{"_id":"6358a60dd9392713fb712145","slug":"indore-news-today-the-heroes-of-kalangi-and-turra-will-be-face-to-face-there-will-be-hingot-war","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Indore Hingot War: आज आमने-सामने होंगे कलंगी और तुर्रा के वीर, हिंगोट युद्ध में होगी आग की बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore Hingot War: आज आमने-सामने होंगे कलंगी और तुर्रा के वीर, हिंगोट युद्ध में होगी आग की बारिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 26 Oct 2022 08:44 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में पड़वा पर होने वाला हिंगोट युद्ध बुधवार को होगा। इसमें कलंगी और तुर्रा की सेनाएं बारूदों से भरे हिंगोट लेकर आमने-सामने होंगी।
विज्ञापन
1 of 3
इंदौर में हिंगोट युद्ध का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
Link Copied
मध्यप्रदेश में दिवाली की अपनी खास परंपराएं हैं। इनमें खास है इंदौर जिले के गौतमपुरा में होने वाला हिंगोट युद्ध। इसमें कलंगी और तुर्रा नाम की दो सेनाओं के बीच आमने-सामने का युद्ध होता है। दोनों ही एक दूसरे पर हिंगोट बरसाते हैं, जो बारूद से भरा एक खास तरह का फल होता है। जलाकर जब उसे सामने वाली सेना पर फेंका जाता है तो ऐसा लगता है कि आग बरस रही है। लाखों लोग इस हिंगोट युद्ध को देखने गौतमपुरा पहुंचते हैं।
Trending Videos
2 of 3
इंदौर में कुछ इस तरह फेंके जाते हैं हिंगोट।
- फोटो : सोशल मीडिया
ईश्वर की आराधना के बाद शुरू होता है युद्ध
गौतमपुरा के हिंगोट युद्ध को लेकर दोनों ही सेनाओं के योद्धाओं में उत्साह है। भगवान देवनारायण मंदिर में दोनों सेनाओं के योद्धा पहुंचते हैं। आशीर्वाद लेते हैं। इसके बाद ही हिंगोट युद्ध शुरू होता है। कोविड काल में दो साल से हिंगोट युद्ध नहीं हुआ था। इस बार इसे लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 3
गौतमपुरा का हिंगोट युद्ध देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
गुदा निकालकर भरा जाता है बारूद
हिंगोट एक स्थानीय फल है, जो नींबू के आकार का होता है। बाहरी हिस्सा सख्त और अंदर गुदा भरा होता है। गुदा निकालकर बारूद भरा जाता है। जलाने पर हिंगोट किसी तीर की भांति सामने वाली सेना पर जाकर गिरता है। हिंगोट बनाने की प्रक्रिया युद्ध से काफी पहले शुरू हो जाती है।
सूर्य ग्रहण की वजह से एक दिन टला
आम तौर पर हिंगोट युद्ध दीपावली के दूसरे दिन होता है। सूर्य ग्रहण की वजह से 25 अक्टूबर को इसका आयोजन नहीं हो सका और 26 अक्टूबर को आयोजित हो रहा है। युद्ध को लेकर प्रशासन ने अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने हिंगोट युद्ध के आयोजन स्थल का जायजा लिया। हादसों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा विभाग को भी पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X