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MP News: विद्या भारती का छह दिनी अभ्यास वर्ग कल से, मोहन भागवत आएंगे, संस्कृति और शिक्षा पर मिलेगा प्रशिक्षण
Sun, 02 Mar 2025 08:37 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 02 Mar 2025 08:37 PM IST
सार
विद्या भारती ने 3 से 8 मार्च तक भोपाल में शारदा विहार परिसर के आवासीय विद्यालय में एक छह दिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में देशभर से 700 पूर्णकालिक कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं, जहां उन्हें भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा नीति और आधुनिक शिक्षा के समावेश पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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विद्या भारती के अभ्यास वर्ग के लिए शारदा विहार परिसर तैयार
- फोटो : अमर उजाला
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विद्या भारती का भोपाल में छह दिवसीय अभ्यास वर्ग 3 से 8 मार्च तक भोपाल में केरवा डेम के पास शारदा विहार परिसर के आवासीय विद्यालय में होगा। इसमें देशभर के 700 पूर्णकालिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस अभ्यास वर्ग में भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा नीति और आधुनिक शिक्षा के समावेश पर चर्चा की जाएगी। इसमें एआई और डीप टेक्नोलॉजी का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सोमवार को प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 4 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत करेंगे। समापन समारोह 8 मार्च को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विद्या भारती के वरिष्ठ मार्गदर्शक सुरेश सोनी उपस्थित रहेंगे। इस अभ्यास वर्ग का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के लिए सशक्त कार्यकर्ता निर्माण है। इस अभ्यास वर्ग में इस वर्ग में विभिन्न विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी, सीबीएसई, एनसीईआरटी और भारतीय ज्ञान परंपरा संस्थान के अधिकारी शामिल होंगे।
शारदा विहार स्कूल परिसर में बनाई प्रदर्शनी
- फोटो : अमर उजाला
भारत के गौरवशाली अतीत पर प्रदर्शनी
कार्यक्रम में पहले दिन तीन मार्च को सुबह 10 बजे डिजिटल एवं मैन्युअल प्रदर्शनी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया जाएगा। इसमें भारत के गौरवशाली अतीत एवं उज्जवल भविष्य की झलक दिखाई देगी। प्रदर्शनी में मुख्य आकर्षण विद्या भारती का राष्ट्रीय योगदान, सैनिक स्कूल एवं विज्ञान केंद्र, कोविड-19 सेवा कार्यों का प्रेरणादायक विवरण, रानी दुर्गावती जी की वीरगाथा, माता अहिल्याबाई होलकर का लोकसेवा में योगदान और मध्य प्रदेश की पावन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर शामिल रहेगी। विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष दू.सी. रामकृष्ण राव ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीक में हो रही प्रगति से विद्या भारती के विद्यालयों और पूर्णकालिक सदस्यों को अपडेट रखने के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित होता है। यह प्रशिक्षण वर्ग हर पांच साल में आयोजित होता है। कोरोना के चलते यह पिछले सालों में नहीं हो सका।
