{"_id":"598c18ed4f1c1b1d608b478e","slug":"phoolan-devi-birth-anniversary-phoolan-devi-unreadable-facts","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कच्ची उम्र में शादी, गैंगरेप से भी नहीं डरी ये महिला, 20 कत्ल, दुनिया में चर्चित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कच्ची उम्र में शादी, गैंगरेप से भी नहीं डरी ये महिला, 20 कत्ल, दुनिया में चर्चित
amarujala.com- Presented by: विजय जैन
Updated Thu, 10 Aug 2017 08:25 PM IST
विज्ञापन
फूलन देवी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के एक छोटे से गांव में आज के दिन पैदा हुई एक महिला पूरी दुनिया में चर्चित हो गई। कच्ची उम्र में शादी, गैंगरेप से भी नहीं डरी ये महिला। एक साथ 20 कत्ल किए।
फूलन देवी
- फोटो : self
हम बात कर रहे हैं दस्यु सुंदरी फूलन देवी की। फूलन देवी का जन्म उत्तर प्रदेश के जालौन के पास बने एक गांव पूरवा में 10 अगस्त 1963 में हुआ था। इसी गांव से उसका कहानी भी शुरू होती है। जहां वह अपने मां-बाप और बहनों के साथ रहती थी। कानपुर के पास स्थित इस गांव में फूलन के परिवार को मल्लाह होने के चलते ऊंची जातियों के लोग हेय दृष्टि से देखते थे। इनके साथ गुलामों जैसा बर्ताव किया जाता था। फूलन के पिता की सारी जमीन उसके भाई से झगड़े में छिन गई थी। फूलन के पिता जो कुछ भी कमाते वह जमीन के झगड़े के चलते वकीलों की फीस में चला जाता।
फूलन देवी
11 साल की उम्र में बूढ़े आदमी से हो गई थी शादी
फूलन इसी तरह के दमघोंटू माहौल में पलते-पलते अंदर से बदले की आग से जलने लगी। उसकी इस जलन को सुलगाने में उसकी मां ने भी आग में घी का काम किया। जब फूलन 11 साल की हुई, तो उसके चचेरे भाई मायादिन ने उसको गांव से बाहर निकालने के लिए उसकी शादी पुट्टी लाल नाम के बूढ़े आदमी से करवा दी गई। फूलन के पति ने शादी के तुरंत बाद ही उसका रेप किया और उसे प्रताडित करने लगा। परेशान होकर फूलन पति का घर छोड़कर वापस मां-बाप के पास आकर रहने लगी
फूलन इसी तरह के दमघोंटू माहौल में पलते-पलते अंदर से बदले की आग से जलने लगी। उसकी इस जलन को सुलगाने में उसकी मां ने भी आग में घी का काम किया। जब फूलन 11 साल की हुई, तो उसके चचेरे भाई मायादिन ने उसको गांव से बाहर निकालने के लिए उसकी शादी पुट्टी लाल नाम के बूढ़े आदमी से करवा दी गई। फूलन के पति ने शादी के तुरंत बाद ही उसका रेप किया और उसे प्रताडित करने लगा। परेशान होकर फूलन पति का घर छोड़कर वापस मां-बाप के पास आकर रहने लगी
विज्ञापन
विज्ञापन
फूलन देवी
मकान को ही कचरे के ढेर में बदल दिया
गांव में ही फूलन ने अपने परिवार के साथ मजदूरी करना शुरू कर दिया। यहीं से लोगों को फूलन के विद्रोही स्वभाव के नजारे देखने को मिले। एक बार तो जब एक आदमी ने फूलन को मकान बनाने में की गई मजदूरी का मेहनताना देने से मना कर दिया, तो उसने रात को उस आदमी के मकान को ही कचरे के ढेर में बदल दिया।
गांव में ही फूलन ने अपने परिवार के साथ मजदूरी करना शुरू कर दिया। यहीं से लोगों को फूलन के विद्रोही स्वभाव के नजारे देखने को मिले। एक बार तो जब एक आदमी ने फूलन को मकान बनाने में की गई मजदूरी का मेहनताना देने से मना कर दिया, तो उसने रात को उस आदमी के मकान को ही कचरे के ढेर में बदल दिया।
विज्ञापन
फूलन देवी समर्पण को जाते हुए
उस समय फूलन 15 साल की थी जब कुछ दबंगों ने घर में ही उसके मां-बाप के सामने उसके साथ गैंगरेप किया। बावजूद फूलन के तेवर कमजोर नहीं पड़े। उसके बाद गांव के दबंगों ने एक दस्यु गैंग को कहकर फूलन का अपहरण करवा दिया। बस यहीं से शुरू हुआ फूलन के डकैत बनने की कहानी और उसने 14 फरवरी 1981 को बहमई में 20 ठाकुरों को लाइन में खड़ा करके मारी गोली मार दी। इस घटना ने फूलन देवी का नाम बच्चे की ज़ुबान पर ला दिया था। फूलन देवी का कहना था उन्होंने ये हत्याएं बदला लेने के लिए की थीं।