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Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर 50 मिनट में महाकाल के दर्शन कराने का दावा, जानिए कैसी रहेगी व्यवस्था
Fri, 17 Feb 2023 02:05 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 17 Feb 2023 02:05 PM IST
सार
Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर महाकाल के दर्शन करने में नहीं लगेगा ज्यादा वक्त, जानिए कैसी रहेगी व्यवस्था
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महाकाल मंदिर दर्शन व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
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देशभर में 18 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। शिवभक्तों को इस खास दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए लोग एक दिन पहले से ही शिवालयों में पहुंच जाते हैं। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर में भी महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु दर्शन करने उमड़ते हैं। इस वर्ष ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर सिंहस्थ महापर्व जैसे इंतजाम होंगे। भक्तों को चार गेट से 12 कतारों के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। आइए आपको यहां की व्यवस्थाओं के बारे में बताते हैं।
जानिए कैसी रहेगी पार्किंग की व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर तक पहुंचने के लिए चलेंगी नि:शुल्क बसें
पार्किंग से महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए 100 नि:शुल्क बसें चलाई जाएंगी। इनमें श्रद्धालु कर्क राज पार्किंग तक पहुंचेंगे। यहां जूता स्टैंड का इंतजाम रहेगा। यहां जूते-चप्पल उतारने के बाद श्रद्धालु दर्शन की कतार में लगेंगे। चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक होते हुए दर्शनार्थी मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करेंगे। यह संपूर्ण मार्ग करीब तीन किलोमीटर का रहेगा। इसमें तीन कतार में लगाए गए बैरिकेड्स से श्रद्धालुओं को मानसरोवर गेट तक लाया जाएगा। पूरे मार्ग पर छांव के लिए शामियाने लगाए गए हैं। इसके बाद कारपेट बिछाया जाएगा। इससे भक्तों को पैदल चलने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।
छह नंबर गेट से अलग-अलग कतार
मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करने के बाद भक्त महाकाल टनल से होते हुए छह नंबर गेट से परिसर में आएंगे, यहां से अलग-अलग कतार में भक्तों को कार्तिकेय व गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम में वर्तमान प्रवेश द्वार के अलावा दो और द्वार का निर्माण कराया गया है। इस व्यवस्था से अकेले कार्तिकेय मंडपम के तीन गेट से नौ कतारों के जरिए भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। नंदी हॉल के रेंप से भी तीन कतारें चलाई जाएगी। इस प्रकार चार गेट से 12 कतारों में भक्त भीतर प्रवेश करेंगे।
पार्किंग से महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए 100 नि:शुल्क बसें चलाई जाएंगी। इनमें श्रद्धालु कर्क राज पार्किंग तक पहुंचेंगे। यहां जूता स्टैंड का इंतजाम रहेगा। यहां जूते-चप्पल उतारने के बाद श्रद्धालु दर्शन की कतार में लगेंगे। चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक होते हुए दर्शनार्थी मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करेंगे। यह संपूर्ण मार्ग करीब तीन किलोमीटर का रहेगा। इसमें तीन कतार में लगाए गए बैरिकेड्स से श्रद्धालुओं को मानसरोवर गेट तक लाया जाएगा। पूरे मार्ग पर छांव के लिए शामियाने लगाए गए हैं। इसके बाद कारपेट बिछाया जाएगा। इससे भक्तों को पैदल चलने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।
छह नंबर गेट से अलग-अलग कतार
मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करने के बाद भक्त महाकाल टनल से होते हुए छह नंबर गेट से परिसर में आएंगे, यहां से अलग-अलग कतार में भक्तों को कार्तिकेय व गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम में वर्तमान प्रवेश द्वार के अलावा दो और द्वार का निर्माण कराया गया है। इस व्यवस्था से अकेले कार्तिकेय मंडपम के तीन गेट से नौ कतारों के जरिए भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। नंदी हॉल के रेंप से भी तीन कतारें चलाई जाएगी। इस प्रकार चार गेट से 12 कतारों में भक्त भीतर प्रवेश करेंगे।
संगीतमय प्रस्तुति देंगे कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
चार स्थानों पर प्रस्तुति देंगे कलाकार
महाकाल दर्शन करने आने वाले भक्तों में ऊर्जा का संचार होता रहे, इसके लिए चार मंगल वाद्य व भजनों की प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया गया। प्रशासक के अनुसार चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक व कर्कराज क्षेत्र में चार मंच लगाए जाएंगे, यहां कलाकार प्रस्तुति देंगे। उज्जैन के भस्म रमैया भक्त मंडल को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। मंडल के करीब 25 कलाकार झांझ डमरू की मंगल ध्वनी से वातावरण को शिवमय कर देंगे।
