लुधियाना के गांव ससराली में सतलुज दरिया किनारे तेजधार हथियार से वार कर मौत के घाट उतारे गए गांव ससराली निवासी बलकार सिंह की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ है। बलकार की हत्या उसी के छोटे भाई ने कराई थी। भाई को मौत के घाट उतरवाने के लिए उसने दो आरोपियों को सुपारी दी थी। यह हत्या जायदाद के लिए की गई थी।
Ludhiana Murder: छोटे भाई ने सुपारी देकर करवाई थी कारोबारी की हत्या, ये बनी हत्याकांड की वजह
चारों भाइयों में सबसे सफल था बलकार
पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तभ शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग मटीरियल का कारोबार करने वाले बलकार सिंह के तीन और भाई हैं। चारों में से बलकार सिंह का काम धंधा अच्छा था, जबकि बाकी नौकरी करते थे। गुरदीप सिंह सबसे छोटा था और विदेश जाना चाहता था। चारों भाइयों का एक सांझा प्लाट छह सौ गज का था जो गांव में है। गुरदीप चाहता था कि उस प्लाट को बेच कर उसे हिस्सा दिया जाए और वह उसी पैसों से विदेश जा कर सेटल होना चाहता था। बलकार सिंह चाहता था कि उस प्लाट के पैसे सही मिल जाएं ताकि चारों भाइयों में कुछ ज्यादा पैसे बंट जाएं। वह हर बार यही कह कर चुप करा देता था, लेकिन गुरदीप चाहता था कि उसे जल्द पैसे मिले।
बहाने से बुलाकर ले गए थे बलकार को
उसने प्लानिंग बनाई कि उसका एक भाई शरीफ है और दूसरा थोड़ा सीधा है। अगर बलकार को साइड लाइन कर दिया जाए तो वह प्लाट बेच सकता है। उसने अपने दोस्त सौरभ के साथ मिलकर प्लानिंग बनाई और आरोपियों को हत्या की सुपारी दे दी। 21 जुलाई को जब बलकार घर से निकला तो आरोपियों ने उसे बहाने से बुला लिया। वहां आरोपियों ने तेजधार हथियार से वार कर बलकार की हत्या कर दी और वहां से फरार हो गए। शाम करीब साढ़े चार बजे बलकार का फोन बंद हो गया। जीपीएस सिस्टम से कार ट्रेस की गई तो पता चला कि बलकार का शव झाड़ियों में पड़ा मिला था।
पुलिस के सवालों में ही उलझ गया आरोपी गुरदीप
पुलिस को पहले ही लग गया था कि हत्या की वारदात को किसी नजदीकी ने ही अंजाम दिया है। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि परिवार में प्लाट का विवाद चल रहा है। गुरदीप पर शक की सुई जाने पर सवाल किए गए तो गुरदीप पुलिस के कई सवालों में उलझ गया। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी कहानी बयान कर दी। इसके बाद आरोपी सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस फरार आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।
दिसंबर में भी गुरदीप ने ही कराया था हमला
बलकार को मौत के घाट उतारने की प्लानिंग पहली बार नहीं की गई थी। गुरदीप बलकार पर पहले भी हमला करवा चुका है। दिसंबर में बलकार पर कातिलाना हमला हुआ था। उसे अस्पताल पहुंचाया गया तो प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी। थाना टिब्बा की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो गुरदीप ने पुलिस को ही उलझा दिया। उसने पुलिस को बयान दे दिया कि यह एक एक्सीडेंट है, वह कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते। जिसके बाद बलकार का घर पर ही इलाज चलता रहा। जब बलकार ठीक हुआ तो वह शिकायत लेकर थाने पहुंच गया। जहां उसने सारी कहानी बताई तो पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसके बाद गुरदीप को शक हो गया कि अब पुलिस जांच करेगी और वह गिरफ्तार हो सकता है। इस पर उसने बलकार को मौत के घाट उतारने का पूरा प्लान तैयार किया और सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिया।