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MP News: 24 घंटे 9 मिनट 26 सेकंड तक 139 नृत्य कलाकारों ने वृहद शास्त्रीय नृत्य मैराथन से बनाया गिनीज रिकॉर्ड
Thu, 20 Feb 2025 10:27 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 20 Feb 2025 10:27 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 51वें खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ किया। पहले दिन कथकली, मोहिनीअट्टम और ओडिसी नृत्य का सौंदर्य बिखरा।
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सीएम ने खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ किया
- फोटो : अमर उजाला
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ईश्वर की साधना को समर्पित वृहद शास्त्रीय नृत्य मैराथन गिनीज विश्व रिकॉर्ड से नृत्य साधकों का मान बढ़ेगा। यह देश की संस्कृति और नृत्यसाधकों के लिए गौरव का क्षण है। सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और विश्व पटल पर अंकित करने का यह सर्वोत्तम साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खजुराहो में 51वें खजुराहो नृत्य समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिनीज विश्व रिकॉर्ड से पूरा विश्व भारत की विविध और समृद्ध संस्कृति से प्रकाशमान होगा। 24 घंटे 9 मिनट 26 सेकंड तक 139 नृत्य कलाकारों की अविरल और साधना से बना विश्व रिकॉर्ड न सिर्फ कला साधकों का हौसला बढ़ाएगा बल्कि शासन के संस्कृति और विरासत को सहेजने के प्रयासों को भी गति देगा।
खजुराहो में नृत्य की प्रस्तुति देते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती पावन और पवित्र है। बुंदेलखंड की धरती पर पत्थर भी चमकता है तो हीरा कहलाता है। मनुष्य चमकता है तो बुंदेला कहलाता है। वैसे ही बुंदेलखंड में नृत्य होता है तो वह अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह कहलाता है। डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रीय नृत्यों का सृजन भगवान की साधना के लिए किया गया है। जैसे कथकली में भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला, जीवन और गतिविधियों को दिखाया जाता है। वहीं, भगवान नटराज ने तांडव नृत्य और आनंद नृत्य का सृजन किया है। आज बने गिनीज विश्व रिकॉर्ड में शास्त्रीय नृत्य की सतत प्रस्तुति से समय की निरंतरता को भी प्रदर्शित किया है। जिस तरह ब्रह्मांड में आकाशगंगा ब्लैक होल की ओर बढ़ती है और सौरमंडल में सूर्य एवं अन्य गृह अपनी गति से चलायमान है। समय को परमात्मा का स्वरूप माना गया है, इसलिए समय का सदुपयोग जीवन में सबसे आवश्यक है।
खजुराहो में नृत्य समारोह हा शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी नृत्यों की प्रस्तुति से बना रिकॉर्ड
गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास 19 फरवरी को दोपहर 2:34 बजे आरंभ हुआ, जिसे 20 फरवरी, 2025 दोपहर 2:43 तक नृत्यसाधकों की निरंतर प्रस्तुति से अंजाम तक लाया गया। इसके परिणाम स्वरूप मध्य प्रदेश के नाम एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया। संस्कृति विभाग द्वारा संयोजित गतिविधि में 139 नृत्य कलाकारों ने प्रतिभागिता की और निरंतर 24 घंटे 9 मिनट तक कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी नृत्यों की प्रस्तुति दी। वृहद शास्त्रीय नृत्य मैराथन (रिले) की अंतिम प्रस्तुति भरतनाट्यम की थी। गिनीज टीम द्वारा इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड घोषित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष सभी 139 नृत्य कलाकारों ने नृत्य की समवेत प्रस्तुति तराना 'अनंत' को प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और सांसद खजुराहो वी.डी. शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने गिनीज विश्व रिकॉर्ड के प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए ग्रुप फोटो खिंचवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर खजुराहो नृत्य समारोह की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास 19 फरवरी को दोपहर 2:34 बजे आरंभ हुआ, जिसे 20 फरवरी, 2025 दोपहर 2:43 तक नृत्यसाधकों की निरंतर प्रस्तुति से अंजाम तक लाया गया। इसके परिणाम स्वरूप मध्य प्रदेश के नाम एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया। संस्कृति विभाग द्वारा संयोजित गतिविधि में 139 नृत्य कलाकारों ने प्रतिभागिता की और निरंतर 24 घंटे 9 मिनट तक कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी नृत्यों की प्रस्तुति दी। वृहद शास्त्रीय नृत्य मैराथन (रिले) की अंतिम प्रस्तुति भरतनाट्यम की थी। गिनीज टीम द्वारा इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड घोषित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष सभी 139 नृत्य कलाकारों ने नृत्य की समवेत प्रस्तुति तराना 'अनंत' को प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और सांसद खजुराहो वी.डी. शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने गिनीज विश्व रिकॉर्ड के प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए ग्रुप फोटो खिंचवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर खजुराहो नृत्य समारोह की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
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सीएम मोहन यादव, सांसद वीडी शर्मा, मंत्री धर्मेंद्र लोधी
- फोटो : अमर उजाला
राज्य रूपंकर कला पुरस्कार 2024-25
51वें खजुराहो नृत्य समारोह के शुभारंभ अवसर पर राज्य रूपंकर कला पुरस्कार प्रदान किए गए। दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार दिव्या पोरवाल को, रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार वीना सिंह को नारायण श्रीधर बेंद्रे पुरस्कार रश्मि कुरील को, मुकुंद सखाराम भांड पुरस्कार नीतेश पंचाल को, देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार, उज्जवल ओझा को, जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार, प्रीति पोत्दार जैन को, सैय्यद हैदर रजा पुरस्कार मनीष सिंह को, लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार, पल्लवी वर्मा को, राममनोहर सिन्हा पुरस्कार, शुभमराज अहिरवार को और विष्णु चिंचालकर पुरस्कार लकी जायसवाल को प्रदान किया गया।
51वें खजुराहो नृत्य समारोह के शुभारंभ अवसर पर राज्य रूपंकर कला पुरस्कार प्रदान किए गए। दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार दिव्या पोरवाल को, रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार वीना सिंह को नारायण श्रीधर बेंद्रे पुरस्कार रश्मि कुरील को, मुकुंद सखाराम भांड पुरस्कार नीतेश पंचाल को, देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार, उज्जवल ओझा को, जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार, प्रीति पोत्दार जैन को, सैय्यद हैदर रजा पुरस्कार मनीष सिंह को, लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार, पल्लवी वर्मा को, राममनोहर सिन्हा पुरस्कार, शुभमराज अहिरवार को और विष्णु चिंचालकर पुरस्कार लकी जायसवाल को प्रदान किया गया।
