उत्सव प्रेमी शहर कहे जाने वाले इंदौर में दशहरा भी जबरदस्त उत्साह के साथ मनाया गया। बारिश का जोर भी उत्साह को कम नहीं कर सका। अलग-अलग इलाकों में रावण का पुतला जलाकर परंपरा का निर्वहन किया गया। कोरोना काल के दो साल के समय के बाद इस दशहरे का उल्लास देखने काबिल था। शहर पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले को जलाने का जोश भी दिखा। शहर के मशहूर दशहरा मैदान पर 111 फीट रावण और उसकी लंका का दहन किया गया। चिमनबाग में वाटर प्रूफ रावण बनाया गया था। तिलक नगर में जोरदार आतिशबाजी की गई। श्री कृष्ण टॉकिज के सामने लंपी वायरस रूपी रावण का दहन किया गया।
इंदौर के दशहरा मैदान पर जबरदस्त भीड़ थी। महूनाका से ही वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। हजारों लोग रावण दहन का कार्यक्रम देखने पहुंचे थे। शानदार आतिशबाजी की गई। परंपरा अनुसार शोभायात्रा निकाली गई थी। यहां 111 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया
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लंपी वायरस रूपी रावण जलाया गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
लंपी वायरस रूपी रावण का हुआ दहन
इस बार यहां अलग ही रूप दिया गया। श्री कृष्ण टॉकिज के सामने संस्था सूर्य मंच द्वारा लंपी वायरस रूपी रावण बनाया गया था। रावण के हाथ में वायरस रूपी गदा भी थमाई गई थी। संस्था द्वारा सोशल साइट और फेसबुक पेज पर रावण दहन का ऑनलाइन प्रसारण किया था। आयोजन के बाद 151 किलो गिलकी के भजिए का प्रसाद भी बांटा गया।
छाता लगाकर खड़े रहे लोग
तिलक नगर के मैदान में भी रावण का पुतला दहन किया गया। हजारों लोग यहां पहुंचे थे। बारिश से बचने के लिए लोग छाता लगाकर खड़े रहे। जोरदार आतिशबाजी के बाद रावण दहन किया गया। एकता सहयोग समिति का यह रावण दहन का 37वां साल रहा। इस बार भारी बारिश को देखते हुए शाही स्नान कराने वाला 51 फीट का रावण तैयार किया गया था। रावण अपने दोनों हाथों से ब्रह्म चक्र लिए शाही स्नान कराते नजर आया।
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तिलक नगर में रावण दहन किया गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
101 फीट ऊंचा रावण
चिमनबाग मैदान पर वॉटर प्रूफ रावण तैयार किया गया था। दशहरा उत्सव समिति 48 सालों से चिमनबाग मैदान पर पुतला दहन का कार्यक्रम करती आ रही है। इस बार 101 फीट ऊंचा रावण तैयार किया गया था। मैदान में आकर्षक रंग बिरंगी आतिशबाजी की गई। बड़ी संख्या में लोग यहां रावण दहन देखने पहुंचे थे। इसके अलावा भी शहर में कई स्थानों पर रावण का पुतला जलाया गया।
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