कार्यक्रम में पहले दिन तीन मार्च को सुबह 10 बजे डिजिटल एवं मैन्युअल प्रदर्शनी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया जाएगा। इसमें भारत के गौरवशाली अतीत एवं उज्जवल भविष्य की झलक दिखाई देगी। प्रदर्शनी में मुख्य आकर्षण विद्या भारती का राष्ट्रीय योगदान, सैनिक स्कूल एवं विज्ञान केंद्र, कोविड-19 सेवा कार्यों का प्रेरणादायक विवरण, रानी दुर्गावती जी की वीरगाथा, माता अहिल्याबाई होलकर का लोकसेवा में योगदान और मध्य प्रदेश की पावन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर शामिल रहेगी। विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष दू.सी. रामकृष्ण राव ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीक में हो रही प्रगति से विद्या भारती के विद्यालयों और पूर्णकालिक सदस्यों को अपडेट रखने के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित होता है। यह प्रशिक्षण वर्ग हर पांच साल में आयोजित होता है। कोरोना के चलते यह पिछले सालों में नहीं हो सका।
शारदा विहार स्थित स्कूल परिसर में बनी प्रदर्शनी
- फोटो : अमर उजाला
हमारी कल्पना निपुणता की व्यवस्था हो
विद्या भारतीय अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री अवनीश भटनागर ने बताया कि देश के 684 जिलों में 22 हजार से ज्यादा औपचारिक और अनौपचारिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 35 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाते हुए विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र तक सुदूर दुर्गम तथा जनजातीय क्षेत्रों, महानगरों की सेवा बस्तियों में 9400 से ज्यादा औपचारिक शिक्षा केंद्र नि:शुल्क चला रही है। इन स्थानों पर काम करने वाले पूर्ण कालिक सदस्य प्रशिक्षण में शामिल होंगे। इन विद्यालयों में 1 लाख 54 हजार शिक्षक है। उन्होंने कहा कि देश के सभी जिलों में एक अच्छा स्कूल डेवलपमेंट सेंटर तैयार करना है। हमारी कल्पना यही है कि स्किलिंग बाय स्कूलिंग यानी शिक्षा के साथ निपुणता की व्यवस्था हो। अपडेटेट नॉलेज से समृद्ध बने।
त्रिस्तरीय सुरक्षा, इको फ्रेंडली रहेगा परिसर
सुरक्षा के लिए विशेष दल कार्यक्रम स्थल पर तैनात किए गए है। विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पूरे आयोजन के दौरान बनी रहेगी। परिसर को साज-सज्जा में भारतीयता का जीवंत अनुभव होगा। अभ्यास वर्ग के दौरान पूरा परिसर भारतीय संस्कृति से पूरिपूर्ण रहेगा, जिसे मंगल कलश, तोरण द्वार, भारतीय प्रतीकों के आधार पर सजाया गया है। पर्यावरण की दृष्टि से पूरा परिसर इको फ्रेंडली रहेगा। कार्यक्रम में किसी प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक, बैनर आदि का उपयोग नहीं किया गया है।
विद्या भारतीय अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री अवनीश भटनागर ने बताया कि देश के 684 जिलों में 22 हजार से ज्यादा औपचारिक और अनौपचारिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 35 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाते हुए विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र तक सुदूर दुर्गम तथा जनजातीय क्षेत्रों, महानगरों की सेवा बस्तियों में 9400 से ज्यादा औपचारिक शिक्षा केंद्र नि:शुल्क चला रही है। इन स्थानों पर काम करने वाले पूर्ण कालिक सदस्य प्रशिक्षण में शामिल होंगे। इन विद्यालयों में 1 लाख 54 हजार शिक्षक है। उन्होंने कहा कि देश के सभी जिलों में एक अच्छा स्कूल डेवलपमेंट सेंटर तैयार करना है। हमारी कल्पना यही है कि स्किलिंग बाय स्कूलिंग यानी शिक्षा के साथ निपुणता की व्यवस्था हो। अपडेटेट नॉलेज से समृद्ध बने।
त्रिस्तरीय सुरक्षा, इको फ्रेंडली रहेगा परिसर
सुरक्षा के लिए विशेष दल कार्यक्रम स्थल पर तैनात किए गए है। विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पूरे आयोजन के दौरान बनी रहेगी। परिसर को साज-सज्जा में भारतीयता का जीवंत अनुभव होगा। अभ्यास वर्ग के दौरान पूरा परिसर भारतीय संस्कृति से पूरिपूर्ण रहेगा, जिसे मंगल कलश, तोरण द्वार, भारतीय प्रतीकों के आधार पर सजाया गया है। पर्यावरण की दृष्टि से पूरा परिसर इको फ्रेंडली रहेगा। कार्यक्रम में किसी प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक, बैनर आदि का उपयोग नहीं किया गया है।
