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परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी

Mon, 11 Jan 2016 12:15 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 11 Jan 2016 12:15 PM IST
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परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी

illicit business of police uniform in moradabad

न शारीरिक परीक्षण, न लिखित परीक्षा, न ही कोई इंटरव्यू। बस चंद रुपए और आप बन गए दरोगा जी। देखिए खाकी का अवैध कारोबार।

परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी

illicit business of police uniform in moradabad

यूपी के मुरादाबाद में पुलिस की वर्दी का अवैध कारोबार खूब पनप रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में चौकाने जानकारियां हाथ लगी हैं।

परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी

illicit business of police uniform in moradabad

गली-मुहल्लों में धड़ल्ले से खाकी वर्दी की बिक्री परचून के सामान की तरह चल रही है। ग्राहक को वर्दी बेचने से पहले न तो उसकी पहचान पूछी जाती है और न ही आईडी मांगी जाती है।

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परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी

illicit business of police uniform in moradabad

कानून का मजाक देखिए कि अगर एक दरोगा बनने का सारा साजो-सामान चाहिए तो महज पांच हजार रुपए देकर आप मोरादाबाद की दुकानों से ले सकते हैं। वर्दी से लेकर जूते, कैप और बैज सब मिलता है। जिनकी आड़ में अक्सर अपराधी पुलिस बनकर अपराधों को अंजाद दे डलते हैं।

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परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी

illicit business of police uniform in moradabad

मुरादाबाद में पीएसी बल की तीन बटालियन, डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, पीटीसी, पीटीएस के साथ की पुलिस लाइन में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर है। जिनमें सिपाही, दरोगा, प्रोन्नत दरोगा, डिप्टी एसपी, आईपीएस, फायर और आबकारी के सिपाही और दरोगाओं को भी परीक्षण दिया जाता है। ऐसे में वर्दी की डिमांड रहती है। जिसको आईडी देखकर ही बेचने का नियम है।

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