फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Indore Hingot War: आज आमने-सामने होंगे कलंगी और तुर्रा के वीर, हिंगोट युद्ध में होगी आग की बारिश

Wed, 26 Oct 2022 08:44 AM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: रवींद्र भजनी Updated Wed, 26 Oct 2022 08:44 AM IST
सार

मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में पड़वा पर होने वाला हिंगोट युद्ध बुधवार को होगा। इसमें कलंगी और तुर्रा की सेनाएं बारूदों से भरे हिंगोट लेकर आमने-सामने होंगी। 
 

विज्ञापन
Indore News: Today the heroes of Kalangi and Turra will be face to face, there will be Hingot war
इंदौर में हिंगोट युद्ध का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
 मध्यप्रदेश में दिवाली की अपनी खास परंपराएं हैं। इनमें खास है इंदौर जिले के गौतमपुरा में होने वाला हिंगोट युद्ध। इसमें कलंगी और तुर्रा नाम की दो सेनाओं के बीच आमने-सामने का युद्ध होता है। दोनों ही एक दूसरे पर हिंगोट बरसाते हैं, जो बारूद से भरा एक खास तरह का फल होता है। जलाकर जब उसे सामने वाली सेना पर फेंका जाता है तो ऐसा लगता है कि आग बरस रही है। लाखों लोग इस हिंगोट युद्ध को देखने गौतमपुरा पहुंचते हैं।  

 
Indore News: Today the heroes of Kalangi and Turra will be face to face, there will be Hingot war
इंदौर में कुछ इस तरह फेंके जाते हैं हिंगोट। - फोटो : सोशल मीडिया
ईश्वर की आराधना के बाद शुरू होता है युद्ध
गौतमपुरा के हिंगोट युद्ध को लेकर दोनों ही सेनाओं के योद्धाओं में उत्साह है। भगवान देवनारायण मंदिर में दोनों सेनाओं के योद्धा पहुंचते हैं। आशीर्वाद लेते हैं। इसके बाद ही हिंगोट युद्ध शुरू होता है। कोविड काल में दो साल से हिंगोट युद्ध नहीं हुआ था। इस बार इसे लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है।  
Indore News: Today the heroes of Kalangi and Turra will be face to face, there will be Hingot war
गौतमपुरा का हिंगोट युद्ध देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचते हैं। - फोटो : अमर उजाला
गुदा निकालकर भरा जाता है बारूद
हिंगोट एक स्थानीय फल है, जो नींबू के आकार का होता है। बाहरी हिस्सा सख्त और अंदर गुदा भरा होता है। गुदा निकालकर बारूद भरा जाता है। जलाने पर हिंगोट किसी तीर की भांति सामने वाली सेना पर जाकर गिरता है। हिंगोट बनाने की प्रक्रिया युद्ध से काफी पहले शुरू हो जाती है। 

सूर्य ग्रहण की वजह से एक दिन टला 
आम तौर पर हिंगोट युद्ध दीपावली के दूसरे दिन होता है। सूर्य ग्रहण की वजह से 25 अक्टूबर को इसका आयोजन नहीं हो सका और 26 अक्टूबर को आयोजित हो रहा है। युद्ध को लेकर प्रशासन ने अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने हिंगोट युद्ध के आयोजन स्थल का जायजा लिया। हादसों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा विभाग को भी पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed