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ग्वालियर: जीवाजी विवि के छात्रों ने जाना मुरैना जिले के ऐतिहासिक स्थलों का वैभव और इतिहास

Sun, 27 Feb 2022 01:40 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 27 Feb 2022 01:40 PM IST
सार

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के पुरातत्व एवं इतिहास विभाग के छात्रों ने 26 फरवरी को मुरैना जिले के मितावली, पड़ाहवली एवं बटेसर आदि ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों के वैभव और इतिहास की जानकारी दी गई।
 

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Gwalior: Students of Jiwaji University got to know the splendor and history of the historical places of Morena district
छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों के वैभव और इतिहास की जानकारी दी गई। - फोटो : अमर उजाला
ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के पुरातत्व एवं इतिहास विभाग के छात्रों ने 26 फरवरी को मुरैना जिले के मितावली, पड़ाहवली एवं बटेसर आदि ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों के वैभव और इतिहास की जानकारी दी गई।

 
Gwalior: Students of Jiwaji University got to know the splendor and history of the historical places of Morena district
छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों के वैभव और इतिहास की जानकारी दी गई। - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार इस शैक्षणिक भ्रमण दल में 30 छात्रों ने भाग लिया। इतिहास विभाग के समन्वयक डॉ. शान्तिदेव सिसोदिया एवं विभाग के अतिथि विद्वान डॉ. मीनू रमन, डॉ. जयंती शर्मा, डॉ. नंदनी पाठक एवं रचना पाल का मार्गदर्शन रहा। इस अवसर पर छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों का राजनैतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ वर्तमान वैश्वीकरण के युग में इन ऐतिहासिक स्थलों का एक पर्यटन उद्योग में कैसे योगदान हो सकता है, बताया गया। इसके संबंध में डॉ. सिसोदिया ने प्रकाश डालते हुए बताया कि हमें अपने एतिहासिक एवं पुरातत्व धरोहरों के संरक्षण के लिए जन सामान्य में जन चेतना एवं जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है। इन ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों को कैसे आकर्षित किया जाए इसके लिए इन स्थलों पर सुरक्षा, पेयजल एवं आधार भूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की अतिआवश्यकता है।
 
Gwalior: Students of Jiwaji University got to know the splendor and history of the historical places of Morena district
छात्रों ने मितावली, पड़ाहवली एवं बटेसर आदि ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण किया। - फोटो : अमर उजाला
मितावली में चौसठ योगिनी का मंदिर जो वृत्ताकार भूयोजना पर निर्मित हैl जिसके केंद्र में स्तम्भों से युक्त शिव मंदिर निर्मित किया गया है l इस मंदिर में चौसठ योगिनियों के लिए चौसठ कोष्ठ बनाए गए हैं, जिनमें वर्तमान में शिवलिंग स्थापित है। यह मंदिर भारत वर्ष में अद्वितीय है, क्योंकि ऐसे मंदिर देश में 8 मंदिर हैं जिनमें ओडिसा, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में हैंl इस मंदिर में शैव एवं शाक्त संप्रदाय से संबंधित शिक्षा एवं दीक्षा दी जाती थी जिसका निर्माण कच्छपघात राजवंशी नरेश देवलाल के द्वारा कराया गया था।
 
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Gwalior: Students of Jiwaji University got to know the splendor and history of the historical places of Morena district
शैक्षणिक भ्रमण दल में 30 छात्रों ने भाग लिया। - फोटो : अमर उजाला
साथ ही अतिथि विद्वान डॉ. मीनू रमन एवं जयंती शर्मा ने बटेसर के मंदिर समूह का छात्रों को ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्त्व को रेखांकित किया एवं रचना पाल एवं नंदनी पाठक ने मंदिरों के सांस्कृतिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तात्कालिक समाज में इन स्थलों के निर्माण में एवं इनके विकाश में अतुलनीय योगदान रहा है। साथ ही छात्रों को बताया कि आपकी एक पुरातत्व एवं इतिहास के छात्र होने के नाते आपकी महत्त्वपूर्ण भूमिका है कि आप समाज में अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को अक्षुण बनाए रखने में समाज में चेतना एवं जागरूकता फैलाएं एवं नवीन शोध कार्य करें जिससे कि इन स्थलों के बारे में नवीन तथ्य समाज एवं देश के सामने आएंl इस अवसर पर विभाग से रवाना होते समय कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी जी ने छात्रों से कहा कि आप अपने भ्रमण की एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें जिसे विभाग में जमा करें।
 
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