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MP LokSabha Election 2024: प्रदेश की 29 सीटों पर रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार, जानें किस सीट पर क्या रहा समीकरण
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 03 Jun 2024 05:06 PM IST
सार
MP Lok Sabha Chunav Result: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चारों चरण 13 मई को ही संपन्न हो चुके हैं। इस बार मतदान का प्रतिशत गिरा है। इसे लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने कयास लगा रहे हैं और अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। चार जून को नतीजे सामने आ ही जाएंगे।
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मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चारों चरण 13 मई को ही संपन्न हो चुके हैं। इस बार मतदान का प्रतिशत गिरा है। इसे लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने कयास लगा रहे हैं और अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। चार जून को नतीजे सामने आ ही जाएंगे।
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गुना में सिंधिया पहली बार भाजपा से मैदान में हैं।
- फोटो : अमर उजाला
1. गुना लोकसभा सीट
गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को 2019 में मिली हार के दाग को मिटाने की चुनौती है। उनके सामने कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े सिंधिया को भाजपा के केपी यादव ने हराया था। इस बार भाजपा ने यादव के स्थान पर सिंधिया को मौका दिया है, जो 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे और इस समय मध्य प्रदेश से राज्यसभा में सांसद हैं। बसपा ने धनीराम चौधरी को टिकट देकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश जरूर की है लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस में ही है। कुल 15 उम्मीदवार यहां से भाग्य आजमा रहे हैं। भाजपा इस सीट को बड़े अंतर से जीतने का दावा कर रही है। 2024 में यहां 72.43 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को 2019 में मिली हार के दाग को मिटाने की चुनौती है। उनके सामने कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े सिंधिया को भाजपा के केपी यादव ने हराया था। इस बार भाजपा ने यादव के स्थान पर सिंधिया को मौका दिया है, जो 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे और इस समय मध्य प्रदेश से राज्यसभा में सांसद हैं। बसपा ने धनीराम चौधरी को टिकट देकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश जरूर की है लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस में ही है। कुल 15 उम्मीदवार यहां से भाग्य आजमा रहे हैं। भाजपा इस सीट को बड़े अंतर से जीतने का दावा कर रही है। 2024 में यहां 72.43 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
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विदिशा सीट है खास
- फोटो : अमर उजाला
2. विदिशा लोकसभा सीट
लोकसभा चुनाव में विदिशा-रायसेन सीट से भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा के बीच मुकाबला है। इस मुकाबले में कांग्रेस ने ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए विदिशा से प्रतापभानु शर्मा को मैदान में उतारा है तो भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद दरकिनार किए शिवराज पर दांव खेला है। यहां से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज सहित गोयनका जैसे दिग्गज नेता विदिशा लोकसभा से उम्मीदवार रह चुके हैं। विदिशा लोकसभा क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां से कांग्रेस इतिहास में केवल दो बार जीत पाई है। भाजपा को शिवराज की लोकप्रियता का भरोसा है और उनकी सक्रियता से बड़ी जीत का दावा किया जा रहा है। इस बार 74.48 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले हैं।
लोकसभा चुनाव में विदिशा-रायसेन सीट से भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा के बीच मुकाबला है। इस मुकाबले में कांग्रेस ने ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए विदिशा से प्रतापभानु शर्मा को मैदान में उतारा है तो भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद दरकिनार किए शिवराज पर दांव खेला है। यहां से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज सहित गोयनका जैसे दिग्गज नेता विदिशा लोकसभा से उम्मीदवार रह चुके हैं। विदिशा लोकसभा क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां से कांग्रेस इतिहास में केवल दो बार जीत पाई है। भाजपा को शिवराज की लोकप्रियता का भरोसा है और उनकी सक्रियता से बड़ी जीत का दावा किया जा रहा है। इस बार 74.48 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले हैं।
छिंदवाड़ा लोकसभा सीट
- फोटो : अमर उजाला
3. छिंदवाड़ा लोकसभा सीट
छिंदवाड़ा यूं तो कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है। कमलनाथ की ये सीट लंबे समय से कांग्रेस के पास है। बीते दो लोकसभा चुनाव में मोदी लहर भी यहां कुछ नहीं कर सकी। कांग्रेस के गढ़ को जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। यहां लोग कमलनाथ के काम को अभी भी याद करते हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ ने ही चुनाव का मोर्चा संभाल रखा। वे जनता से अपने 44 साल के रिश्तों को बता और भावनात्मक अपील कर वोट मांगते नजर आ चुके हैं। दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी बंटी साहू के लिए पूरी भाजपा ही चुनाव मैदान में है। भाजपा मोदी को आगे रखकर चुनाव लड़ी। कांग्रेस अपनी इस सीट के जीत को लेकर आश्वस्त है। इस बार यहां 79.83 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
छिंदवाड़ा यूं तो कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है। कमलनाथ की ये सीट लंबे समय से कांग्रेस के पास है। बीते दो लोकसभा चुनाव में मोदी लहर भी यहां कुछ नहीं कर सकी। कांग्रेस के गढ़ को जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। यहां लोग कमलनाथ के काम को अभी भी याद करते हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ ने ही चुनाव का मोर्चा संभाल रखा। वे जनता से अपने 44 साल के रिश्तों को बता और भावनात्मक अपील कर वोट मांगते नजर आ चुके हैं। दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी बंटी साहू के लिए पूरी भाजपा ही चुनाव मैदान में है। भाजपा मोदी को आगे रखकर चुनाव लड़ी। कांग्रेस अपनी इस सीट के जीत को लेकर आश्वस्त है। इस बार यहां 79.83 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
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राजगढ़ में दिग्विजय सिंह और नागर में रहा मुकाबला
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4. राजगढ़ लोकसभा सीट
राजगढ़ लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को उतारकर चर्चित बना दिया। देश के बड़े नेताओं में शुमार दिग्विजय सिंह के परिणाम पर सबकी नजर है। कांग्रेस जीत के प्रति आश्वस्त दिख रही है। उसका कहना है कि क्षेत्र के लोग भाजपा प्रत्याशी से खुश नहीं हैं। वहीं दिग्विजय ने अपना अंतिम चुनाव बताकर इमोशनल कार्ड भी खेला है। भाजपा की ओर से सांसद रोडमल नागर को उतारा गया है। वे मोदी के चेहरे के भरोसे चुनाव लड़े हैं। तीसरे चरण में राजगढ़ लोकसभा का मतदान संपन्न हुआ और मतदान प्रतिशत भी बढ़ा है। इसे दोनों पार्टी अपने पक्ष में मान रही हैं। इस सीट पर इस बार 76.04 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
राजगढ़ लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को उतारकर चर्चित बना दिया। देश के बड़े नेताओं में शुमार दिग्विजय सिंह के परिणाम पर सबकी नजर है। कांग्रेस जीत के प्रति आश्वस्त दिख रही है। उसका कहना है कि क्षेत्र के लोग भाजपा प्रत्याशी से खुश नहीं हैं। वहीं दिग्विजय ने अपना अंतिम चुनाव बताकर इमोशनल कार्ड भी खेला है। भाजपा की ओर से सांसद रोडमल नागर को उतारा गया है। वे मोदी के चेहरे के भरोसे चुनाव लड़े हैं। तीसरे चरण में राजगढ़ लोकसभा का मतदान संपन्न हुआ और मतदान प्रतिशत भी बढ़ा है। इसे दोनों पार्टी अपने पक्ष में मान रही हैं। इस सीट पर इस बार 76.04 प्रतिशत वोटिंग हुई है।

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