अलग-अलग रंग के जूता स्टैंड, टोकन भी उसी रंग का
इस बार महाशिवरात्रि पर जूता स्टैंड की व्यवस्था में नवाचार किया जा रहा है। प्रशासक के अनुसार चार अलग-अलग क्षेत्रों में बना जा रहे जूता स्टैंड का रंग अलग रहेगा। जिस रंग का जूता स्टैंड होगा, श्रद्धालुओं को उसी रंग का टोकन दिया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि मंदिर से बाहर आने के बाद श्रद्धालुओं को जूता स्टैंड तलाशने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
महाकाल दर्शन करने आने वाले भक्तों में ऊर्जा का संचार होता रहे, इसके लिए चार मंगल वाद्य व भजनों की प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया गया। प्रशासक के अनुसार चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक व कर्कराज क्षेत्र में चार मंच लगाए जाएंगे, यहां कलाकार प्रस्तुति देंगे। उज्जैन के भस्म रमैया भक्त मंडल को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। मंडल के करीब 25 कलाकार झांझ डमरू की मंगल ध्वनी से वातावरण को शिवमय कर देंगे।
अलग-अलग रंग के जूता स्टैंड, टोकन भी उसी रंग का
इस बार महाशिवरात्रि पर जूता स्टैंड की व्यवस्था में नवाचार किया जा रहा है। प्रशासक के अनुसार चार अलग-अलग क्षेत्रों में बना जा रहे जूता स्टैंड का रंग अलग रहेगा। जिस रंग का जूता स्टैंड होगा, श्रद्धालुओं को उसी रंग का टोकन दिया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि मंदिर से बाहर आने के बाद श्रद्धालुओं को जूता स्टैंड तलाशने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
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रंग बिरंगे जूता स्टैंड
- फोटो : अमर उजाला
लड्डू प्रसादी के लिए लगेंगे विशेष काउंटर
महाशिवरात्रि पर आने वाले दर्शनार्थी अपने साथ बाबा महाकाल का प्रसाद लेकर जा सके, इसके लिए भी मंदिर प्रशासन की तरफ से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रसादी के लिए पार्किंग के आस-पास काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्रसाद खरीद सकें। प्रसाद के खत्म होते ही यहां दोबारा प्रसाद के पैकेज भेजने की व्यवस्था भी की गई है।
पानी की चार लाख बोतल का इंतजाम
महाशिवरात्रि पर भक्तों को बोतल बंद पानी पिलाया जाएगा। मंदिर समिति 200 एमएल की चार लाख पानी की बोतल खरीद रही है। दर्शन की कतार में लगे भक्तों को पेयजल वितरण के लिए सामाजिक कार्यकर्ता व कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाएगी।
महाशिवरात्रि पर आने वाले दर्शनार्थी अपने साथ बाबा महाकाल का प्रसाद लेकर जा सके, इसके लिए भी मंदिर प्रशासन की तरफ से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रसादी के लिए पार्किंग के आस-पास काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्रसाद खरीद सकें। प्रसाद के खत्म होते ही यहां दोबारा प्रसाद के पैकेज भेजने की व्यवस्था भी की गई है।
पानी की चार लाख बोतल का इंतजाम
महाशिवरात्रि पर भक्तों को बोतल बंद पानी पिलाया जाएगा। मंदिर समिति 200 एमएल की चार लाख पानी की बोतल खरीद रही है। दर्शन की कतार में लगे भक्तों को पेयजल वितरण के लिए सामाजिक कार्यकर्ता व कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाएगी।
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प्रसाद और पानी की व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
आठ किलोमीटर की रहेगी बैरिकेडिंग
महाशिवरात्रि पर कर्कराज पार्किंग से चारधाम, त्रिवेणी, महाकाल महालोक में तीन लेयर बैरिकेड में करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में लगवाने बैरिकेडस लगाए गए हैं। इनमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर की लंबाई के बैरिकेडस मंदिर समिति ने स्वयं बनवाए हैं। जिन स्थानों पर बैरिकेडस लग चुके हैं, वहां मार्ग को धोकर साफ कर अब कारपेट बिछाने का काम शुरू होगा।
जीरो वेस्ट के सिद्धांत पर होगा आयोजन
महाशिवरात्रि दीपोत्सव को शिव ज्योति अर्पणम 2023 का नाम दिया गया है। पर्व पर 21 लाख दीप प्रज्जवलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाया जाएगा। इससे पहले उज्जैन में वर्ष 2022 में महाशिवरात्रि पर 11 लाख 71 हजार 78 दीये प्रज्जवलित करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था।
महाशिवरात्रि पर कर्कराज पार्किंग से चारधाम, त्रिवेणी, महाकाल महालोक में तीन लेयर बैरिकेड में करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में लगवाने बैरिकेडस लगाए गए हैं। इनमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर की लंबाई के बैरिकेडस मंदिर समिति ने स्वयं बनवाए हैं। जिन स्थानों पर बैरिकेडस लग चुके हैं, वहां मार्ग को धोकर साफ कर अब कारपेट बिछाने का काम शुरू होगा।
जीरो वेस्ट के सिद्धांत पर होगा आयोजन
महाशिवरात्रि दीपोत्सव को शिव ज्योति अर्पणम 2023 का नाम दिया गया है। पर्व पर 21 लाख दीप प्रज्जवलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाया जाएगा। इससे पहले उज्जैन में वर्ष 2022 में महाशिवरात्रि पर 11 लाख 71 हजार 78 दीये प्रज्जवलित करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था।
