देवी की कृपा से यह भूमि सदैव ज्ञान के प्रकाश से आलोकित रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का भी अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश की सभी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों के मूल स्वरूप के संरक्षण और उनके प्राचीन गौरव को वापस लौटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाली पीढ़ियां हमारे गौरवशाली इतिहास पर गर्व कर सकें, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
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धार में सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस पर कसा तंज
मोतीबाग चौक स्थित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम यादव ने कहा कि कांग्रेस पहले भगवान राम के नाम पर लोगों को लड़ाने का काम करती थी। पहले कांग्रेसी पूछते थे, तारीख कब बताएंगे। आज देखें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी प्रकार मध्यप्रदेश में उच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर भोजशाला में लगभग 750 वर्षों बाद दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसे जनता ने सहजता और सौहार्द के साथ स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने भोजशाला में मां वाग्देवी के लिए “वाग्देवी लोक” बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे पुरातत्व संग्रहालय के साथ-साथ पर्यटन की व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी। साथ ही पुरातत्व एवं साहित्य के संरक्षण और विकास के उद्देश्य से जिले में “राजा भोज शोध संस्थान” स्थापित किए जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा के इतिहास में राजा भोज का विशेष स्थान रहा है। वे साहित्य के महान संरक्षक एवं प्रणेता थे। उन्होंने स्वयं अनेक ग्रंथों की रचना की तथा साहित्यकारों और कवियों को संरक्षण प्रदान किया। उनके समय में कवि सम्मेलनों का आयोजन होता था और श्रेष्ठ रचनाओं के प्रत्येक शब्द पर विशिष्ट पुरस्कार दिए जाते थे।
मोतीबाग चौक स्थित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम यादव ने कहा कि कांग्रेस पहले भगवान राम के नाम पर लोगों को लड़ाने का काम करती थी। पहले कांग्रेसी पूछते थे, तारीख कब बताएंगे। आज देखें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी प्रकार मध्यप्रदेश में उच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर भोजशाला में लगभग 750 वर्षों बाद दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसे जनता ने सहजता और सौहार्द के साथ स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने भोजशाला में मां वाग्देवी के लिए “वाग्देवी लोक” बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे पुरातत्व संग्रहालय के साथ-साथ पर्यटन की व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी। साथ ही पुरातत्व एवं साहित्य के संरक्षण और विकास के उद्देश्य से जिले में “राजा भोज शोध संस्थान” स्थापित किए जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा के इतिहास में राजा भोज का विशेष स्थान रहा है। वे साहित्य के महान संरक्षक एवं प्रणेता थे। उन्होंने स्वयं अनेक ग्रंथों की रचना की तथा साहित्यकारों और कवियों को संरक्षण प्रदान किया। उनके समय में कवि सम्मेलनों का आयोजन होता था और श्रेष्ठ रचनाओं के प्रत्येक शब्द पर विशिष्ट पुरस्कार दिए जाते थे।
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धार में सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
धार प्रदेश में छठे स्थान पर
राजा भोज ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए थे। प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिला इस अभियान में प्रदेश में छठवें स्थान पर रहते हुए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से 2 लाख 82 हजार 188 कार्य प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें 89 हजार 752 कुओं का रिचार्ज, 55 हजार खेत तालाब, 105 अमृत सरोवर तथा 8 लाख जलदूत तैयार किए गए हैं। जिले में खेत तालाब निर्माण का लक्ष्य 2224 था, जबकि इसके विरुद्ध 9630 कार्य पूर्ण किए गए, जो लक्ष्य से 443 प्रतिशत अधिक हैं। नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी 64 प्राचीन बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
ये भी पढ़ें- वक्फ बोर्ड की स्कॉलरशिपः 850 छात्रों को सहारा, राज्य स्तरीय समारोह में CM बोले- शिक्षा से ही बदलेगी नई पीढ़ी
राजा भोज ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए थे। प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिला इस अभियान में प्रदेश में छठवें स्थान पर रहते हुए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से 2 लाख 82 हजार 188 कार्य प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें 89 हजार 752 कुओं का रिचार्ज, 55 हजार खेत तालाब, 105 अमृत सरोवर तथा 8 लाख जलदूत तैयार किए गए हैं। जिले में खेत तालाब निर्माण का लक्ष्य 2224 था, जबकि इसके विरुद्ध 9630 कार्य पूर्ण किए गए, जो लक्ष्य से 443 प्रतिशत अधिक हैं। नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी 64 प्राचीन बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
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धार में सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान भोजशाला के लिए संघर्ष करते हुए शहादत देने वाले शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वाग्देवी का स्वरूप भेंट कर तथा शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया एवं तीनों परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई। सम्मानित परिजनों में शहीद बनसिंह की धर्मपत्नी सन्नुबाई अराड़िया निवासी अमझेरा, शहीद अंतरसिंह की धर्मपत्नी गुलाबबाई निवासी टांडा तथा शहीद लक्ष्मण सिंह के पिता सालम बाबा निवासी ओसारी, पंचघाटी शामिल रहे।
विकास कार्यों का भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जिले में 88.4 करोड़ रुपये लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास तथा जन सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। हितग्राहियों को ऋण प्रदान करने के साथ ही छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया। वहीं 9 साल के बच्चे को जन्मजात गंभीर हृदय रोग के निःशुल्क उपचार हेतु 1.60 लाख रुपये की सहायता का प्रमाण पत्र भी सौंपा।
कार्यक्रम के दौरान भोजशाला के लिए संघर्ष करते हुए शहादत देने वाले शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वाग्देवी का स्वरूप भेंट कर तथा शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया एवं तीनों परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई। सम्मानित परिजनों में शहीद बनसिंह की धर्मपत्नी सन्नुबाई अराड़िया निवासी अमझेरा, शहीद अंतरसिंह की धर्मपत्नी गुलाबबाई निवासी टांडा तथा शहीद लक्ष्मण सिंह के पिता सालम बाबा निवासी ओसारी, पंचघाटी शामिल रहे।
विकास कार्यों का भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जिले में 88.4 करोड़ रुपये लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास तथा जन सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। हितग्राहियों को ऋण प्रदान करने के साथ ही छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया। वहीं 9 साल के बच्चे को जन्मजात गंभीर हृदय रोग के निःशुल्क उपचार हेतु 1.60 लाख रुपये की सहायता का प्रमाण पत्र भी सौंपा।

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