फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जनजातीय गौरव दिवस विशेष: पेसा कानून लागू करने की आज घोषणा करेगी सरकार, तस्वीरों में देखें CM के अलग अंदाज

Tue, 15 Nov 2022 11:27 AM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रोमा रागिनी Updated Tue, 15 Nov 2022 11:27 AM IST
सार

आज जनजातीय गौरव दिवस है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्यप्रदेश के दौरे पर रहेंगी। पेसा कानून को लागू करने की घोषणा भी इसी दौरान की जाएगी। 

विज्ञापन
Shivraj Government will announce to implement PESA Law on tribal pride day
वाद्य यंत्र बजाते सीएम शिवराज - फोटो : Amar Ujala Digital

आज जनजातीय गौरव दिवस है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्यप्रदेश के दौरे पर रहेंगी। पेसा कानून को लागू करने की घोषणा भी इसी दौरान की जाएगी। 



मध्य प्रदेश में अर्थव्यवस्था से लेकर राजनीति की दिशा तक तय करने में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में देश की सर्वाधिक जनजातीय आबादी निवास करती है। यहां कुल जनसंख्या का पांचवां हिस्सा जनजातियों का है। 20 जिलों के 89 विकासखंड आदिवासी बहुल है। राज्य विधानसभा की 47 सीटें और लोकसभा की छह सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। 47 विधानसभा क्षेत्रों के अलावा करीब 35 सीटें ऐसी हैं, जिनमें आदिवासी मतदाताओं की भूमिका निर्णायक है। इसे देखते हुए मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि मध्यप्रदेश के आदिवासियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। 

Shivraj Government will announce to implement PESA Law on tribal pride day
आदिवासी कलाकार के साथ झूमते सीएम - फोटो : Amar Ujala Digital
पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन 

प्रदेश में समरसता के साथ पेसा कानून को प्रभावी क्रियान्वयन भी प्रारंभ कर दिया गया है। प्रदेश भर में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए आश्रम, छात्रावास, शालाएँ, कन्या शिक्षा परिसर संचालित किए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रशिक्षण के लिए अनेक तरह की प्रोत्साहन योजना संचालित हो रही हैं। स्व-रोजगार  हेतु  कौशल विकास के केन्द्र भी संचालित किये जा रहे हैं। जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति दी जाती है। अलग-अलग जिलों में बालक-बालिकाओं के लिए क्रीड़ा परिसर भी बनाए गए हैं। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति साहूकार विनियम 1972 को अब और प्रभावी बनाया गया है। साहूकारों द्वारा वसूले जाने वाले ब्याज की दरों को भी अब नियंत्रित किया गया है। निर्धारित दर से अधिक ब्याज वसूलने वाले साहूकारों को कड़ा दण्ड दिया जा रहा है।

Shivraj Government will announce to implement PESA Law on tribal pride day
शिवराज आज पेसा कानून की करेंगे घोषणा - फोटो : Amar Ujala Digital
पेसा कानून की भावना के अनुरूप जंगल का प्रबंधन

जनजातीय लोगों ने  प्रदेश में जंगलों को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। पेसा एक्ट ग्राम सभा को सामुदायिक संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार देता है। वन भी सामुदायिक संसाधन है। इस कारण पेसा एक्ट वनों की सुरक्षा और संरक्षण का भी अधिकार ग्राम सभा को देता है। राज्य सरकार इस एक्ट के अंतर्गत सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों के गठन की जिम्मेदारी ग्राम सभा दी है।  राज्य सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था की पांचवीं अनुसूची के क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए पेसा ग्राम सभाओं के का गठन किया। ग्राम सभाएं अपने स्थानीय विकास के लिये स्वयं योजनाएँ बना रही हैं और वनोपज के अधिकार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और बेहतर हुई है। पेसा ग्राम पंचायतों में गैर जनजातीय वर्ग के अधिकारों को भी संरक्षित रखा जा रहा है ।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shivraj Government will announce to implement PESA Law on tribal pride day
अलग अंदाज में नजर आए शिवराज - फोटो : Amar Ujala Digital

साहूकारों के शोषण से मुक्ति
मध्यप्रदेश में अनुसूचित जनजाति साहूकार विनियम 1972 को अब और प्रभावी बनाया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में साहूकारी का धंधा करने वालों के लिए पंजीयन शुल्क में वृद्धि की गई है। साहूकारों द्वारा वसूले जाने वाले ब्याज की दरों को भी अब नियंत्रित किया गया है। निर्धारित दर से अधिक ब्याज वसूलने वाले साहूकारों को कड़ा दण्ड दिया जाएगा।

जन-जन की जुबान पर जनजातीय नायकों की गाथाएं 

मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियों में भील, भिलाला, बारेला, गोंड, कोल, कोरकू, सहरिया भारिया, बैगा, सोर, पटेलिया, मवासी, पनिका, कंवर, हल्बी, मुंडा, खरिया हैं। प्रमुख जनजाति बोलियाँ भीली, भिलाली, बारेली, गोंडी, मवासी, कोरकू आदि हैं। मध्यप्रदेश में जनजातियों के प्रमुख जननायक टंट्या भील, भीमा नायक, ख्वाजा नायक, संग्राम सिंह, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, बादल भोई, राजा भभूत सिंह, रघुनाथ मंडलोई भिलाला, राजा ढिल्लन शाह गोंड, राजा गंगाधर गोंड, सरदार विष्णु सिंह उईके आदि हुए हैं, जिनकी गौरव गाथाएं आज भी जन-जन की जुबान पर हैं। इन सभी जनजातीय नायकों को समुचित सम्मान राज्य शासन की ओर से प्रदान किया जा रहा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed