राजस्थान में लुटेरी दुल्हनों के कारनामे आए दिन सामने आते रहते हैं। शादी कराने के नाम पर लड़का पक्ष से मोटी रकम ली जाती है और फिर मौका मिलते ही ये दुल्हनें ससुराल से गहने और नगदी समेट कर फरार हो जाती हैं।
Rajasthan: पति ने अपनी पत्नी की चार शादियां करवाईं, लेकिन अब पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें क्यों कर रहा था ऐसा
Rajasthan: पति ने अपनी पत्नी की चार शादियां करवाईं, लेकिन अब पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें क्यों कर रहा था ऐसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानकारी के अनुसार अलवर जिले के बानूसर के मीणा मोहल्ले में रहने वाले हरिमोहन मीणा (36) की शादी तीन जून को असम के माधुनी में रहने वाली दीप्ति नाथ से हुई थी। शादी में हरिमोहन के परिवार ने आठ लाख रुपये खर्च किए थे। चार लाख रुपये असम के बालेता नलबारी में रहने वाले लोयकालिता को दिए थे और बाकी के रुपये शादी में खर्च हुए थे। शादी के कुछ दिन बाद ही उसे अपनी पत्नी दीप्ति पर शक होने लगा था। उसके लग रहा था कि वह भागने की फिराक में है। उसने ये बात अपने घर के सदस्यों को भी बताई थी।
21 जून की दोपहर एक कार उसके घर के बाहर आकर रुकी और उसमें बैठे ड्राइवर ने हॉर्न बजाया। हॉर्न की आवाज सुनते ही दीप्ति घर के अंदर से भागती हुई आई और कार में बैठ गई। पीछे से हरिमोहन का बड़ा भाई हेमराम बाहर आया, दीप्ति के भागने का अहसास होते ही उसने परिवार के अन्य लोगों को भी आवाज लगा दी। जिसके बाद सभी लोग कार के सामने खड़े हो गए, जिससे वे भाग नहीं पाए।
दोनों को पकड़कर पूछताछ की गई तो पता चला की कार में बैठा युवक लोयकालिता कोटपतली से कार लेकर आया था। दीप्ति घर के गहने और रुपये लेकर उसके साथ भागने वाली थी। इसके बाद परिजन दोनों को थाने ले गए। पुलिस ने दीप्ति से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है। लोयकालिता ही उसका पति है और उनके दो बच्चे भी हैं। पुलिस ने लोयकालिता से पूछताछ की तो वह हरिमोहन के परिवार पर दीप्ति को बहला-फुसलाकर अपने घर लाने का आरोप लगाने लगा।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सामने आया है कि आरोपी लोयकालिता ने दीप्ति से दूसरी शादी की थी। लोयकालिता अपनी पत्नी के साथ मिलकर लोगों को शादी के नाम पर ठगते था। आरोपी लोयकालिता अब तक दीप्ति की चार शादियां करा चुका है। आरोपी दीप्ति को अविवाहित बातकर उसकी शादी करता था। इसके बदले में वह लड़के वालों से मोटी रकम लेता था। शादी के कुछ दिन बाद दीप्ति लोयकालिता को अपनी लोकेशन भेज देती। करीब 15 दिन बाद दीप्ति घर में रखे गहने और रुपये समेटकर लोयकालिता के साथ फरार हो जाती, लेकिन इस बार इनका प्लान सफल नहीं हो पाया और दोनों पकड़े गए।
शादी के तीन दिन बाद घर जाने की जिद्द
हरिमोहन ने पुलिस को बताया कि शादी के तीन दिन बाद ही दीप्ति का स्वभाव बदल गया था। वह असम जाने की जिद्द करने लगी थी। कहती थी कि मम्मी-पापा की याद आ रही है, हमने जानकारी जुटाई तो पता चला कि उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी एक बहन है जिससे वह फोन पर बात करती थी। ऐसे में उस पर शक गहरा गया, लेकिन अब जब पकड़ में आई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। जिससे वह फोन पर बात करती थी वह उसकी बहन नहीं पति लोयकालिता था। वह उसके पल-पल की अपडेट देती रहती थी।
आरोपियों ने इस तरह फंसाया
हरिमोहन मीणा ने पुलिस को बताया कि उनके परिवार की कोटपूतली के पास सुंदरपुरा में रिश्तेदारी है। असम की ही रहने वाली एक महिला उनकी रिश्तेदार है। वह कई साल पहले शादी कर यहां आई थी और तब से यही रह रही है। उस महिला के पास दीप्ति के पति लोयकालिता ने कॉल किया था और दीप्ति की शादी कराने की बात कही थी। बात आगे बड़ी तो हरिमोहन दीप्ति से मिलने असम गया और फिर शादी की बात तय हो गई। शादी के लिए चार लाख रुपये लोयकालिता को दिए गए और इतने ही रुपये शादी में खर्च हुए थे। उसने पुलिस से कहा कि उसे भरोसा नहीं हो रहा कि जिसे वो अपनी पत्नी बनाकर घर आया था उसने उसे ठगने की योजना बनाई थी।