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राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस: जनभागीदारी से दी कोरोना को मात, 11 करोड़ से ज्यादा डोज लगाकर MP ने पेश किया वैक्सीनेशन मॉडल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Tue, 15 Mar 2022 11:59 PM IST
कोरोना रोधी टीकाकरण में एमपी ने पेश की मिसाल।
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कोरोना महामारी ने देशभर में तबाही मचाई। मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण से हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे थे, लेकिन प्रदेश सरकार ने मुश्किल की घड़ी में धैर्य के साथ काम किया। कोरोना महामारी की वैक्सीन आते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में युद्धस्तर पर लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया गया। किसी बड़ी लड़ाई को जीतने के लिए सफल नेतृत्वकर्ता के साथ ही अथक परिश्रम, सफल नीतियों, दूरदर्शी और नवाचारी सोच का होना भी बेहद जरूरी होता हैं। संकट की इस घड़ी में बिना समय गवांए जनसहयोग और जनजागृति से इस महामारी को हराने का फैसला लिया गया। प्रदेश में सफल वैक्सीनेशन के लिए लोगों की जागरूकता सबसे बड़ा हथियार साबित हुई।   

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर मानना था कि यह युद्ध जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए है जिसे जनता ही लड़कर जीत सकती है। देशभर में मध्य प्रदेश के वैक्सीनेशन मॉडल की तारीफ की गई, क्योंकि इसे सफल बनाने के लिए की अभिनव प्रयोग और संवेदनशील निर्णय त्वरित लिए गए।
वैक्सीनेशन केंद्र पर मौजूद सीएम शिवराज सिंह।
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11 करोड़ से ज्यादा डोज लगाकर रचा कीर्तिमान
कोरोना से निपटने का हथियार सिर्फ टीकाकरण था, लेकिन लोगों को इसके प्रति जागरूक करना ही इस अभियान की सबसे बड़ी चुनौती थी, लिहाजा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के मार्गदर्शन में कोरोना को हराने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। इन अभियानों का फायदा ये हुआ कि जहां पहले प्रदेश की जनता कोरोना रोधी वैक्सीन से डरी हुई थी, बाद में वह न केवल भयमुक्त हुई बल्कि टीकाकरण अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, आस पास के लोगों, रिश्तेदारों को जागरूक किया और वैक्सीनेशन अभियान को सफल बना कर  पूरे देश के सामने एक मॉडल भी पेश किया। मध्य प्रदेश ने बता दिया कि हम सिर्फ स्वच्छता के मामले में नहीं बल्कि वैक्सीनेशन में भी अव्वल आ सकते हैं।
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MP में वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने खास भूमिका निभाई।
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प्रदेश में जनवरी 2021 में टीकाकरण महा अभियान का आगाज किया गया था। वैक्सीनेशन के लिए पात्र प्रदेश के हर नागरिक को टीकाकरण कराने की भागीदारी सुनिश्चित की गई। जन-भागीदारी के मॉडल के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों का अथक परिश्रम वैक्सीनेशन महा अभियान की सफलता का कारण बना, यही वजह है कि आज प्रदेशभर में कोरोना रोधी वैक्सीन के 11 करोड़ से ज्याादा डोज लगाएं जा चुके हैं। कोरोना रोधी वैक्सीन लगाने के मामले में मध्य प्रदेश ने अन्य राज्यों को पछाड़ते हुए कई कीर्तिमान भी स्थापित किए। गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने के मामले में भी प्रदेश अव्वल रहा। 

जनभागीदारी से मिली जीत
प्रदेश में 11 करोड़ से अधिक कोरोना रोधी वैक्सीन लगाने का कीर्तिमान स्थापित करने में प्रदेश के हर व्यक्ति का योगदान खास है। वैक्सीनेशन करने वालों ने जिस उत्साह के साथ लोगों को टीका लगाया, वैक्सीनेशन कराने के लिए लोगों  भी उसी उत्साह के साथ अभियान में शामिल हुए। जनभागीदारी के चलते ही प्रदेश में चलाया गया टीकाकरण महा अभियान सफल हुआ और प्रदेश के करोड़ों लोगों को वैक्सीन के डोज लगाए जा सके। अभियान को सफल बनाने में आम नागरिकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरूओं और कोरोना वॉलेंटियर्स ने विशेष योगदान दिया।
सब्जी बाजार में वैक्सीन लगाती स्वास्थ्य कार्यकर्ता।
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संक्रमण रोकने में माइक्रो मैनेजमेंट ने निभाई भूमिका
मध्य प्रदेश में  सिर्फ कोरोना रोधी टीके को लगाने के लिए ही अभियान नहीं चलाया गया, बल्कि टीकाकरण के साथ ही कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया गया।  जन सहभागिता और जनजागृति के बिना महामारी से निपटना आसान नहीं था। इसलिए प्रदेश सरकार ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनाने का अहम फैसला लिया, जो कि सफल और कारगार रहा। प्रदेश में वैक्सीनेशन के लिए गांव, वार्ड, ब्लॉक, शहर और जिला स्तर पर लोगों को जागरूक किया गया। जागरूकता फैलाने के लिए सरपंच-पंच, सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता, ए.एन.एम., ग्राम स्तर का अमला मुस्तैदी से जुटा रहा। जिनकी मदद से प्रदेश सरकार की योजना धरातल पर साकार हो सकी।
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कोरोना रोधी वैक्सीन लगवाते लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी।
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महामारी से निपटने के लिए सिर्फ टीका उपलब्ध होना जरूरी नहीं था, टीके के साथ ही उस पर विश्वास कर लोगों का टीकाकरण के लिए आना, सरकार का लोगों को जागरूक करना, जनता तक टीकाकरण से संबंधित संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सबसे ज्यादा आवश्यक था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में इन सभी आयामों पर विस्तृत तौर पर कार्य किया गया, जिसका परिणाम प्रदेश में वैक्सीनेशन कर बनाएं गए कई रिकॉर्ड है। फ्रंट वॉरियर, वरिष्ठजन, आम नागरिक, गर्भवती महिलाएं और बच्चे सभी को वैक्सीन लगाकर मध्य प्रदेश ने साबित किया है कि हम एक जुट होकर काम करें तो महामारी टिक नहीं सकेगी।
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